पता नहीं पापा ने क्यों मेरा भोसड़ा चोदा

उत्तर प्रदेश की सोनिया अपने पिता के चुदाई के तरीके की दीवानी थी जब ये बात पिता को पता लगी तो उन्होंने अपनी मान मर्यादा का उल्लंघन कर दिया। अब सोनिया के पिता ने ऐसा क्यों किया ये तो सोनिया भी नहीं जानती पर कहानी पड़ कर आपको सब समझ आ सकता है। सोनिया की कहानी पता नहीं पापा ने क्यों मेरा भोसड़ा चोदा पड़ कर हमे ये सीख मिलती है की अगर जिंदगी में कुछ ऐसा हो जिस से हमे आनंद मिले तो उसके लिए हमे ज्यादा नहीं सोचना चाहिए।  

मेरी बाप बेटी की अन्तर्वासना कहानी पढ़ने के लिए धन्यावाद। मेरा नाम सोनिया है और आज मैं अपनी ये कहानी सभी को बताने जा रही हूँ जो मुझे अंदर ही अंदर खाये जा रही है और वो बात है पता नहीं पापा ने क्यों मेरा भोसड़ा चोदा। 

उनदिनों मेरी शादी की उम्र हो चुकी थी और घर वाले मेरे लिए लड़का देख रहे थे पर मैंने मना कर दिया। मुझे पता था की शादी के बाद जिंदगी खरब हो जाती है और ये बात मुझे तब बता लगी जब मैंने अपने मम्मी पापा के रिश्तों पर नजर डाली।

मम्मी सेक्स के लिए पापा को मना कर देती थी जो की उन्हें करना चाहिए था आखिर इस उम्र में ये सब अच्छा नहीं लगता है। पर पापा को दिन रत चुदाई और चुदाई की ही पड़ी रहती थी। 

वो कई बार बाहर रंडियो को भी चोद कर घर आया करते थे जिस वजह से घर पर दिन रात लड़ाई होती थी। 

मुझे पता था की शादी तो मेरी आज नहीं हो ही जाएगी पर उस से पहले मैं किसी की प्रिंसेस बना चाहती थी। मैं चाहती थी की अलग अलग लड़को के साथ सेक्स करू और उन्हें डेट भी करू पर घर वालो ने ऐसा कभी होने भी नहीं दिया। 

हम गरीब थे इसलिए मुझे लड़को को डेट करने में शर्म आती थी। मेरे पास न तो खुद के लिए शृंगार(मेक-अप) के पैसे थे और न ही बाहर आने जाने के। 

यहाँ तक की मेरे पस अपनी ब्रा के लिए भी पैसे नहीं होते थे। वक्त के साथ साथ मेरे स्तन बड़े हो गए और जो ब्रा मैं स्कूल के समय से पहन रही थी वो छोटी हो गई। 

माँ बाप अपनी दुनिया में मस्त थे और सारा प्यार मेरे छोटे भाई को दिया करते। स्तनों के लिए सही ब्रा और मालिश की क्रीम न मिलने पर वो लटक गए। 

स्तनों के लटकने से वो और बड़े हो गए और मुझे अपने शरीर की वजह से शर्म आने लगी। झूलते हुए स्तनों की वजह से पड़ोस की आंटी एक दिन मुझे सबके सामने गाये बोल दी। 

और पड़ोस के लड़के मुझे हवसी नजरो से देखते और पीठ पीछे मुझे रंडी और चुदकड़ कहा करते। मेरी जिंदगी किसी नर्क जैसी थी क्यों की मैंने अपना कॉलेज भी बीच में छोड़ दिया। 

और एक दिन जब मम्मी मेरे छोटे भाई को लेकर रक्षाबंधन से एक दिन पहले नानी के घर ले गई तो घर में बस मैं और पापा ही थे। उस दिन पापा ने खूब दारू गटकी और मजे किये। 

मम्मी के चले जाने के बाद उन्होंने घर पर ही रंडी बुला कर सेक्स करना शुरू कर दिया। उन्हें कोई शर्म नहीं थी वो तो बस अपने लंड का पानी निकालना चाहते थे। 

उस रात मैं अपने कमरे में सो रही थी और तभी मुझे नीचे एक लड़की की आवाज आने लगी। मैं भाग कर नीचे गई तो देखा पापा अपने से उम्र में छोटी लड़की की चूत की चुदाई कर रहे थे।

पापा को सेक्स और इतना गंदा काम करते देख मैं डर गई और मैंने मम्मी को फ़ोन करने का सोचा पर फ़ोन तो उसी कमरे में था जहा पापा चुदाई कर रहे थे। 

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मैं डर गई और कमरे का दरवाजा आधा खोल कर अंदर देखती रही। पापा पुरे जोश में उस रंडी की गांड चुत को छेद रहे थे। वो लड़की दिखने में ठीक ठाक और पतली थी जिसकी पापा कमर तोड़ चुदाई कर रहे थे। 

अंदर का गर्म माहौल देख मैं कामुक हो गई क्यों की मैंने कभी न तो सेक्स किया था और न ही सच में देखा था। कमरे के बाहर खड़े खड़े ही मैंने अपने पजामे में हाथ डाला और अपनी चुत में ऊँगली करने लगी। 

पता नहीं क्यों पापा को सेक्स करता देख मैं उनके लिए गंदा सोचने लगी और मेरी चूचियाँ टाइट हो गई। मैंने अपना दूसरा हाथ अपनी कमीज में डाला और अपने दूध उलटे सीधे तरीके से दबाने और नोचने लगी। 

