मौसी की चौड़ी गांड

मौसी को झुक कर झाड़ू मारता देख मुझे उनकी सेक्सी गांड दिख गई। मैं भाग कर गया और मौसी के पीछे चिपक गया। दोस्तों मेरा नाम रवि है और मैं पटना का रहने वाला हूँ और मेरी मौसी की चौड़ी गांड की सेक्स कहानी। 

मैंने आज से पहले कभी कोई कहानी नहीं लिखी पर जब दूसरे लोगो को अपनी चुदाई की कहानी बताते देखा तो मैं अपने आप को रोक नहीं पाया। इस देसी कहानी में मैंने अपनी मौसी की चौड़ी गांड चोदी और ये बात किसी को पता नहीं लगी। 

मैं गर्मियों में अपनी मौसी घर गया हुआ था और वहा कुछ दिन के लिए रह रहा था। मेरी मौसी पूरी देसी औरत थी उन्हें न तो पढ़ना आता था न लिखना। मौसा जी की दिमागी हालत ठीक नहीं थे इसलिए वो सही से कोई काम नहीं कर पाते थे। 

इसीलिए मेरी मौसी खुद पैसा भी कमाती और खुद घर भी चलाती। उनका एक 10 साल का बेटा भी था जो सरकारी स्कूल जाता था। 

मौसी आँगनवाडी में जाकर छोटे बच्चो के लिए खाना बनाया करती और उसे बाटा भी करती। इस तरह उनका घर चल रहा था। 

उन्हें घर कुछ 2 दिन गुजारने के बाद मुझे ये सब पता लगा की मौसी कितनी मुसीबत में है। उसी दिन रात को मेरा लिंग खड़ा हो गया क्यों की मैंने 4 दिन से उसे हिलाया नहीं था। 

उस दिन रात को लंड हिलाते हुए मैं ये सोचने लगा की मौसी आखिर अपनी कामवासना को कैसे शान्त करती होगी ?  

बस उसी वक्त कमरे के बाहर से मुझे मौसी जाते हुए दिखी। 

 मैंने सोचा की चलो एक नजर मौसी के कमरे में मार कर आता हूँ क्या पता वो भी कुछ अश्लील काम करती हो। 

मैं उनके पीछे गया तो देखा वो आधी रात को बेड के नीचे झाड़ू मार रही थी। 

देखने पर ऐसा लग रहा था की जैसे वो नीचे से अपनी चपल निकाल रही हो। क्यों की उन्होंने सिर्फ एक चपल पहनी थी। 

मैं पीछे खड़ा उनकी बड़ी सी गांड देखता रहा और मेरा लंड दोबारा उठ खड़ा हुआ। 

मैं अपने हाथो को रोक न सका और मौसी की चौड़ी गांड देखकर मैं अपने लिंग को सहलाने लगा। 

शायद मौसी की कच्छी उनके चूतड़ों के बीच घुसी हुई थी इसी लिए उन्होंने अपना एक हाथ पीछे किया और अपने चूतड़ों में उंगलिया डाल कर कच्छी बाहर निकालने लगी। 

उन्हें ऐसा करता देख मैं पागल सा होने लगा। मैं आगे बड़ा और मौसी की साड़ी उठा कर उनके पेटीकोट में अपना मुँह दे बैठा। 

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अंदर मुँह डाल कर मैं मौसी की कच्छी को आधा उतारा और उनकी चुत को चाटने लगा। 

पहले तो मौसी डर गई उसके बाद जब मेरी जुबान उनकी चुत पर चलने लगी तो उनको आनंद आने लगा। 

वो उसी तरह झुक कर बैठी रही और उनकी चुत को चाट कर गीला करता रहा। 

उस दौरान घर पर सभी सो रहे थे और किसी को इस बात की भनक तक नहीं थी की मैं mausi ki chaudi gand को चाट कर चोदने वाला हूँ। 

मौसी चूतड़ काफी बड़े बड़े थे और उन पर काफी सारा मांस था।  मैं उनकी रसीली गांड को चाटा चूमता रहा। इसी तरह मौसी की masumiyat ne chudvaya मेरा लंड। मैं खड़ा हुआ और उनकी साड़ी उठा कर उनकी चुत में लंड डाल दिया। 

मौसी की चुत से ऐसे रस टपक रहा था जैसे कोई शहद का छता हो। 

मौसी ने पीछे मूड कर मुझे कहा तेरी माँ की चूत !!!

