मुस्लिम आंटी की चुदाई – एक घमासान चुदाई कथा!

रमीज़ ने माँ की चूत पे लंड रखा करीब 7 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा था उसका लंड, माँ की चूत एक दम गीली थी।  ये  है अबतक की सबसे सेक्सी, अश्लील, गन्दी, चुदाई से भड़ी मुस्लिम आंटी की चुदाई कहानी। इस कहानी को पढ़ते पढ़ते पक्का मुठ मार दोंगे। तो प्लीज, प्लीज, प्लीज इस कहानी को पूरा पड़ना ऐसी कहानी नहीं पढ़ी होगी आजतक!

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है अंकुर, जैसा कि मैंने आपको पिछली स्टोरी में बताया था कि मैंने आंटी की गैर मर्द से चुदाई देखी थी!

उस स्टोरी के बाद मुझे बहुत सारे ईमेल आए जिसमें उन्होंने मुझे उस औरत का नाम पूछा जिसका जिक्र मैंने मेरी पुरानी Aunty Sex Story में!

किया था! आप सबके ईमेल पाकर मैं बहुत ज्यादा खुश हूं कि आप लोगों को मेरी स्टोरी पसंद आई!

मैं माफी चाहूंगा कि इतने समय तक मैंने स्टोरी पब्लिक नहीं की, लेकिन अब मैं आ गया हूं मेरी एक नई स्टोरी के साथ! यह कहानी

पिछली वाली स्टोरी का ही अगला पार्ट है, तो जिन लोगों ने वह स्टोरी नहीं पड़ी है वह पहले जा कर मेरी पिछली स्टोरी पढ़ ले!

खैर अब ज्यादा समय नष्ट ना करते हुए सीधा स्टोरी पर आता हूं, मैं आंटी को अब हर रोज फॉलो करता था और आंटी ऑलमोस्ट हर दिन अपने यार से अपनी चूत मरवाने जाती थी

मैंने एक हिडन स्पॉट ढूंढ लिया था जहां से बैठकर मैं उन लोगों की चुदाई देखता था और उनकी बातें सुनता था, लेकिन उस औरत का जिक्र उस दिन के बाद से कभी भी नहीं हुआ, मैं हर दिन आंटी और उस लड़के की रिकॉर्डिंग सुनता था लेकिन उसमें मुझे कोई भी सुराग नहीं मिला! 

खैर मेरा ध्यान तो उस चीज पर था भी नहीं क्योंकि मुझे आंटी की चुदाई देखने को मिल जाती थी उसी से मेरा काम चल जाता था, माना कि अब मेरी नजर आंटी के प्रति बदल गई थी पहले तो मैं उनको बहुत शरीफ समझता था लेकिन अब मैं उन्हें बहाने से छूने की कोशिश करता था!

खैर ऐसे ही काफी दिन बीत गए और अब मेरे घर वालों के घर वापसी का टाइम भी हो गया था! अब क्योंकि मेरे घर वाले वापस आ गए थे तो मुझे वापस अपने घर जाना पड़ रहा था! लेकिन अब मुझे मेरा फेवरेट पास टाइम मिल गया था मैं दोपहर के वक्त मैं अपने घर से निकल जाता था आंटी घर के बाहर उनका वेट करता था, ऐसे ही एक दिन मुझे जब मैं आंटी घर के बाहर वेट कर रहा था तब मैंने एक बहुत ही अजीब सी घटना देखी!

मैंने देखा कि आंटी और एक औरत उनके बिल्डिंग से निकले और दोनों एक रिक्शा में बैठे और जाने लगे, उस वक्त तो मुझे लगा कि वह और शायद उनकी कोई दोस्त होगी क्योंकि उसने अपना मुंह दुपट्टे से ढका हुआ था, और उस औरत ने पीले कलर का सूट पहन रखा था!

जैसा कि मैंने आपको पीछे स्टोरी में भी बताया था कि आंटी घर के सामने ढाबे वाला था मैं वहीं पर खड़े होकर कोल्ड ड्रिंक पी रहा था और यह सब देख रहा था उतने में उसे ढाबे वाले ने दोबारा से बोला कि देखो यही है उसके साथ वाली रंडी!

दुकान वाला बोला ‘यह जब भी औरत आती है अपना मुंह ढक कर यह आती है और जब यहां से जाती है तब भी मुंह ढक कर ही जाती है’, अब मैंने जल्दी से उस दुकान वाले को पैसे दिए क्योंकि अब तो यह कंफर्म हो गया था कि वह आंटी जरूर कोई दूसरे काम करने के लिए वहां पर आई है! मैंने उनका पीछा चालू किया!

