सामने वाली नर्स भाभी को उठा पटक कर चोदा

अभय ने अपनी कहानी में किसी और की बीवी के साथ सेक्स किया। अपने से बड़ी उम्र की औरत के साथ सेक्स करना तो आज कल के जवान लड़को का सपना है जो अभय ने पूरा कर लिया। अपनी हिंदी सेक्स कहानी सामने वाली नर्स भाभी को उठा पटक कर चोदा में अभय ने बताया की कैसे उन्होंने मौका देख कर चुका लगा दिया। अभय की कहानी काफी कामुक तो है ही साथ ही उन्होंने भाभी के साथ बिताया हर एक लम्हा काफी अच्छी तरीके से बताया है। 

हेलो सभी लॅंड धारियों को प्रणाम और सभी चुतो को मेरे लंड का प्रणाम। मैं अभय राठौर(नाम बदला हुआ) जयपुि से और मेरे लंड की मुलाकात जिस चुत से हुई उसका नाम है सरिता चौधिी(नाम बदला हुआ) अब कहानी पि आते है। 

बात है 2 साल पहले की जब में जयपुर में एक अपार्टमेंट में रहता था और जयपुर में ही जॉब करता था। मैं पहली मंजजल पे रहता था और उसी बिल्डिंग के सामने वाले फ्लैट में एक अंकल रहते थे उनका ट्रांसवर हो गया तो उसमे उनके बाद कोई एक भाभी रहने आई जिसका नाम था सरिता। उनके 2 बच्चे भी थे, भाभी को जब पहली बार देखा तो लगा ही नहीं की वो दो बच्चो की माँ है। 

जब पहली बार देखा तभी लगा की बस इस से अपने लंड की प्यास जरूि भुझानी है माफ़ करना भाभी के शरीर के बारे में बताना भूल गया भाभी के बोबे 36 और गांड देख के ऐसा लगता है की ऐसे हो कह रही हो आओ इसमें लंड डालो।

भाभी अपने बच्चो के साथ अके ली ही रहती थी और पति कभी कभी महीने में एक बार आया किता था । इस बात को जानकि मुझ मेरा विश्वास और बढ़ गया की इसे तो चोद कि ही दम लेना है । भाभी किसी हॉस्पिटल में नर्स का काम किती थी।

अब भाभी का हॉस्पिटल जाने का टाइम हमेशा सुबह होता था और मेरे ऑफिस जाने का भी इस कारण मैं हमेशा उनके साथ ही निकला करता था जिस से उनके बोबे और गांड निहार सकू, और अगर कभी लेट भी हो जाता था तो जब भी मैं पहले बाहगर निकल कर भाभी को देखता था फिर बाद में अपना काम करता था। कुछ दिन में ही ये बात तो भाभी भी जान गई थी की मैं उन्हें छुप छुप कर देखता हूँ और मेरी नजर सिर्फ इनके दूधिया स्तनों और रस भरी गांड पर ही होती है।  

ऐसे ही कही दिन बीत गए एक दिन गर्मिओ की बात है भाभी के बच्चे छुट्टियों पे गए हुए थे और भाभी अकेली थी, मैं ऑफिस से आया था तो वो गेट पर ही थी तो उन्होंने मुझे आवाज लगाई और कहा ” सुनो वो क्या है न मेरा फ़ोन चल नहीं रहा है क्या टीम एक बार देख लोगे ? “

मैं भी की ऐसा ही चाहता था की किसी दिन भाभी से अकेले में बात करने का मौका मिले। मेरी पहले भी भाभी से कई बार बात हुई थी पर हमेशा उनके साथ कोई न कोई होता था। 

तो में भी कहा “में कपडे चेंज बदल कर अत हूँ पहले फिर आराम से देखूगा। “

मैं अपने फ्लैट में गया पायजामा और टीशर्ट पहन कर वापस भाभी के बाद चला गया वापस जाते जाते मेरा लंड खुद ही खड़ा होने लगा जिसे मैं किसी तरह भाभी के सामने छुपता रहा , भाभी ने छोटी निकर और टीशर्ट पहनी थी जिसमे वो काफी कामुक लग रही थी। 

मैं गया और सोफे पर बेठ गया और उसके बाद वो भी मेरे सामने वाले सोफे पर बैठ गई। और मैं फ़ोन में देखने लगा और एक बार अपने फ़ोन से उनके फ़ोन पर कॉल किया तो देखा की होने में सिम कार्ड सही से नहीं लगा था। मैंने जल्दी से उसे सही से लगाया और अपने फ़ोन से उनको फिर कॉल किया तो भाभी का फ़ोन सही हो गया।

