हवस की भूखी सासु मां की चुदाई

मेरे ठरकी ससुर जी ने दूसरी शादी कर ली थी। और उन्होंने जिससे शादी करी थी वह औरत जवान, खूबसूरत, हसीन, और बहुत ही ज्यादा सेक्सी थी। रिश्ते में तो मेरी वह सासू मां लगी, लेकिन वह इतनी ज्यादा हॉट और सेक्सी थी कि मैं अपने ही ससुर से जलता था।

की साले बुड्ढे ने मुझे तो अपनी गुस्सैल बेटी पकड़ा दी और खुद इतनी सेक्सी औरत से शादी कर ली।

मेरी छुट्टियां चल रही थी तो मैं काफी दिन से अपने मायके में ही रुका हुआ था। वहां मुझे यह पता चला कि सासु मा ससुर जी से संतुष्ट नहीं है

और हो भी कैसे सकती थी उस बुड्ढे की उम्र 60 साल थी और सासू मां की उम्र लगभग 35 साल की होगी। बुड्ढे के लंड में इतना दम नहीं था कि वह सासु मां की अंतर्वासना को शांत कर सके।

और सासू मां भी काफी अश्लील और वासना से भरी रहती थी जो कि हमेशा मैंने उनकी आंखों में देखा था। वह हमेशा मेरे साथ बहुत ही ज्यादा चिपकती थी और मेरे से बहुत ही ज्यादा मिलनसार थी।

तुम मुझे कहीं ना कहीं लगता था मेरी हवस की पूजारन सासू मां चुदाई करवाना चाहते हैं।

लेकिन मैंने यह सब करने का कभी नहीं सोचा, क्योंकि मुझे यह बहुत ही अजीब सा लगता था।

परंतु उस रात सब कुछ बदल गया जब मैं सोफे पर बरामदे में सो रहा था। और सासू मां अचानक मेरे पैरों के पास आकर बैठ गई।

मैं आधी नींद में था और सासू मां मेरे पास आकर बैठे हैं।

सासू मां ने धीरे-धीरे अपने हाथों को मेरे पैरों पर सोहराना चालू कर दिया। वह मेरी छाती को छू रही थी मुझे स्पर्श रही कर थी, मेरी गांड पर हाथ मार रही थी

तो मेँ अचानक से उठ गया और बोला – सासू मां… क्या कर रही है?!

सासू मां – ससस!!!! उन्होंने मेरे मुंह पर उंगली रख दी और बोली – मुझे पता है तुम्हें भी यह चाहिए।

मैंने बोला – लेकिन सासू मां यह तो गलत है ना?!

सासू मां-  कुछ भी गलत नहीं है, हवस कुछ भी नहीं देखती है और मुझे तुम्हारी हवस है।

और सासू मां ने मेरे होठों पर एक चुम्मा दे दिया, इसके बाद हम दोनों एक-दूसरे की आंखों में देखते रहे कुछ देर तक,

फिर हम दोनों एक दूसरे से चिपक गए और हम दोनों में चुम्मा चाटी चालू हो गई।

सासू मां यहां पर अपनी रात रंगीन करने आई थी और मैं उन्हें खाली हाथ कैसे जाने दे सकता था। तो मैं सारी सही/गलत, माँ बेटा चुदाई वाली बकचोदी भूल गया और बस सासु मां की चुदाई करने में लग गया।

मैंने साहू सासू मां का पल्लू खोल दिया और धीरे धीरे उनको घुमा-घुमा के उनकी पूरी साड़ी उतार दी

सच में बहुत ही मजा आ रहा था!!!!!!!!

उनके बड़े-बड़े स्तन बलाउज से दिख रहे थे जिसे.. मैं और भी ज्यादा उत्तेजित हो रहा था।

सासू मां ने मेरी पैंट उतारी और मेरे लंड को अपने बलाउज के अंदर डाल दिया। फिर वह मेरे लंड पर अपने बड़े बड़े स्तनों को ऊपर नीचे रगड़ने लगी।

सच में…. इतना.. ज्यादा कामुकता आनंद लेकर… मेरे लंड से तो बस पानी से टपक रहा था।

मुझसे रहा नहीं या मैंने जल्दी से सासू मां को सोफे पर लिटा दिया। और मैंने उनकी पेटीकोट खोल कर उन्हें नंगा कर दिया। उनकी दोनों टांगों को सिर तक पीछे करा और अपना लंड पूरी ताकत से उनकी चूत में घुसा दिया।

सासू मां एकदम से चीख पड़ी – आ.. आ.. आह!! आह!!!,

तो कोई हमारी आवाज सुन ना ले, मैंने उनका मुंह दबा दिया।

और हवास की भूखी सासु मां की चुदाई करने लगा।

सासू मां वासना भरी आवाज में – आ… आ… ओह्ह…..! सुनील (मेरा नाम ) तुम्हारा लंड तो बहुत ही फौलादी है, रे!!!!