वैसे तो मुझे पता ही था कि वह लोग कहां जाने वाले हैं, तो मैं थोड़ी देर बाद जब उस जगह पर गया वहां पर मैं फिर से अपने फेवरेट स्पॉट पर चला गया! वहा जब मैंने अंदर का नजारा देखा तो एकदम गजब का नजारा हो रखा था आसिफ वहां पर नंगा बैठा हुआ था और वहां पर दो औरतें नाच रही थी! अब सुजाता आंटी की हाइट तो ज्यादा लंबी नहीं थी तो मैं आंटी को पहचान गया क्योंकि उनका बदन काफी ज्यादा गोरा था तो दूसरी वाली औरत था उसका बदन बहुत ज्यादा गोरा तो नहीं था लेकिन वह थोड़ी लंबी थी!

उन दोनों की पीठ मेरी तरफ थी इसलिए मुझे दोनों का चेहरा बिल्कुल भी नहीं दिख रहा था, खैर दोनों ही आंटियां एक दूसरे को पकड़कर एक दूसरे से लिपट लिपट कर डांस कर रही थी! मैंने तो पहली बार अपनी आंखों के सामने लैसबियन डांस देख रहा था!

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अब आसिफ ने बोला ‘कि अरे तुम दोनों आपस में ही लगे रहोगे कि मुझे भी आकर कुछ दोगे’, उसने दूसरी वाली औरत की तरफ इशारा करते हुए बोला ‘कहा थी मेरी जनेमन्न इतने दिन से, गांव में तुम्हारा सब कैसा रहा, कितने लंड खाए तुमने?

गांव का नाम सुनकर तो में सकते में आ गया अब मैं बहुत उत्सुकताव्स उस औरत की तरफ देख रहा था और मेरा पूरा ध्यान अब उस औरत के रिप्लाई पर केंद्रित था मुझे कुछ शक हो रहा था! और जैसे ही उस औरत ने रिप्लाई में बोला ‘अजी कहां कुछ भी नहीं हुआ सब लोग वहीं पर थे। 

कुछ भी नहीं हो पाया’; उस औरत की आवाज सुनकर पहले तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ मैं अपने कानों को झुठला देना चाहता था, लेकिन मैं हंड्रेड परसेंट शोर नहीं था; उसके बाद भी आसिफ ने बोला अरे लेकिन वह तुम्हारे चाचा का लड़का है ना सूरज उसे तुमने कराया ही होगा!

अब जब मैंने सूरज का नाम सुना तब तो मैं हंड्रेड परसेंट शोर हो गया कि यह औरत कोई और नहीं बल्कि मेरी खुद की मां सुहासिनी है! फिर भी मैं खुद पर यकीन करने को तैयार नहीं था मुझे यह यकीन ही नहीं हो रहा था कि मेरी सात्विक मां किसी गैर मर्द से चुदाई सकती है!

उसके बाद मेरी मां ने रिप्लाई में आसिफ को बोला कि ‘हां उससे थोड़ा बहुत हो गया लेकिन वह भी आजकल बिजी रहता है ज्यादा चुदाई नहीं कर पाया!’ अब मैंने वहां से अपनी आंख और कान दोनों हटा लिए और मैं गहरी शोक् में चला गया! मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि मेरी मां जो गैर मर्द से भी चुदवा रही है प्लस मेरे कजन ब्रदर सूरज से भी चुदवा चुकी है!: सूरज जो शायद मुझ से 3 या

4 साल ही बड़ा होगा उससे मेरी मां चुदवा चुकी है!

मुझे मां पर बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था, मैं मन ही मन सोच रहा था कि कोई औरत इतनी ज्यादा प्यासी कैसे हो सकती है कि अपने बेटे के उम्र के लड़के से ही सेक्स कर ले! फिर अब मेरे मन में वह सारे दृश्य भी घूमने लगे जो बचपन में मैंने सूरज और माँ के साथ देखे थे, 

लेकिन मैंने क्योंकि उस वक्त बचपन लड़कपन में था मैंने उन सब चीजों पर कभी ध्यान नहीं दिया लेकिन अब वह सारी चीजें मेरी आंखों के सामने घूमने लगी थी!

