जब मैंने अपने दोस्त की गांड मारी

दो दोस्त जब एक साथ पड़े कर रहे थे, तभी एक दोस्त ने गन्दी फिल्मे लगा दी, जोकि गे था। और दोनों गर्म हो गए और दोनों वासना में बह गए। फिर दोनों ने जो क्रिया कांड किया, वो तो पड़ने लायक है।

लड़कों की दोस्ती बहुत ही अटूट और भाईचारे वाली होती है। लड़कों की दोस्ती काफी लंबी चलती है, और बहुत ही अच्छी होती है, दोनों एक दूसरे के लिए हर वक्त खड़े रहते हैं। परंतु जवानी के जोश में कब यह भाईचारा चुदाई चारे में बदल जाए पता ही नहीं चलता। और पता नहीं कब मेरी वासना जग गई और तब मैंने अपने दोस्त की गांड मारी।  

ऐसा ही कुछ मेरे साथ हुआ और यह मेरी अंतर्वासना Gay Sex Story है। मेरा नाम राकेश है और मैं मुंबई में रहता हूं। हर लड़के की तरह मुझे भी अश्लील तस्वीरें देखना और लड़कियां पटाना बहुत ही पसंद है। 

जिस तरह हर जवान लड़का यह सोचता है उसकी एक सुंदर गर्लफ्रेंड हो, जिसे वह खूब चोद सके। उसी तरह मेरी भी कुछ ऐसी ही ख्वाहिश थी, परंतु यह ख्वाहिशें कभी पूरी ना हुई। 

diwwali-banner-gif-min

क्योंकि मैं कभी कोई लड़की नहीं पटा पाया ऐसा नहीं है मैं दिखने में अच्छा नहीं था। मेरी शख्सियत काफी अच्छी थी, परंतु पता नहीं क्यों, मैं लड़कियां नहीं पटा पाता था। मेरा खिंचाव लड़कों की तरफ ज्यादा था और मैं लड़कों से आकर्षित हो जाता था। 

मैंने इस बारे में काफी सर्च किया और पता किया कि ऐसा मेरे साथ क्यों है? 

तो मुझे यह बात पता लगी ऐसा और हॉर्मोन चेंज की वजह से होता है। मेरे अंदर के और मॉल्स को लड़कियां नहीं बल्कि लड़के पसंद है। और सच बताऊं किसी भी आकर्षक लड़के को देखते ही मेरी लुल्ली खड़ी हो जाती है। और ऐसा ही कुछ हुआ जब मैं सूरज मिला। 

सूरज एक होनहार लड़का था और हमारी दोस्ती कॉलेज के सेकंड ईयर में हुई थी। मैं सूरज का सीनियर था क्योंकि मैं तीसरे साल में पढ़ाई कर रहा था। किसी को भी मेरे इस हार्मोन चेंज के बारे में नहीं पता था। 

और मैं किसी को कैसे बताऊं कि मैं एक गे हूं। तो यह बात मैंने किसी को ना बताएं और अपनी साधारण जिंदगी जीता रहा। परंतु उस दिन सब कुछ बदल गया जब सूरज और मैं एक साथ पढ़ाई कर रहे थे बायोलॉजी की। हमारे दो दिन बाद पेपर शुरू होने वाले थे, तो हम साथ में मिलकर पढ़ाई कर रहे थे। क्योंकि सूरत से मैं एक साल बड़ा था तो मैं सूरज को कुछ पाठ पढ़ा रहा था। 

परंतु मुझे क्या पता था कि यह पाठ पढ़ाते-पढ़ाते मेरे अंदर की वासना जाग जाएगी।

ezgif-com-gif-maker
ऑफर्स सिर्फ आपके लिए!

क्योंकि सूरज एक बहुत ही आकर्षक और अच्छा लड़का था। तो जब हम दोनों साथ में पढ़ाई कर रहे थे, तब हम पढ़ते-पढ़ते बोर हो गए। हम लगातार तीन-चार घंटों से पढ़ाई कर रहे थे, और हम पढ़ते-पढ़ते ऊब गए। 

तो मैंने ऐसे ही सूरत से बोला – चलो थोड़ा आराम कर लो और मोबाइल में कुछ मजेदार देखा जाए। 

सूरज बोला – मजेदार मतलब? कौन सी फिल्म लगाने वाले हो? 

मैंने बोला – अरे! तुम आराम से लेत जाओ मेरे साथ, बहुत ही बढ़िया फिल्म लगाऊंगा तुम्हें मजा ही आ जाएगा। 

और मैंने अश्लील तस्वीरें और गन्दी फिल्मे लगा दी, जो की बहुत ही गंदी और मस्त थी। 

अपना लंड खड़ा करने के लिए हमें इंस्टाग्राम पर फॉलो करे !!

follow antarvasnastory on instagram

पहले तो यह देखते ही सूरज अचानक से हैरान हो गया। और बोला – कि ये क्या लगा दिया? मैंने कभी नहीं देखी है यह सारी चीजें। 

उससे ज्यादा हैरान तो मैं हो गया कि लड़का होते हुए उसने कभी अश्लील तस्वीरें नहीं देती। 

मैंने बोला – अरे! यार कुछ नहीं होता, हर लड़का आज के समय में यह देखता है। यह सुनने के बाथ वो कुछ शांत हुआ और सूरज मेरे पास आकर लेट गया। और हम दोनों एक साथ मजेदार और मस्त-मस्त ब्लू फिल्म देखने लगे। 

