नई भाभी की चुदाई करके चुत का पानी निकाला

लखनऊ का रहने वाला खान अपनी नई भाभी के साथ करता है गंदे कांड। कहानी के लेखक ने अपना नाम खान बताया है ताकि वो अपनी पहचान गुप्त रख सके। जब बड़े भाई की हुई शादी तो नई भाभी देख छोटा भाई खान पड़ गया उनके प्यार में। अपनी कहानी नई भाभी की चुदाई में खान ने बताया की जब भाभी ने देखा उनका मर्दाना शरीर तो कैसे वो कामुक हो कर अपनी योनी सहलाने लगी। 

मेरे भाई की नई नई शादी हुई और जिस लड़की से हुई वो पूरी माल थी। भाभी की गोरी कमर और ब्लूजे से ऊपर निकलते स्तन देख मुझे मेरा हस्तमैथुन करने का दिल करने लगता। 

भाभी ने कभी मुझ से अच्छे से बात नहीं की इसलिए उनका ध्यान खींचने के लिए मैं उन्हें अपनी बॉडी दिखाने लगा। 

मुझे gym में कसरत करना पसंद था और मैं पहलवानी भी करता था। भाभी को कामुक करने के लिए उस शाम मैं घर में ऊपर के कपड़े उतर कर कसरत करने लगा। 

बड़ा भाई दुकान से घर रात 10 बजे आता था। उस वक्त भाभी और मेरे अलावा माँ भी थी जो दोपहर से सो रही थी। 

जैसे ही भाभी ने मुझे देखा वो वही रुक गई। मेरा भरा फुला बलवान शरीर देख उनके दिमाग में कुछ गंदा आने लगा। 

कुछ देर बाद मैंने अपनी पैंट उतारी और कच्छे में उठक बैठक करने लगा। 

भाभी मेरी ताकतवर जांघे छुप कर दिखने लगी। और कच्छे से दिखता मोटा लंड भाभी की चुत में खुजली मचाने लगा। 

भाभी दरवाजे से छुप कर मुझे अपने कमरे में कसरत करता देखने लगी और अपनी साड़ी में हाथ डाल कर चुत के मजे लेने लगी। 

जब मेरी नजर पड़ी तो भाभी को और ज्यादा सेक्सी महसूस करवाने के लिए मैं अपने कच्छे में हाथ डाल कर लंड रगड़ने लगा। 

ये देख भाभी की आंखे फ़टी की फ़टी रह गई और उनके मुँह से पानी टपकने लगा। मेने अपना लंड निकला और गोटे मसलता मसलता लंड हिलाने लगा। 

मेरे साथ साथ भाभी भी अपना हाथ साड़ी में डाल कर जोर से हिलने लगी। जब भाभी का पूरा चुदने का मूड बन गया तो मैं खड़ा हुआ और भाभी को अंदर बुलाने लगा। 

मैंने कहा – भाभी !! अंदर आना तो। 

भाभी ये सुन डर गई और वही चुप चाप कड़ी रही। 

मैंने फिर कहा – मुझे पता है आप वहा क्या कर रही थी। 

भाभी शरमाते हुए अंदर आई और नजरें नीची कर कड़ी हो गई।

मैं उनके पास गया और झटके से उनके स्तन दबोच लिया। 

भाभी – अहह !!

भाभी शर्म के मारे कुछ नहीं बोली और मैं पूरा बेशर्म होने लगा। मैं भाभी को हर जगह चूमने लगा। 

कभी मैं उनकी गर्दन पर चूमता तो कभी होठो पर। भाभी का शर्म के मारे मुँह लाल हो गया और उनके मुँह से चू तक नहीं निकली। 

भाभी का दिल तो मुझे चाटा लगाने का कर रहा था पर गीली चुत के खातिर उन्होंने कुछ नहीं किया। 

मैंने उनका पलु गिराया और उनके ब्लाउज को चूमने दबाने लगा। भाभी आँखे बंद कर मेरे होठो को अपने कामुक जिस्म पर महसूस करने लगी।  