– – फ्लैशबैक में जाते हुए – –

यह कहानी आज से 1 या 2 साल पहले की है, गर्मी की छुट्टियों में मैं और मम्मी गांव गए थे! क्योंकि गांव के अंदर बिजली की बहुत समस्या आती है इसलिए हम सब लोग छत पर ही सोते थे , हमारे साथ मेरे चाचा का लड़का सूरज भी सोता था मां के लेफ्ट साइड में और राइट साइड में सूरज सोता था! एक दिन जब मुझे नींद नहीं आ रही थी लेकिन फिर भी मैं सोने सोने की कोशिश कर रहा था।

Muslim Aunty Ki Chudai

उसके बाद मैंने देखा कि मां के पेट के पास कुछ हलचल हो रही है, क्योंकि मैं और माँ ने एक ही चद्दर ओढ़ रखी थी इसलिए मैंने थोड़ा सा चद्दर को ऊपर उठाकर मां के पेट की तरफ देखा जिसके अंदर मैंने देखा कि शायद सूरज ने अपने मां का हाथ मा के पेटीकोट के अंदर डाल दिया था!

उस समय तो मुझे यह ज्यादा कुछ अजीब नहीं लगा लेकिन जब मैंने अब ऊपर की तरफ नजर करके देखा तो मैंने देखा कि माँ ने अपना ब्लाउज उतार रखा था और सूरज उसमें से दूध पी रहा था!

वैसे उस वक्त मुझे अजीब लगा था कि उस वक्त सूरज 18 साल का हो गया था और माँ तो मुझे भी दूध पीने नहीं देती थी लेकिन क्योंकि मां मुझे और सूरज के बराबर प्यार करती थी तो मुझे उस वक्त भी यह ज्यादा अजीब नहीं लगा शायद मैं ही मुर्ख था की इतनी बड़ी बात में उस वक्त नहीं देख पाया।

– – प्रेजेंट टाइम में आते हुए

यह सब सोचते सोचते मैंने देखा कि मेरे लंड में बहुत तेज तनाव आ गया था, मैंने अपने लंड पर हाथ लगाया और यह सोचने लगा कि क्या मैं अपनी मां को चुदते हुए सोचकर क्या मेरा लंड खड़ा हो गया! मैं मन ही मन सोचने लगा कि मैं किस तरीके का बेटा हूं, मैं मन ही मन यह सोच रहा था कि क्या मैं अंदर जाऊं और जाकर आसिफ से लडूं और अपनी मां को रंगे हाथ पकड़ लूं! 

पता नहीं मेरे मन में क्या आया और मेरे दिल के अंदर से आवाज आई नहीं रुक जा और आज देख ले की क्या होगा फिर बाद में जाकर मैं मां से कंफर्म कर लूंगा! मैंने आधे मन से फिर से अपनी आंखों से छेद में लगाई हो जहां से अंदर का ही नजारा देखने लगा और अब तो और बुरा हाल था मेरा तो एकदम मेरा दिल जला देने वाला था!

मेरी मां अपने प्यारे-प्यारे होठों से उस आसिफ का काला लंड अपने मुंह में भर रही थी, मेरी माँ ने गुलाबी रंग की लिप्स स्टिक लगा राखी थी, अब आसिफ का लंड भी गुलाबी रंग से रन्ग गया था| उधर आंटी भी आसिफ को किस कर रही थी , आसिफ आंटी की जीभ को अपनी जीभ में भर रहा था | लेकिन मेरी नज़र तो सिर्फ मेरी रंडी माँ पर था , माँ आसिफ के टट्टे अपने हाथ में रख के उनसे खेल रहो थी। 

आसिफ को मज़ा आ रहा था, वो भी माँ के सर को अपने लंड पे लगा रहा था, माँ की साँस अटक रही थी उसका लंड लेने में क्योकि वो उसका लंड अपने गले में ले रही थी .. जब माँ ने उसका लंड अपने मुह से निकला तब उसका लंड पूरा थूक में सरोबआर हो गया था , माँ के मुह से भी थूक की बहार आ रही थी।

माँ ने अब अपने हाथ को भी काम पे लगाया और उसके लंड को ऊपर निछे करने लगी और थोड़ी देर में ही आसिफ ने माँ के मुह में ही झाड दिया था, मुझे ताजुब हुआ क्यों की पिछली बार तो आसिफ ने इतनी जल्दी माल नहीं गिराया था, और गिरता भी था तो मुह में नहीं डालता था बल्कि शारीर पे गिरता था, तो माँ पे इतनी महरबानी क्यों? शायद मेरी माँ ही इतनी बड़ी रांड है की आसिफ उसके मुह के गर्मी को बर्दास्त नहीं कर पाया |

