विधवा नोकरानी के साथ चुदाई 😈

हेलो दोस्तो मेरा नाम यश है हाल ही में मैंने अपनी मौसी और मम्मी की चुदाई की कहानी आपको सुना चुका हूं । जो आप लोगो को बहुत पसंद आई।

अब मैं आपको अपनी नोकरानी के साथ चुदाई की कहानी बताऊंगा।

मेरी नोकरानी का नाम रेनू है वो 35 साल की विधवा है वो मेरे घर के बगल में रहती है ।

वो देखने मे बहुत सेक्सी लगती है उसके दूध बहुत बड़े बड़े है ।

अब मैं चुदाई कहानी पर आता हूँ।

बात उस समय की है जब मैं मौसी के घर से वापस घर आया था । तो मुझे चोदने का बहुत मन करता थे ।

इसलिए मैं बहुत ज्यादा मुट्ठ मारने लगा था ।

जब मैं रेनू चाची य मम्मी को देखता था तो मुझे चुदाई करने का बहुत मन करता था। मेरी अन्तर्वासना बढ़ जाती थी और मैं अपने लिंग को जोर जोर से पीटता भी था। कभी कभी मैं रेनू चाची को मम्मी की मालिश करते हुए भी देखता था।

एक दिन मै घर पर ही था मैं अपने कमरे में था । तभी मम्मी मेरे कमरे में आई और 1 पन्नी मुझे दी और बोली कि जाकर रेनू चाची को दे आओ । मैने ले लिया और रेनू चाची के घर चला गया । वो अपने घर मे अकेले ही रहती है मैं घर मे गया । मैने रेनू चाची को बुलाया ।

सुरेश ने मुझे ब्लैकमेल किया !!

चाची आई मैन पन्नी चाची को दे दिया और बोला कि मम्मी ने दिया है फिर चाची ने उसको जल्दी से लिया और बोली तुम बैठो मैं अति हु फिर चाची अपने कमरे में चली गई। 

मैन सोचा कि आखिर इसमे क्या है मैं उनकी खिड़की के पास गया और देखने लगा चाची ने पन्नी को खोल कर उसमें से विष्पर पैड निकाला चाची को महीना आया था।

फिर चाची ने अपनी साड़ी ऊपर किया फिर अपनी चड्डी के अंदर से 1 कपड़ा निकल कर फिर उसमें पैड लगा दिया ये सब देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया फिर मैं घर चला आया और जाकर चाची के नाम की मुट्ठ मार ली।

जब भी रेनू चाची घर मे काम करने आती थी तो उनको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था। एक दिन मैं नहाकर टॉवल लपेट कर अपने कमरे में आया रेनू चाची झाड़ू मार रही थी  फिर रेनू चाची बोली यश एक काम कर दोगे । 

अपना लंड खड़ा करने के लिए हमें इंस्टाग्राम पर फॉलो करे !!

follow antarvasnastory on instagram

मौसी की चौड़ी गांड

मैं—-बोली चाची क्या करना है।

चाची—–जरा पंखा साफ कर दो बहुत गंदा है ।

फिर मैंने कहा ठीक है साफ कर दूंगा फिर मैं टॉवल लपेटे ही कुर्सी पे खड़ा होकर पंखा साफ करने लगा चाची कुर्सी पकड़े हुए थी और मेरा लंड अंदर खड़ा था।

फिर मैं पंखा साफ कर रहा था तभी अचानक मेरा टॉवल खुल कर नीचे गिर गया मेरा लंड पूरा तना खड़ा था चाची ये देखकर अपना मुंह पीछे कर लिया मैं जल्दी से नीचे उतर गया और टॉवल लपेट लिया ।

रेनू चाची बोली कि जाकर चड्डी पहन लो । फिर वो बाहर चली गई । रात को मैं यही सब सोचता रहा कि रेनू आंटी कुछ बोली नही इसका मतलब उनको भी अच्छा लगा होगा फिर मैंने रात भर उनके नाम की मुट्ठ 4 बार मेरी फिर मैं सो गया सुबह 5 बजे मेरी आँख क्खुली  मैं लेता रहा सुबह 7 बजे रेनू चाची काम करने या गई । मैं अपने कमरे में चड्डी पहन कर सो रहा था