मौसी मेरी हरकत से गुसा तो थी पर मेरी जुबान की वजह से उनका शरीर वही थमा हुआ था।  

इस से पता लग रहा था की वो कितने सालो से सेक्सी की प्यासी थी। मैं धीरे धीरे अपनी कमर उनके चूतड़ों पर मारने लगा और अपने लंड को उनकी चुत के अंदर रगड़ता रहा। 

मौसी की चौड़ी गांड के आगे मेरी कमर कुछ भी नहीं थे। उनकी गांड देख मेरे मुँह से पानी और लंड से रस टपक रहा था।

मैं अपने दोनों हाथो से उनके दोनों चूतड़ों को पकड़ कर पूरा मजा ले रहा था। 

तभी मौसी ने अपने ब्लाउज को खोलना शुरू कर दिया। 

उन्होंने ब्लाउज खोल कर मुझे पीछे से ब्रा खोलने को कहा। 

पर मुझे इतनी हवस लगी थी की मैंने अपने दोनों ठन्डे हाथ उनकी ब्रा के अंदर घुसाए और उनके गर्म गर्म थन हाथ में ले लिए। 

मैं तेज सासे लेता हुआ अपनी कमर हिलाने लगा और मौसी को पूरा संतुष्ट करने लगा। मैंने कम से कम 4 दिनों से मुठ नहीं मारी थी जिस वजह से मेरा लंड पूरा फुला हुआ था जो काफी सख्त हो गया था। 

भारी फुले स्तन हाथो में पकड़ कर उनकी चूचियां मसलते हुए मैं गीली चुत को चोदता रहा। मौसी की चौड़ी गांड पकड़ कर मैं चुत मारते हुए हाफने लगा तो मौसी की हल्की चीखे निकलने लगी। 

मैंने चुदाई करते हुए मौसी के स्तन पकड़ कर उन्हें ब्रा से भर निकाल कर लटका दिए। 

वो लटक कर जमीं को छूने लगे। उनके दोनों खड़े निप्पल ठंडी जमीं पर लग रहे थे और मेरे धको से रगड़ भी खा रहे थे।  

ठंडी जमीं पर निप्पल रगड़ने से मौसी अपना आप खोने लगी और सेक्स का ज्यादा से ज्यादा आनंद लेने लगी। 

तभी उनके निप्पल हल्का हल्का दूध निकलने लगा। दूध की पतली धार जमीं पर गिरने लगी। 

मैंने न तो उन्हें दबाया था और न तो चूसा लेकिन फिर भी मौसी के स्तनों से अपने आप दूध बरसने लगा ही देखते फर्श गीला हो गया। 

ये देख मैं हेरा हो गया और चुदाई रोक कर उनके स्तनों को दबा कर और दूध निकालने लगा। 

किसी गाय की तरह मैंने मौसी से स्तनों को खींच खींच कर उनका दूध फर्श पर गिराना शुरू कर दिया। 

मौसी के स्तन हल्के हल्के लाल थे और दोनों निप्पल काले थे। 

इस दौरान मौसी ने अपना एक हाथ नीचे से पीछे लिया और मेरे गोटो को पकड़ कर उन्हें दबाना शुरू कर दिया। 

मैंने भी दर्द का आनंद लेते हुए मौसी की चुत दोबारा चोदनी शुरू कर डाली। 

अचानक मौसी ने मेरे अंडे जोर दबाए और मैंने अपनी कमर जोरदास्त तरीके से हिलानी शुरू कर डाली। 

देखते ही देखते चुत से लम्बी लम्बी लार टपक कर नीचे गिरने लगी। 

इसी तरह मेरा माल मौसी की चुत में छूट गया। 

माल निकलने के बाद मौसी कुछ फर्श पर बेहाल होकर लेटी रही और चुदाई के बाद आराम करने लगी। 

मौसी की चौड़ी गांड चोदने के बाद फर्श पर उनका दूध, चुत का रस और खुद नंगी मौसी पड़ी थी। 

मैंने जल्दी से फर्श साफ किया और सेक्सी मौसी को उठा कर उन्हें साड़ी पहने में मदद की। 

इस तरह मैंने अपनी सेक्सी और हॉट मौसी की चौड़ी गांड चोद डाली। और हमारे बीच एक नया और गहरा रिश्ता बना। 

मैं यहाँ एक और अपनी risto mein chudai की हॉट कहानी जरूर लेकर वापस आउगा। 

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