अब आसिफ ने आंटी को साइड किआ और बोला की तुम लोग रुको कुछ ख़ास लोग आने वाले है तुम लोगो से मिलने, अब तो मै भी सोच में पड़ गया था की क्या मेरी माँ इतनी बड़ी रंडी है की किसी से भी चुद लेती है. अब गेट पे नॉक होता है, और नंगा आसिफ गेट खोलने जाता है , और वहा से दो और लोग आते है.. मतलब आज वहा पे ग्रुप सेक्स होने वाला था|

उतने में उसमे से एक लड़के ने बोला ‘मैंने कुछ मिस तो नहीं किया’ तभी आसिफ बोला नहीं भाई..मुझे उसकी आवाज़ सुनी सी लग रही थी उसने माँ को खड़ा किआ और चूमने लगा मुझे उसका मुँह नहीं दिख रा था , अब आसिफ ने गाना स्लो किआ और सुजाता आंटी को सोफे पे पटक दिया | आसिफ उनकी पीठ चाटने लगा उनमे से एक नाम तो निक्कू था , क्यू की आसिफ ने उसे बियर लेन को बोलै था , but दूसरा वाला कौन था उसने भी माँ को सोफे पे गिराया तब मैंने उसका मुँह देखा और मुँह खुला खुला ही रह गया। 

वो मेरा पुराण दोस्त रमीज़ था , उससे मेरी लड़ाई हो गई थी तो मैंने उसे दोस्ती तोड़ ली थी। मुझे नहीं लगा था की इतने सालो बाद वो मेरी माँ को चोद रहा होगा रमीज़ बोला ‘ जाने मन तुझे कबसे चोदने का प्लान बनाया था

अगर तेरा बीटा दोस्ती न तोड़ता तो अपने लंड की सील तुझ से ही तुड़वाता , माँ सेक्सी आवाज़ में बोली मै भी तुझसे चुदवाना चाहती थी तू इतना गोरा चिट्टा ,है तो तेरा लंड मै जरूर लेना चाहती थी अब तो मेरा सर झुक गया था, मुझे रोना भी आ रा था। तभी निक्कू ने सुजाता आंटी के पास आया और उनके मुह में अपना लंड डाल दिया।

उधर आसिफ ने आंटी को पूरा नंगा कर के बूब्स चुसना चालू कर दिए था और बोलै आज तो हमारी पार्टी है और आंटी की चूत में ऊँगली दाल दी आंटी आहे भर रही थी – ‘आह, उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ओहूऊ ‘ इधर 

रमीज़ बोला – ‘जो मैं तब नहीं कर पाया अब करूँगा और अपना लंड निकाल लिया और मम्मी ने झट से उसे चूस लिया माँ बोली अरे तेरे याद में गाजर भी लिया था एक बार। 

रमीज़ बोला – अपने बेटे से नहीं चुदवाया आज तक , माँ बोली नहीं और कभी चुद्वौंगी भी नहीं | 

मै डिसअप्पोइंटेड हो गया ,तभी आंटी शायद झड गयी और आसिफ चूत चाट के निकला , उधर निक्कू ने आंटी की चूत में लंड डाल के चोदना शुरू भी कर दिए था और घमासान चुदाई चल रही थे – अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह एरर ऑरररर!!!

तेज़्ज़ज़ फड़द मेरी चुतको आंटी ये सब बोल रही थी, मै एक दम गरम हो चूका था और लंड निकल के हिलने लगा इधर माँ भी रमीज़ का लुंड चूस रही थी और घुप घुप की आवाज़ हर जगह आ रही थी माँ ने रमीज़ को बोला ‘अब मत तड़पा और चढ़ जा मुझपे’। रमीज़ ने माँ की चूत पे लंड रखा करीब 7 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा था उसका लंड, माँ की चूत एक दम गीली थी और रमीज़ ने एक दक्के में ही लंड पूरा अंदर दाल दिया ,माँ की चीख निकल गयी अहह मेरी मय्या, उफफ्फ्फ्फ़ अज से मेरी सिर्फ तेरी हु, चोद मुझे

अपनी बीवी के तरहरमीज़ ने माँ की चूत पे लंड रखा करीब 7 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा था उसका लंड, माँ की चूत एक दम गीली थी। 

निक्कू उठा और अपना लंड सुजाता आंटी के मु में डाला रखा आसिफ आंटी की बड़ी तेज़ चुदाई कर रा था और थोड़ी देर में आसिफ झाड़ गया और जाके सोफे में लेट गया, अब निक्कू ने थूक माला और आंटी की चूत पे लंड रखा उसका 6 इंच का था शायद सबसे छोटा। 

