स्त्री का शरीर-1

हैलो फ्रेंड्स! उम्मीद करती हूँ आप सब ठीक होंगे और सब सेक्स के मज़े ले रहे होंगें। यह एक काल्पनिक स्टोरी है

लेकिन में आपको विश्वास दिलाती हूँ कि इसे पढ़कर कर आप रोमांचित हो जाएंगे। इसमें मैंने एक लड़के(मुख्य पात्र)

का किरदार निभायी हूँ । चलिए अब antarvasna story शुरू करती हूँ।

मेरा नाम दीपक(काल्पनिक नाम) हैं और मेरी उम्र 23 वर्ष है। मेरा रंग गोरा और अच्छी बॉडी, पर्सनालिटी का बन्दा हूँ।

मेरा लंड भी काफी लंबा हैं मैंने कॉलेज में अच्छे अच्छे लड़कियों का कांड किया हुआ है यहाँ तक कि मैंने एक टीचर की

भी ठुकाई की है।

कॉलेज में सबसे पॉपुलर लड़का हूँ।

बाकी मेरे कारनामों के बारे में घर में किसी को पता नहीं हैं। मेरे घर में मम्मी पापा और मेरे दो भाई हैं विक्की और

लकी। विक्की की उम्र 20 और लकी 17 साल हैं। ऐसे हम घर में पाँच लोग हैं। वैसे तो मम्मी पापा पढ़े लिखे समझदार

हैं। लेकिन उन्हें शुरू से ही एक बेटी चाहिए थी।

इसलिए उन लोग ने तीन बार कोशिश की और तीनों बार हम जैसे मक्कार लड़के हुए ।

मम्मी का कहना था घर में लड़की होने से घर मे अलग ही चहल पहल बनी रहती। घर में लक्ष्मी रहती मेरे साथ बातें

करती। साथ में शापिंग करते और सबसे बड़ी बात मेरा कामो में हाथ बटाती और उसको खूब पढ़ाती उसकी धूमधाम से

अच्छे से शादी कराती वो हमारे साथ साथ अपने ससुराल का भी नाम रोशन करती। पापा की भी लगभग ऐसी ही सोच

है। हम लोगों पर दिन भर ताने मारे जाते कोई काम के नहीं है लड़के लोग कुछ काम नहीं करते बिस्तर तक नहीं उठाते

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आलाल कहि के अगर कोई लड़की होती तो ये सब नही देखना पड़ता। वगेरह वगैरह। खैर ये सब तो हमारे लिए आम

बात हो गयी थी।

मम्मी अंकल गोलमाल !!

मेरी सोच लड़कियों और महिलाओं के बारे में अलग थी मैं उनको कमजोर, पुरुषों के नीचे रहने वाली। पुरूष समाज में

सेविका के रूप में मानता था। मम्मी को छोड़कर कर किसी की इज्जत नहीं करता था।

ऐसे ही कई दिन बीत गए। कॉलेज में भी कुछ लड़कियां बुरा भला कहने लगी कि उनको मैंने यूज़ किया। धोखा दिया।

कई ने ये कहा कि तुम्हारे साथ ऐसा होता तो तुमको पता चलता तुम कितने कमीने हो और भी बहुत कुछ। मैंने उनसे

कहा जाओ अपना काम करो ऐसा कुछ नहीं होने वाला। और उनको दो चार बातें बोलकर वहाँ से निकल गया।

आज का दिन बहुत ख़राब गया था दिनभर से लोग चिल्लाने के अलावा कुछ कर ही नहीं रहे थे मैं मन ही मन बड़बड़ा

रहा था कि भगवान ने स्त्रीजात को बनाया ही क्यों? और रात को खाना खाकर सो गया। मुझे रात में नींद ही नहीं आ

रहा रही थीं सिर में बहुत दर्द हो रहा था। और शरीर में अजीब सी हलचल मची थी लेकिन जैसे तैसे मैं सो गया।

सुबह मेरी नींद खुली पूरा शरीर बहुत दर्द दे रहा था। जैसे ही मैं उठा और आईने की और देखा तो मेरे होश ही उड़ गये मैं