उस पल मुझे शर्म आ रही थी और चुदाई की भूख भी। तभी पापा ने रंडी को गोद में उठाया और उसे लंड पर उछाल उछाल कर चोदने लगे। तभी उनकी नजर मुझ पर पड़ गई। 

उन्होंने मुझे अपनी योनी और चूचियाँ सहलाते देख लिए और मैं शर्मा कर वहा से भाग गई। 

उसरी रात करीब 3 बजे चुदाई खत्म करने के बाद पापा ऊपर वाले कमरे में आए और मुझे देखने लगे। मैं उस वक्त तक सो चुकी थी पर जैसे ही पापा ने कमरे की लाइट जलाई मेरी आंख खुल गई। 

जब मैं उठी तो पापा के हाथ मेरे लटकते दूधों पर थे। मैं डर गई और उनका हाथ हटा कर अपने ऊपर चादर ले कर कहा पापा पापा !!! ये क्या कर रहे हो ??

पापा – क्या क्यों बेटा ??

मैंने कहा – अपने जो उस लड़की के साथ अभी किया वो काफी नहीं था जो अब मेरे आपस !!!

पापा – मैंने जो किया सो किया और तू नीचे क्या कर रही थी बता ?

ये सुन मेरी बोलती बंद हो गई और पापा हाथ मेरे पजामे में डाल दिया। हाथ डालते ही वो मेरी योनी को फिर से गीला करने लगे और मैं कामुक हो गई। 

पापा के मर्दाने हाथ मेरी नरम योनी को गीला करने लगे और मैं पिघलने लगी। 

पापा – जैसी चुदाई मैंने कल xxx कहानी में पढ़ी थी तुझे मैं वैसे ही चोदुँगा बिटिया। 

मैंने कहा – अपनी बिटिया के साथ देहाती चुदाई करते कुए आपको शर्म नहीं आएगी क्या ?

पापा – न न जब चुत लंड हो राजी तो क्या करेगा काजी ?

ये बोलते ही पापा ने अपना लंड निकाला जिसे देख मेरी योनी कापने लगी और मैं पापा को न नहीं बोल पाई। 

पापा ने मेरे सारे कपड़े उतरे और मेरे झूलते हुए स्तनों को अपने हाथों से सहारा दिया और मेरी गर्दन पर चूमने लगे। पापा की भरी दाढ़ी और मुँह से आती दारू की गंध अचानक मुझे अच्छी लगने लगी। 

मैं आंखे बंद कर उनके चुदाई के मर्दाने तरीके से और ज्यादा कामुक होने लगी। पापा अपने हाथ मेरे नरम बदन पर हर जगह फेरने लगे और मेरे लटकते चुचो को दबा दबा कर चूचियाँ चूसने लगे। 

पापा ने जैसे ही मेरे स्तन चूसना शुरू किया वैसे ही मेरे पुरे शरीर पर रोंगटे खड़े हो गए। उनकी गर्म सासे मेरे स्तनों को अलग मजा दे रही थी और मेरी योनी से बून्द बून्द पानी टपकने लगा। 

तभी पापा समझ गए की अब मैं लंड लेने के लिए तैयार हूँ। वो खुद बिस्तर पर बैठे और उन्होंने मुझे उठा कर अपनी गोद में बैठा दिया। 

खड़ा लिंग अंदर जाते ही मैं पापा को जोर से गले लगाई और तेज सासे लेते लेते पहली चुदाई का मजा लेने लगी।  

मैंने पहले अपनी योनी में तोरी की सब्जी डाली थी ये देखने के लिए की केसा लगता है उस दिन मेरी योनी से काफी खून निकला था। पर आज मैं पहली बार गर्म और कड़क लंड ले रही थी। 

मैं चुदाई के आनंद में इतना खो गई की मैं पापा को अपने स्तनों के बीच दबोच कर उनकी गोद में खुद उछलने लगी और अपनी चुत चुदवाती रही। 

मैं पापा का लंड जोर जोर से चोद रही थी की तभी पापा ने मेरी कमर पकड़ी और अपने कूल्हे हिला हिला कर मेर जबरदस्त चुदाई करने लगे। 

कुछ देर में ही वो कापने लगे और मैंने अपनी चुत से सफ़ेद पानी निकालना शरूर कर दिया। भोसड़ा और ज्यादा चिपचिपा और मिलायम होने के कारण पापा को  हद से ज्यादा मजा आने लगा और अचानक उन्होंने मुझे धका दे कर अपने लंड से हटा दिया। 

मैं बिस्तर के दूसरी स्टफ लेट गई और पापा ने अपने हाथ से मुठ मारना शरूर कर दिया। उस वक्त मैं उनका लंड पास से देखने लगी और उन्होंने मेरी आँखों के सामने अपने लंड का सारा गंदा पानी निकाल गिराया। 

उस दिन मुझे चुदाई में काफी मजा आया और उसके बाद हम दोनों ने कभी एक दूसरे से आंखे नहीं मिलाई क्यों की उस वक्त पापा को दारू का नशा था और मुझे चुदाई का। 

हम दोनों ने ही गलती और मुझे आज तक समझ नहीं आया की पापा ने मुझे उस रात क्यों चोदा ? क्या उनकी नजर मुझ पर पहले से थी या उस दिन मेरे रसीले लटकते स्तन देख वो कामुक हो गए ?

खेर ये थी मेरी पता नहीं पापा ने क्यों मेरा भोसड़ा चोदा कहानी। 

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