पिक्चरें देखते-देखते हम दोनों अपना लंड अपने पैंट में हाथ डाल कर मसलने लगे। मैंने फिर एकदम से गे पॉर्न वीडियोस लगा दी, जिसमें लड़का-लड़का एक साथ चुदाई कर रहे थे। 

सूरज हैरान हो गया और बोला – ऐसा भी होता है क्या? लड़का-लड़के से काम चला रहा है। 

Phones
अभी देखे! कही ये ऑफर्स आपसे छूट न जाये

मैंने उसे समझाया, हां। ऐसा भी होता है, इन लोगों को लड़कियों में नहीं बल्कि लड़कों में दिलचस्पी होती हैं। क्योंकि सूरज मेरे पास ही लेटा था तो मेरी लुल्ली तो एकदम खड़ी थी और अश्लील तस्वीरें आग में घी डालने का काम कर रही थी। 

सूरज अपना लंड मसल रहा था, तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। और अपने हाथों से उसके लंड की मुठ मारने लगा। 

पहले तो सूरज हैरान हो गया और बोला – कि क्या कर रहे हो? मेरे पास मेरा हाथ है। 

मैंने बोला – सोचा थोड़ा तुमको कुछ अलग ही आनंद दिला दूं और अपने हाथों का मजा दिला दो। 

सूरज बोला – तुम्हारे हाथ तो किसी लड़की की तरह नरम मजेदार है…. बहुत ही मजा आ रहा है। 

यह सुनते ही मैंने सूरज को एक चुम्मा दे दिया। सूरज बहुत ही ज्यादा डर गया और बोलने लगा – ऐसा करना सही नहीं है, यह गलत है। 

मैंने उसे समझाया – हमने अभी-अभी तो इन तस्वीरों में देखा लड़का-लड़का एक दूसरे के साथ कर रहे थे। तो यह गलत कैसे हुआ सूरज तुम ही बताओ। 

सूरज बहुत ही भोला और सीधा था और वह मेरी बातों में आ गया और फस गया। फिर वह शांत हो गया और चुपचाप लेट गया। 

मैंने सूरत से बोला – परेशान ना हो तुमको बहुत ही आनंद आएगा, आज तुम्हारा खुशनसीबी वाला दिन है। 

मैंने सूरज को पूरा निर्वस्त्र कर दिया और खुद भी निर्वस्त्र हो गया। 

home-and-kitchen

मैं सूरज की मुठ मारता रहा और उसके अंडो को चूसने लगा। उसके बड़े-बड़े गोल-गोल अखरोटों को मैं अपने मुंह में दाएं-बाएं हिला रहा था। 

और साथ ही अपने हाथों से मैं सूरज के निप्पल भी दबा रहा था। सूरज के लिए यह अलग ही अहसास था और उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था और साथ ही उसको आनंद भी आ रहा था। 

फिर मैंने सूरज की दोनों टांगों को खींच के ऊपर कर दिया। 

और सूरज की गांड को चाटने लगा क्योंकि सूरज की गांड बहुत ही गोल मटोल और नरम थी। और मैं यह पहली बार किसी लड़के के साथ कर रहा था मेरी वासना से रुका न गया। 

सूरज का लंड एकदम खड़ा था और उसने लंड से पानी टपक रहा था। इस बात का सबूत था कि उसे अंतहीन आनंद आ रहा है। फिर मैंने अपना लंड खड़ा किया और सूरज की गांड में धीरे-धीरे घुसाने लगा। 

पहले तो सूरज दर्द से आवाजें निकाल रहा था। परंतु उसकी आवाज जब रुकी, जब मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया। और फिर मैं अपनी कमर धीरे-धीरे हिलाने लगा और सूरज की गांड चोदने लगा। 

साथी में सूरज की गांड चोदते चोदते सूरज की मुट्ठी मार रहा था अपने हाथों से। इतना ज्यादा जबरदस्त काम क्रिया वासना पाकर सूरज से रहा ना जा रहा था। और उसे बहुत ही ज्यादा कामवासना की संतुष्टि प्राप्त हो रही थी। 

फिर मैंने सूरज को कुत्ते की तरह होने को बोला। सूरज कुत्ते की तरह हो गया और मैंने अपना लंड उसकी गांड में घुसा दिया। उसकी गांड को जोर-जोर से चोद रहा था और साथ ही उसके लंड की मुठ भी मार रहा है। फिर बस हम दोनों को चरण सुखी की प्राप्ति होने ही वाली थी। और मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और मैं सूरज की गांड को खोदने लगा अपने लंड से। 

और बस हम दोनों का एक साथ ही झड़ गया। मैंने अपना सारा माल सूरज की गांड में झाड़ दिया और सूरज के लंड से भी सारा वीर्य झड़ गया। 

इस क्रिया कर्म के बाद हम दोनों बहुत ही ज्यादा थक गए और दोनों को एहसास नहीं हो रहा था, कि उन्होंने यह कांड कर दिया है। परंतु यह बात कमरे में ही दबी रह गई और हमने इस बात का किसी के साथ भी जिक्र नहीं किया। 

और इसके बाद हम दोनों की दोस्ती और भी ज्यादा गहरी और अच्छी हो गई। और हमने अपना ही है रिश्ता आगे भी ऐसे ही कायम रखा। 

यह अन्तर्वासना कहानी राकेश की थी जिसने हमें अपनी XXX Sex Story भेजी। और हमने इसे आप सभी के साथ साझा किया। आशा है की आपको मज़ा आया होगा ये कहानी पढ़कर। आप हमें अपनी कहानी भी भेज सकते है, जिसे हम पूरी गोपनीयता के साथ अपनी वेबसाइट AntarvasnaStory.Net पर डालेंगे।

error: Content is protected !!