डर गया। आईने में कोई लड़की दिख रही थी मैं जोर से चिल्ललाया। फिर मैंने खुद को देखा मेरे लम्बे लम्बे बाल हैं।

बहू की बुर चुदाई

इतने में रूम में मम्मी पापा और मेरे भाई लोग आ गये। और मुझे देख कर चौक गए । मेरी मम्मी बोली कौन हैं तू

लड़की और मेरे बेटे के रूम में क्या कर रही हैं और मेरा बेटा कहा है? मैंने बोला मैं आपका बेटा हूँ। पता नहीं क्या हो

गया मम्मी? फिर मम्मी बोली- पागल लड़की सुबह सुबह ये कैसा मज़ाक कर रही हैं एक झापड़ मारूंगी सारा मज़ाक

उतर जाएगा और ये बता मेरा बेटा कहा छुपा बैठा है।

मैं रोते-रोते बोला अरे मम्मी! मेरी बात का विश्वास करो पता नहीं रात में मेरे साथ पता क्या हुआ लगता हैं किसी ने

जादू टोना कर दिया हैं। मुझे लड़के से लड़की बना दिया।

मम्मी ने आकर मुझे छुआ और देखने लगी फिर मैंने कुछ पुरानी बातें बतायी सिर्फ हम घर वाले जानते थे। सब लोग

बहुत हैरत में की मेरे साथ ये क्या हो गया मेरे भाई और पापा को भी विश्वास नहीं हो रहा था कि ये सब सच है। फिर

जैसे तैसे सबने मेरी बात मानी। और मम्मी बोली बेटा चिंता मत कर मैं एक ज्ञानजी बाबा को जानती हूँ। वो जरूर तुझे

फिर से लड़का बना देंगे। तू अभी फ्रेश हो जा और थोड़ा सा आराम कर ले ठीक लगेगा। फिर सब लोग चले गए।

मैं बाथरूम में आ गया थोड़ी देर बैठकर रोया कि क्या हो गया मेरे साथ क्या हो गया। फिर मैं उठा और अपने आँसू

पोछें और अपने आप से कहा मम्मी ने बोली है सब ठीक हो जाएगा। फिर मैंने अपने आपको आइने में अच्छे से देखा

मेरे बाल लम्बे हो चुके थे मेरी हाइट छोटी हो चुकी हैं जो कि 6.1 फुट थी वो अब सिर्फ 5.2 फुट ही हैं। मेरे चेहरे में एक

भी बाल नहीं हैं जिनमें घनी बियर्ड हुआ करता था। मेरा चेहरा पहले से ही गोरा था लेकिन अब मेरी स्किन काफी

चिकनी मुलायम हो गयी थी गालों पे डिम्पल भी बन रहे थे। मेरी आवाज़ भी बदल गयी हैं बिल्कुल पतली प्यारी सी

लड़कियों वाली आवाज।

स्त्री और समाज-3

मैंने टीशर्ट और लोवर पहना हुआ था। मैंने देखा कि मेरी छाती काफी फूली हुई हैं और टीशर्ट भी टाइट हो रही हैं और

मेरे दानेदार निप्पल्स भी टीशर्ट में उभर रहे हैं। फिर मुझे याद आया तभी मेरे भाई लोग बार बार मेरी छाती की ओर

क्यो देख रहे थे। फिर मैंने अपनी टीशर्ट उतारी मैं तो हैरान ही रह गया मेरी छाती अब छाती नहीं बड़े-बड़े बूब्स बन चुके

थे काफी सॉफ्ट बाउंसी और गोल-गोल देख के यकीन नहीं हो रहा था। फिर मुझे पेशाब लगा मैं टॉइलेट शीट की ओर

आगे बढ़ा और एक हाथ से लोअर नीचे किया और अपने लंड को पड़कने लगा। लेकिन कुछ पकड़ में नहीं आया। फिर

मैंने नीचे देखा मेरा लण्ड तो गायब हो चुका हैं। मुझे बहुत दुःख हो रहा था मेरा लम्बा सा लण्ड अब मेरे पास नहीं हैं।