लेकिन उसने अजीब सी पोजीशन में किआ, आंटी को जमीं पे किआ और उनकी गांड ऊपर की तरफ उठाई और चुदाई करने लगा बड़ा अलग सा पोज़ था , एसा लग रहा था की मानो की ज़मीन की चुदाई हो रही हो|

रमीज़ माँ की चूत मारे जा रा था और किस भी कर रहा था , उसने माँ से पुछा अब मै तुम्हारी रोज़ चुदाई करूँगा जब तुम्हरा बेटा ना हो मुझको बुला लेना , माँ बोली – ठीक है जान अब से मै तुम्हारी बीवी बाकी लोगो से चुदना बंद ये सुनके रमीज़ जोश में आ गया और तेज़्ज़ चोदने लगा , माँ की – अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उम्मम्मम उम्म्म्म फ़क मी अन्दर तक दाल फाड़ दे चूत को ऐसा बोलने लगी और थोड़ी देर में वो झड गया माँ की चूत में ही |

लेकिन निक्कू लगा हुआ था और आंटी भी बोल रही थी की ‘आए आए ओहूऊ क्या मज़ाआ दार पोस है , उसने आंटी को उठा के सोफे पे किआ और इतने तेज़ धक्के दिए की सोफे हिल गया… आंटी भी चीख के मारे पगला गयी ‘ अरे आराम स कर कुत्त्ते कितनी बुरी तरह चोद रा है| आंटी ओर्गास्म पे जा पहुंची थी तभी निक्कू वह से हटा और माँ पे टूट पड़ा और माँ को घोड़ी बनने को कहा, माँ बन गयी।

Muslim Aunty Sex Story

वो साला हवा की रफ़्तार से चुदाई कर रहा था , मम्मी एक दम रो पड़ी और उसे पीछे हटा रही थी वो कुत्तो की तरह लगा हुआ था। बहुत स्टैमिना था करीब 10 मं की चुदाई में माँ 3 वार झड चुकी थी अब निक्कू भी झाडा और माँ पे ही लेट गया अब आसिफ खड़ा हुआ और बोलै सुमु रानी मुझ से तो नहीं चुदवाया, मम्मी बोली दर्द हो रा ह थोडा ,रुक जाओ। 

उसने माँ को बियर दी और बोला इससे नहीं होगा दर्द ,पहले उन्होंने बियर पि और फिर आसिफ ने माँ की गांड चाटी, माँ बोली आसिफ आज नहीं , आरिफ ने बोलै आज ही, आज ही तुझे चाँद दिखाना है , आज के बाद तो तू रमीज़ की रंडी बन जयेग्गी। 

उसने क्रीम लगाई गांड के छेद पे और दाल दिया लंड और माँ की सांसें अटक गयी थी 1/ लंड भी नहीं गया था अभी तो अन्दर, माँ उसे पीछे हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन आसिफ ताकतवर था उसने 3-4 धकके मारे और लंड पूरा अंदर… माँ गिर पड़ी और आसिफ चोदता रहा कुत्ते की तरह माँ की गांड एक दम लाल हो गयी थी , आसिफ माँ की गांड पे चांटे भी मार रहा था। 

उधर रमीज़ और निक्कू खड़े हुए और आंटी को डबल सेक्स की पोजीशन में ले लिए आंटी बड़े आराम से चुदवा रही थी वो एक्सपीरियंस थी , लेकिन फिर भी निक्कू के ज़ालिम अत्याचार से आंटी की गांड नहीं बच पायी इतनी तेज़्ज़ चुदाई – थप थप थप 

एक के बाद एक धक्के से आंटी की हालत नाज़ुक स हो गयी थी, निक्कू तो आंटी की गाल पे भी चांटे मार रहा था।

उसे देख के रमीज़ बोला साले मुझे बी करने दे ,मिक्कू बोला जा अपनी रांड के पास… रमीज़ आरिफ के कान में कुछ कहा – आरिफ बोला ओके. मम्मी समज गयी थी की डबल होने वाला है, माँ ने मन किआ और हट गयी रमीज़ उनके पास गया और बोला की ट्रस्ट ह न, प्यार से करेंगे मम्मी मान गयी।

अब रमीज़ खुद मेरी मां के नीचे आ गया और उसने अपना लंड मेरी गांड मां की गांड पर सेट किया, बड़े ही प्यार से उसने अपना पूरा लंडमेरी मां की गांड में घुसा दिया और उसको अपने दोनों हाथों से उसके पैरों को उठा लिया! अब सामने से आसिफ उठ कर आया। और अपने लंड को मसल मसल के खड़ा कर दिया! आसिफ ने बिल्कुल भी रहम नहीं करा और एक ही झटके के अंदर अपना पूरा का पूरा 8 इंच लंबा लंड मेरी मां की चूत में घुसा दिया!