उसके बाद भाभी के फ़ोन में मेरा नंबर चला गया था। तभी भाभी मेरे लिया कुछ खाने पीने के लिए ले आई। बस फिर क्या मैं उनके शरीर को गन्दी नजरो से देखता रहा और चाय सड़क सड़क कर पिता रहा। कुछ देर यहाँ वह की बाते करने के बाद मैं घर चला गया। 

कुछ देर बाद रात के करीब 9 बजे भाभी ने मुझे व्हाट्सप्प पर मैसेज किया “थैंक यू” तभी मैं समज गया था की अब मेरा यहाँ कुछ हो सकता है। उसी रात फिर हम दोनों की बाते स्टार्ट हो गई वो भी अकेली थी और मैं भी। रात को करीब 12 बजे तक बाते चली फिर मैंने बोला अब सो जाते है रात काफी हो गई है।  

तो वो बोली “मुझे अकेले नींद नहीं आती मुझे डर लगता है”

मैंने बोला “मेरे यहाँ आजाओ यहाँ  सो जाना सुबह जल्दी चले जाना”

उसके बाद मैं सोचने लगा की कोई अगर भाभी को मेरे यहाँ देख लेगा तो बवाल हो जायेगा। 

कफि जो उन्होंने बोला वो सुन कर मैं नाचने लग गया। भाभी ने बोला “एक काम करो तुम यहाँ आजाओ तुम सुबह चले जाना”

मैंने थोड़ा सोचने के बाद बोला ठीक है दरवाजा खोलो मैं आपके यहाँ आता हूँ। 

उसके बाद  में वहा चला गया, भाभी के घर मैं डूबल bad था उस पर हम सो गए

अब मुझे तो नींद ना आये क्युकी जिसके सपने देखे थे वो बगल में सो रही थी। 

अब मैं कोर्शश करने लगा की इसे कै से चोदा जाये मैं धीरे धीरे उनके पैर पर अपने पैर लगाया और ऊपर तक ले गया। 

उसके बाद मैंने सेक्सी भाभी की सेक्सी कमर पर हाथ रखा और भाभी एक दम से हिलने लगी और मैंने हाथ पीछे कर लिया। उस वक्त सुच मैं मेरी गांड ही फट गई थी। 

उसके बाद भाभी बोली क्या हुआ ? नींद नहीं आ रही क्या ? मैंने कहा नहीं आ रही। भाभी बोली अब सो जाओ न काफी रात हो गई है। ये बोल कर भाभी फिर सो गई अब उन्ही मैं बताता भी तो क्या बताता। उनकी गांड को देख मेरे लंड की नसों में जो दर्द हो रहा है मैं उसी वजह से नहीं सो पा रहा हूँ।  

मैंने कुछ देर बाद फिर अपनी हरकते चालू कर दी। मैंने पहले तो अपना हाथ उनकी कमर पर रखा और उनकी कमर प्यार से सहलाता रहा। भाभी ने मेरी इस हरकत का कोई जवाब नहीं दिया। मुझे लगा की भाभी गहरी नींद में है अच्छा यही होगा की मैं उसके रसीले शरीर को हर जगह से छू लू। 

मैंने अपना हाथ कमर से हटाया और धीरे से उनकी नरम छाती पर रख दिया। अब भाभी ने इसका भी जवाब नहीं दिया पर वो अपनी गांड हिला कर मेरे लंड के सामने कर के सोने लगी। मोके का फयदा उठा और मैं उनकी गांड पे अपना लंड धीरे धीरे रगड़ने लगा और उनके मोटे स्तनों को हल्का हल्का दबाने लगा। तभी भाभी के मुँह से भी सिसकारी निकलने लगी अहह अहह अहह !!