फिर हाथ और नीचे डाला तो पता चला एक दरार सा हैं और उसमें छेद हैं मैं समझ गया कि मेरे पास लंड की जगह चूत

आ गयी हैं मैं खड़े खड़े पेशाब करने लगा मेरा सारा पेशाब मेरे ही जांघ और लोवर में गिर रहा हैं मैं बोला अरे यार क्या

मुसीबत हैं फिर मैं लड़कियों की तरह नीचे बैठकर पेशाब करा। मेरी लोअर गीला हो चुका था तो मैंने उसे भी उतार

दिया। फिर मैंने आईने में देखा मेरी कमर काफी पतली है और मेरा पिछवाड़ा थोड़ा उठा हुआ है मेरी गांड बहुत सेक्सी

लग रही हैं। मेरा पूरा बॉडी फिगर किसी मॉडल से कम नहीं लग रहा हैं। फिर मैं नहाने लगा ।

थोड़ी देर बाद बाहर से मम्मी की आवाज़ आयी, बेटा तू ठीक तो है ना? मैंने बोला हाँ ठीक हूँ मम्मी! अभी नहा रहा हूँ।

फिर उन्होंने बोला कि बेटा तेरे लिए कपड़े लायी हूँ इन्हें पहनकर तैयार हो जाना फ़िर हम ज्ञानीजी बाबा के पास चलेंगे

। मैंने बोला ठीक है। फिर मम्मी चली गयी।

पहले पति ने चोदा फिर पिता ने

फिर मैं नहा के बाहर आया मैंने मैंने देखा बिस्तर पर सलवार सूट रखा हुआ है। जो मम्मी ने स्नेहा( मेरे मामा की

लड़की) को बर्थडे में गिफ्ट देने के लिए खरीदा था। मेरा दिमाग़ ख़राब हो गया मैंने अपने जीन्स टीशर्ट निकाले और

पहन लिए। उतने में मम्मी और बोली ये क्या पहन लिए तूने मैं तेरे लिए कपड़े लायी थी ना? मैंने बोला मुझे नहीं

पहनना लड़कियों वाले कपड़े। मम्मी बोली देख ये सब अच्छा नहीं लगेगा कोई देखेगा तो क्या बोलेगा किसकी लड़की

कपड़े पहनने का ढंग नहीं और हम बाबाजी के पास जा रहे हैं इन कपड़ो में नहीं जा सकते। मैं तेरे लिए नई ब्रा पेंटी भी

लायी साइज में बड़े हो सकते हैं लेकिन अभी काम चल जाएगा बाद में दूसरे खरीद लेंगे। मैंने मम्मी को बोला क्या

मम्मी आप भी। और उनके बार बार बोलने पे मान गया। वो तू कपड़े पहनकर मेरे कमरे में आ जाना फिर मम्मी चली

गयी । फिर मैंने दरवाजा बंद किया। फिर मैं कपड़े पहनने लगा पेंटी ठीक ठाक जैसे तैसे फिट आ ही गयी लेकिन ब्रा

का साइज बड़ा था शायद ये मम्मी के ही रहे होंगे । फिर मैंने सलवार सूट पहना और आईने में देखा। मैं खाफी

ट्रेडिशनल भारतीय लड़की की तरह लेकिन बहुत बहुत खूबसूरत लग रहा था। ब्रा पहनने से मेरे बूब्स पहले से काफी

उठे हुए बड़े लग रहे थे टीशर्ट में उतना समझ नही आ रहा था लेकिन इसमें तो पहले से ज्यादा हॉट लग रहा था मैं।

सूट में मेरे बूब्स का ऊपरी हिस्सा जहाँ दोनो बूब्स जुड़ते हैं बीच में आकर्षक दरार बन रही थी और हल्के हल्के बूब्स भी

दिख रहे थे यदि मैं झुक जाऊ तो अच्छे अच्छे का खड़ा हो जाये । फिर मैंने ये सब छुपाने के लिए दुप्पटा को गले मे