तुम तो मेरी बेटी को जबरदस्त शारीरिक संतुष्टि देते होंगे।

मैंने बोला – यह बात आप मेरी बीवी से ही पूछ लेना. सासू मां…। अभी उसका नाम मत लो, अभी मैं बस आप की चुदाई करना चाहता हूं।

और मैंने सासू मां के दोनों ब्लाउज के बटन खोल दिए उनके निप्पल को अपनी उंगली से पकड़ कर। सासू मां की चूत की दबा-दबा कर चुदाई करने लगा।

मैं अपना पूरे दमखम से सासु मां की चूत को चोदे जा रहा था। और मैं चोदते चोदते हैं उनकी चूत के ऊपर उंगली भी कर रहा था जिसे सासू मां को बार-बार चरम सुख की प्राप्ति हो रही थी।

सासू मां – हां!!! सुनील… ऐसे.. ही.. चोदो… मुझे… तुम्हारा बुड्ढा ससुर तो कुछ नहीं कर पाता।

अपनी सासू मां को चोद, उसे सारा चरम सुख की प्राप्ति करा दो बेटा।

मैंने सासु मां के दोनों टांगों को अपने कंधों पर रखा और उनके बड़े बड़े स्तनों को अपने हाथों से पकड़ा। और बंदूक की तेजी से मैं सासू मां की चुदाई प्रचंड तरीके से करने लगा। सासू मां को गजर-गजर, खबर-खबर चोदे ही जा रहा था।

सासू मां वासना आनंद के मारे अपने सिर को दाएं-बाएं हिला रही थी और बोले जा रही थी – आ! आ! आ! आ! आह!! ऐसे..  ही ..चोदो …अपनी …सासु …के …बेटा….

तुम मेरी बहुत ही बढ़िया चुदाई कर रहे हो….. हां! हां! पूरा लंड घुसा दो!!!!!!

और मैं सासू मां की इन शरारती बातों को सुनकर और भी ज्यादा उत्तेजित हो रहा था।

सासू मां को और भी ज्यादा कामुकता आनंद देने के लिए मैं उनके चुचों के ऊपर थप्पड़ मार रहा था और उन्हें आटे की गुंडे की तरह दबा रहा था।

मैं उनके बड़े बड़े स्तनों को इतनी जोर से दबा कर चोद रहा था कि उनके ऊपर लाल निशान बन गए

और बस कुछ ही शरण में मेरा और सासू मां दोनों का चरम सुख होने वाला था।

जैसे ही मेरा चरम सुख होने वाला था मैंने पूरी ताकत से अपना लंड सासू मां की चूत में घुसा दिया।

और अपने लंड मैसे सारा माल सासु मां की चूत में भर दिया

मैंने अपने लंड की बूंद-बूंद की मलाई सासू मां की चूत में भरदी।

और फिर थकान के मारे मैं सासू मां के स्थानों पर ही गिर गया और जोर-जोर से सांसे भरने लगा।

सासू मां के भी सांसे मेरी सांसों के साथ चल रही थी और हम दोनों को अति चरम सुख आनंद प्राप्त हुआ, उस दिन।

अगले दिन सुबह,

सासू मां बहुत ही ज्यादा खुश होकर अपना काम कर रही थी और बढ़िया-बढ़िया नाश्ता बना रही थी।

तभी मेरे ससुर जी बोले – क्या बात है… भागवान…. आज तो तुम बहुत ही खुश हो!!

सासु मां ने हंसते हुए खुशी से बोला – मैं कितनी नसीब वाली हूँ कि मुझे तुम्हारे जैसा पति और इतना अच्छा दमाद मिला है।

ससुर जी – हां यह बात है दमाद जी तो बहुत ही अच्छे हैं।

परंतु उन्हें क्या पता था इसी अच्छे दामाद ने उनकी सुंदर सेक्सी बीवी को रात भर चोदा है। और परिवार में चुदाई कर डाली, और अब उनकी प्यारी सी बेटी की बारी है।