उसके बाद वो पलट गई और उन्होंने मेरा तना हुआ लंड पकड़ लिया और हिलने लगी। सब कुछ सही जा रहा था मैंने अपने होठो को भाभी के लाल होठो से चिपका लिया और उन्हें चूमने लगा। बस मेरे लंड की गर्मी अपने हाथो पर महसूस कर के भाभी गरम हो गई। उसके बाद मैं उनके बोबे दबाता रहा और भाभी सिसकारियां लेती रही।

उसके बाद मैंने उनकी टीशर्ट उतर दी और ब्रा भी। उसके दोनों कबूतर आजाद करने के बाद मुझ से रहा नहीं गया और मेरा मन उन्ही खाने को होने लगा। मैंने अपने दोनों हाथो से भाभी के स्तनों को जकड़ा और उन्हें जोर से चूसने लगा। 

भाभी – अरे अरे आराम से ये तुम्हारे ही है थोड़ा प्यार से चुसो !!

भाभी के ये बोलते ही मुझे ऐसा लगा की मैंने कोई किला जीत लिया। मैंने हड़बड़ी में अपने सारे कपडे उतारे और सीधा भाभी के मुँह में अपने सख्त और नसों से भरे लोडे डाल दिया। 

लंड की गर्मी से भाभी की चुत पिघलने लगी और मैं उसे चाटने लगा। हम 69 पोजीशन में सेक्स करने लगे। 

भाभी भी पता नहीं कितने सालो से प्यासी थी और घपाघप मेरा लंड चूसे जा रही थी। भाभी की जबरदस्त चुसाई से मेरे लंड के टोपे में दर्द होने लगा। साथ ही उनकी चुत के मीठे पानी से मैं उनका और दीवाना होने लगा। 

करीब २० मिनट के बाद भाभी बोली – अब अंदर दाल दो न कब तक मुझे चाटोगे। 

मैंने भाभी की बात मानी और उनके बोबे चूसते हुए उनकी योनी में अपना लंड घुसा दिया। 

लोढ़ा अंदर करते ही मैंने धका मरना शरूर कर दिया और भाभी से साथ चुदाई की कुश्ती खेलने लगा। 

भाभी का शरीर काफी गर्म और नरम था जिसे छूने के बाद मैं और उत्साहित और सख्त हो जाता। 

उस वक्त ऐसा लग रहा था जैसे भाभी को फूल है और मैं मधुमखी जो उनका सारा रस निचोड़ रहा है। 

भाभी के स्तन चूसते हुआ चुदाई के बाद मैंने उन्हे कई तरह से उठा पटक कर चोदना शुरुर कर दिया। 

मैं लगातार अपने दोनों हाथ भाभी के शरीर पर फेर रहा था और हर बार भाभी मेरा हाथ पकड़र कर अपने स्तनों पर रख देती। 

वो चाहती थी की मैं उन्हें दबा दबा कर सारा दूध निकल दू। 

करीब 15 मिनट देसी चुदाई के बाद भाभी झाड़ गई और मैंने भी अपना माल उनकी गांड में छोड़ दिया। 

उसके बाद हमने भूक लगी तो भाभी रसोई से इसक्रीम लेकर आ गई। इसक्रीम कहते कहते हम दोनों एक दूसरे के नंगे शरीर को देखने लगे और मैंने इसक्रीम अपने लंड पर गिरा कर कहा कभी ये वाली इसक्रीम खाई है ?

भाभी मेरे लंड को देख कर हसने और उन्होंने ने भी अपनी इसक्रीम मेरे लोडे पर लगा दी और उसे चूसने लगी। 

अब लोडे पर ठंडी इसक्रीम लगते ही मेरे रोंगटे खड़े हो गए और मैं भाभी की चुदाई के लिए फिर तैयार हो गया। 

उसके बाद मैंने भाभी की फिर से चुदाई की और रात को कई और बार उनकी गांड चुत को चोद चोद कर मैंने उनके दोनों छेद बड़े कर दिए। 

चुदाई के बाद हम सुबह 6 बजे तक नंगे ही सोते रहे। सुबह उठते ही भाभी मेरा लंड फिर हिलने लगी। 

मैंने भाभी को फिर पकड़ा और उन्हें बाथरूम में लेजा कर शावर के नीचे चोदने लगा। 

तो दोस्तों ये थी मेरी भाभी की गांड चुदाई कहानी। उस दिन के बाद में भाभी को लगातार 15 दिन तक चोदा और उसके बाद उनके बच्चे घर आ गए। पर फिर भी हम होटल में जा कर सेक्स करने लगे। 

करीब 15 महीने बाद भाभी ने अपना घर बदल लिया और वो यहाँ से दूर चली गई। पर आज भी वो मुझ से चुदवाती है और हम दोनों एक दूसरे के शरीर से काफी प्यार करते है। 

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी।

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