चाची मेरे कमरे में झाड़ू मारने का गई मैं अपनी  चड्डी थोड़ी नीचे करके अपना लंड निकालकर सोने की एक्टिंग करने लगा। मैं धीमे धीमे देख रहा था कि चाची मेरे लंड को घूर घूर कर देख रही थी।

फिर रेनू चाची मेरे लंड को छूकर चली गई। कुछ दिन तक आईस ही चलता रही रेनू चाची मेरे लंड को छुप छुप कर देखा करती थी। यैसा ही कुछ महीनों तक चलता रहा।

ससुर ने कुत्ते की तरह टांग उठा कर चोद दिया !!

एक दिन मैं मम्मी के कमरे में जाकर उनकी चड्डी को सूंघ कर मुट्ठ मार रहा था तभी देखा कि रेणु चाची देख रही थी । फिर वो चली गई । मैं जाकर चाची से बोला चाची मम्मी से मत बोलना । चाची बोली नही बोलूंगी लेकिन एक बात  पुछु क्या तुमको मम्मी अच्छी लगती है ।

मैं—-हा चाची बहुत अच्छी लगती हैं। और तुम भी बहुत अच्छी लगती हो चाची थोड़ा मुस्कुराई फिर काम करने लगी ।

अगली सुबह मम्मी 2 दिनों के लिए मामा के घर चली गई। मम्मी रेणु चाची को बोल गए थी कि यही सो जाना । रात को सारा काम खत्म करके चाची बरामदे में ही सो गई रात को 2 बजे मेरी आँख खुली मेरा लंड खड़ा था मैं बरामदे में गया चाची सो रही थी उनकी साड़ी उनकी जांघो के ऊपर थी।

मैंने उनकी साड़ी और ऊपर कर दिया जिससे उनकी बुर मुझे साफ दिखने लगी उनकी बुर के ऊपर छोटे छोटे बाल थे जिसको देखकर मेरा लंड फड़फड़ा रहा था फिर मैंने अपना लंड उनकी बुर पे रगड़ने लगा कुछ देर रगड़ने के बाद मैंने अपना लंड बुर में डाल दिया और चोदने लगा चाची जग गई बोली बहुत दिनों से चुदना चाहती थी आज तुमने चोद ही दिया।

पहले पति ने चोदा फिर पिता ने

रेनू चाची–आहहहहहहहआ आह आह आह अहह आह ओह आह 

रेनू चाची—तुम रोज मम्मी की चड्डी में बीज गिरते थे।

मैं—-हा चाची तुमको कैसे पता चला।

रेनू चाची—आहहहहहहहआ आह आह अरे आराम से करो कही मैं भागी जा रही हूं क्या। वो रोज मुझसे बताती रहती थी ।

मैं—- तो क्या मम्मी को पता है ।

रेनू चाची—-है पता है और वो तेरे लंड को देखना भी चाहती है  आहहहहहहहआ आह ओह्ह अम्म्म आह 

फिर मैंने सारा बीज चाची की बुर में गिरा दिया।

1 घंटे बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया फिर मैंने चाची की गांड मेरी 20 मिनट तक दूसरे दिन भी यैसे ही चुदाई की । अगले दिन मम्मी आ गई । कुछ दिनों तक आएसा ही चलता रहा फिर कोरोना वारिस के कराड़ रेनू चाची अपने गांव चली गई।

फिर कुछ दिनों बाद मैंने मम्मी की चुदाई की जो आपलोग पड़ चुके है।

मेरी आगे की कहानी 

मम्मी की सहेली को कैसे चोदा बताऊंगा।

अगर कोई आंटी बात करना चाहती है तो मुझे मेल भेजे  

[email protected]

आपको कहानी कैसी लगी?
+1
4
+1
2
+1
2
+1
1
+1
1
error: Content is protected !!