वह दोनों लोग मेरी मां की चूत और गांड के छेद को एक साथ चोद रहे थे, मां की हालत पतली हो गई थी अब तो आसिफ भी पूरे मूड में आ गया था और वह पूरी ताकत से अपनी कमर को आगे पीछे हिला रहा था, पीछे से रमीज़ भी बोल रहा था – आसिफ को भी धीरे- धीरे करने के लिए! लेकिन आसिफ तो अपनी ही धुन के अंदर बहुत तेजी से मां की चूत को चोद रहा था, मां ने आसिफ की कमर को पकड़ रखा था जिसकी वजह से आसिफ को यह इफेक्ट मिल रहा था और उसकी कमर ज्यादा पीछे जाने से पहले ही दोबारा से चूत पर अटैक कर दे रही थी।

आसिफ थोड़ी देर बाद ही मां की चूत में झड़ने वाला था और उसने अपना लंड निकाल कर सारा माल मार के पेट पर झाड़ दिया, और वहां से हटकर सोफे पर लेट गया उसके बाद रमीज ने मां के टांगों को अपने हाथ उठाए रखा और खुद अपना लंड मां की चूत में अंदर- बाहर करने लगा! थोड़ी देर बाद वह भी मां की चूत के अंदर ही झड़ गया!

मां की गांड और चूत से उन दोनों का रस निकल रहा था जिसको रमीज़ ने अपनी उंगली पर लगाया और मेरी मां को चूसा दिया, मां उसकी उंगली को ऐसे चूस रही थी जैसे कोई बच्चा चुसनी चूसता है!

मां रमीज़ को कहती है कि ऐसा कर तू घर पर आ जा और अंकुर से दोबारा से दोस्ती कर ले उस तरीके से अब तू मेरे घर पर भी चुदाई कर लेगा!

रमीज़ ने अपना सर हां में हिला दिया! रमीज़ और आसिफ तो निढाल पड़े थे लेकिन निक्कू एक बार फिर से उसका लंड खड़ा हो गया था और उसने झट से मेरी मां के मुंह में लंड घुसा दिया, वह मेरी मां कोई मुंह को ऐसे चोद रहा था मानो कोई नई नवेली चूत को चोद रहा हो! 5 मिनट की मुह चुदाई के बाद निक्कू भी मां के मुंह में ही माल झाड़ दिया! जब निक्कू मेरे मां के मुंह को चोद रहा था। 

तो मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं भी अपना लंड हिलाने लगा और निक्कू और मैं एक साथ ही झड़ गए थे!

पहले जो मैं बहुत गुस्सा हो रहा था मां पर, अब मन ही मन मुझे अच्छा भी लग रहा था, कि मैंने अपनी मां की चुदाई पर अपना माल गिरा दिया था! 

अब वह लोग वहां से निकलने की तैयारी कर रहे थे और मैं भी वहां से भाग कर अपने घर की ओर चल पड़ा!

रास्ते में जाते जाते मुझे मां की वह सारी बातें कही हुई याद आ रही थी कि कैसे उसने मेरे कजन ब्रदर से चुदवाया था। 

मैं रास्ते में ही अपनी कजन ब्रदर को फोन लगाया और मैंने उसे सीधा सीधा पूछा सच बता तेरा और माँ का क्या रिश्ता है! पहले तो वह इधर उधर की बातें करने लगा लेकिन जब मैंने बहुत ज्यादा जोर देकर पूछा और उसको सारे सबूत की चीजें बताई तो आखिर में उसने मुझे सच बता ही दिया! उससे मेरी उस दिन के बाद काफी सारी बातें होने लगी और उसने मुझे दो-तीन स्टोरीज के बारे में बताया जो कि मैं आपको फिर किसी और वक्त में बताऊंगा! आपको यह Antarvasna Story कैसी लगी यह बताने के लिए मुझे नीचे दिए ईमेल पर मुझे मेल करिए!

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मैं उम्मीद करता हूं कि मैं आगे से स्टोरी टाइम पर लिख पाऊंगा, आपका प्यार देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

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