धीरे धीरे मैंने भाभी के सारे कपडे उतार दिए और उनका अंग अंग चूमने चाटने लगा। 

मैंने भाभी के स्तनों की अच्छी चुसाई की और मजे से उनकी दोनों चुसनी उंगलियों से मरोड़ता रहा। 

भाभी भी अपनी गांड पर चुचो की मालिश करवाती रही। जब लड़ से पानी टपका तो मैं भाभी को गोद में बिठा कर चोदने लगा। 

भाभी – अहह अहह !! मुझे नहीं पता था आप इतने जोशीले हो।

मैं भाभी की कमर पकड़ कर उनकी मोटी गांड अपने लंड पर रगड़ता रहा। 

भाभी भी धीरे धीरे होश खोने लगी और हल्की मीठी अहह की आवाजे निकालती रही।  

 भाभी की चुदाई करते करते मेरा लंड और गोटे उनके चुत के रस से लसलसा होने लगे। 

मैं बिस्तर पर लेटा भाभी को अपने ऊपर उछालने लगा और अपनी आँखों के सामने भाभी के स्तन उछलते देखता रहा। 

तभी भाभी ने एक हाथ पीछे किया और मेरे गोटे मसलने लगी। 

मेने उनकी गर्दन पकड़ी और उन्हें निचे खींच कर अपनी छाती से चिपका लिया और उन्हें चूमता हुआ चोदता रहा। 

उनकी मोटी गांड और रस भरी जांघो से जब भी मेरी पतली कमर टकराती तो तेज चापड़ की आवाज आने लगती। 

ऊपर से भाभी ने चुत का पानी भी छोड़ दिया तो सब कुछ गिल गिला सा होने लगा। भाभी की चुत से चिपचिपी लार निकलने लगी पर मेने उनकी चुदाई नहीं रोकी। 

मैं अपनी देसी भाभी की देसी चुदाई करता रहा और उन्हें कामुकता की चरम सिमा तक ले गया। 

भाभी ने प्यार से मेरी आँखों में देखा और मेरा मुँह अपने स्तनों से दबोच कर मेरे सासे रोक दी। उस पल मैं भाभी के स्तनों के बीच मर भी जाता तो मुझे कोई दुख नहीं होता। 

भाभी का प्यारा चेहरा देख मेरे लंड ने गड्ढा बदलने की ठानी और भाभी की चुत की चुदाई करने के बाद मैं उनकी गांड चोदने लगा। 

भाभी की गांड का छेद उनकी चुत से भी बड़ा था। गांड चुदाई शुरू होते ही भाभी को नया मजा आने लगा। उन्होंने गांड भींच कर मेरे लंड को अंदर बंद कर दिया। 

भाभी का गांड का छेद चोदने से मुझे भी गर्म मजा आने लगा। भाभी का शरीर तपने लगा और ऐसे कांपने लगा जैसे उन्होंने बिजली की नंगी तार पकड़ ली हो।

अंत में मैंने भाभी की गांड दोनों हाथो से उठाई और अपनी कमर तेजी से हिला हिला कर उन्हें चोदने लगा। 

भाभी की गांड का छेद मेरे लंड की रगड़ का मजा ले रही थी और मेरे गोटे उनकी गांड पर जोर जोर से टकरा कर सूजने लगे। 

उछलते गोटे अंदर का माल संभाल नहीं सके और उन्होंने अपना पानी भाभी की गांड के छोड़ दिया। ये थी मेरी हिंदी सेक्स कहानी अगर आपको मेरी नई भाभी की चुदाई पसंद आई तो अपने दोसत को जरूर दिखाना। उसके बाद भाभी और मेरे बीच पके यौन संबंध बन गए। भाभी एक पत्नी होने के नाते बड़े भाई से चुदती तो थी पर मजा उन्हें मेरे साथ ही आता था। इस तरह भाभी मेरे भाई से भी चुदती थी और मुझ से भी। 

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