डाल लिया और उसे थोड़ा नीचे कर दिया। फिर मम्मी के रूम में चला गया। मम्मी मुझे सलवार सूट में देख कर बहुत

खुश हुई बोली तू तो बहुत सुंदर लग रहा है मैं बोला क्या मम्मी आप भी मज़े ले रही है मैं परेशान हो रहा हूँ। वो बोली

कोई बात नहीं बेटा इधर आ सब ठीक हो जाएगा। फिर उन्होंने जबरदस्ती मेरा मेकअप कर दिया लिपस्टिक लगा दी

और मेरे बालों को अच्छे से तैयार कर दिया। फिर उन्होंने मेरा चेहरा आईने की तरफ किया मैंने देखा कि मैं बहुत

खूबसूरत लग रहा हूँ और मेरी सकल मम्मी काफी मिल रही हैं। फिर मम्मी बोलती हैं तू तो एकदम मेरे जैसा लग रहा

हैं अगर मेरी बेटी होती तो तेरी ही जैसी दिखती।

फिर हम बाहर आ गए और पापाजी के साथ ज्ञानी बाबा जी के पास जाने के लिए निकल गए। करीब वहाँ 2 घण्टे में

पहुँच गये। फिर हमने उसको सारी बात बतायी वो भी आश्चर्य से मुझे देखा उसको भी यकीन नहीं हो रहा था फिर

उसने मेरी कुंडली नक्षत्र और बहुत सी जानकारी ली फिर वह बोला कि ऐसी घटना मैं अपने पूरे जीवन काल में पहली

बार देख रहा हूँ। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं इस प्रकार की घटनाओं का वर्णन वैदिक काल की कथाओं में

मिलता हैं। जिसमे यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य प्राणी जगत के लोगों जैसे जानवरों पक्षियों। के बारे में गलत

धारणा व्यक्त करता है तो वह उसी जीव में परिवर्तित हो जाता हैं और तब तक रहता हैं जब तक वह उसकी धारणा

बदल नहीं जाती। फिर उनसे हमने पूछा कि इसमें कितना समय लगेगा तो वो बोले तुम्हारे नक्षत्र के अनुसार लगभग

एक साल एक सयोंग बन रहा हैं यदि तब तक तुम्हारी लड़कियों के प्रति धारणा नहीं बदली तो तुम हमेशा के लिए

लड़की बने रहोगे और पूरा जीवन इस इसी तरह लड़की के रूप में व्यतीत करना होगा।

मैं इस एक साल वाली बात सुनकर बहुत डर गया एक साल तक कैसे मैं लड़की बना रह सकता हूँ मैंने उनसे कहा कोई

और तरीका उन्होंने कहा कोई और तरीका नहीं है। फिर हम उदास ही चले आये। मुझे बहुत बेकार लग रहा था । मम्मी

ने मुझे संभाला और बोली लगता हैं भगवान की भी यही इक्षा हैं और हँसते हुए बोली इसी बहाने हमारी बेटी वाली भी

सगी बहन की बुर और लंड का मिलन

इक्षा पूरी हो जायेगी। मैं बोला क्या मम्मी आप भी। फिर हम घर आते वक्त मार्केट में रुके और पापा को ऑफिस में

कुछ काम था तो वो चले गए। मम्मी बोली तेरे लिए कुछ कपड़े खरीद लेते हैं और हम शॉपिंग करने लगे वहाँ कुछ

लड़के भी थे जो मुझे घूर रहे थे। मुझे अजीब सा लग रहा था फिर हमने मेरी साइज की ब्रा पेंटी लिए और काउन्टर पर

आ गये काउन्टर पर लड़का मुझे ही देख रहा फिर मैंने गौर कि मेरा दुप्पटा ऊपर गया हैं मेरे बूब्स की दरार साफ दिख

रही है। फिर मैंने दुप्पटा ठीक किया और पैसे दिए और हमने ऑटो लिया और घर आ गये।

आप लोगों को कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताएं।

कहानी का अगला भाग भी तैयार हैं। आपको चाहिए या नहीं मुझे [email protected] में करके जरूर

बतायें।

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