माँ को जबरदस्ती चोदा

पानीपत की रहने वाली 43 साल की विवाहित प्रिन्सी ने अपने 18 साल के बेटे के साथ किया सेक्स। अपनी कहानी माँ को जबरदस्ती चोदा में प्रिन्सी ने बताया की कैसे उसके बेटे ने उसके साथ जबरदस्ती चुदाई की। प्रिन्सी का अकेलापन और उसके असंतुष्ट यौन जीवन ने उसे अपने बेटे के साथ ये अश्लील हरकत करने को मजबूर कर दिया।  

इस कहानी के जरिये अन्तर्वासना स्टोरी लड़कियों और औरतों के साथ बदसलूकी और कोई भी बुरे व्यवहार को बढ़ावा नहीं दे रहा है। ये सेक्स कहानी केवल मनोरंजन के लिए है।  

मैं विवाहित थी पर मेरा पति मुझे कभी यौन संतुष्टि नहीं दे पाया। मेरा पति एक अच्छा बाबर्ची था और वो बड़े बड़े होटलो में खाना पकता था। इस काम की वजह से मैं रत में अकेली हो जाती थी। मेरा एक बेटा था जो हॉस्टल में रहता था और साल में दो बार घर आता था। 

मुझे जवान लड़के पसंद थे क्यों की वो ज्यादा आक्रामक और जोशीले होते है। चुदाई और यौन संतुष्टि के लिए मैं पराए मर्दो से भी संबंध बनाने के लिए तैयार थी पर मेरी उम्र की वजह से कोई मुझे पसंद नही करता था। 

मेने अपने आप को सेक्सी बनाने के लिए वजन कम करना भी शुरू कर दिया पर कभी कभी मुझे पराए मर्दो से डर भी लगता था। 

पर जब मेरा बेटा हॉस्टल से वापस आया तो उसने मेरा सेक्सी शरीर को देख मेरे साथ कुछ ऐसा किया जिसकी मुझे उम्मीद भी नही थी।  

मेरा पति हर बार की तरह घर पर नही था और मेरा बेटा आज शाम को घर आने वाला था। 

जब मेरा बेटा घर आया तो उसने पहले तो मेरे बदन को देखा। मेरी पतली कमर की वजह से मेरे स्तन और गांड बड़ी दिखने लगी थी। 

बेटे ने मुझे गले लगाया और मेरी कमर पर अपने हाथ लपेट लिए। उसने जान मुझ कर मुझे कस कर गले लगाया ताकि वो मेरे स्तन अपनी छाती पर महसूस कर सके। 

बेटे का ऐसा बर्ताव देख मुझे लगा की मैं काफी सेक्सी लगने लगी हूँ पर में ये भी देखना चाहती थी की मेरा शरीर मेरे बेटे का लिंग खड़ा कर पाया की नही। 

मेने अपनी एक जांघ उठाई और उसके दोनों पेरो के बीच कर दी और उसका लिंग महसूस करने लगी। 

मेरे बेटे का लंड खड़ा था और मेरे घुटनो पर रगड़ खाने लगा। ये देख मेरा बेटा और उत्साहित हो गया और समझ बैठा की मैं उसके साथ चुदाई करना चाहती हु। 

उसने मेरी गांड पर हाथ रखा और मेरी जीन्स के ऊपर से सहलाने लगा। फिर मेरे कुछ कहने से पहले ही उसने मुझे सोफे पर धका दिया और मेरे ऊपर चढ़ कर मेरी टी शर्ट उतार दी।

मेटे का हवसी रूप देख मैं डर गई पर उसकी पैंट में फुला लिंग देख मैं भी कुछ देर कामुक हो गई। पर जब मेरा बेटा मेरे स्तन मसलने लगा तब मुझे एहसास हुआ की ये गलत है।  

मेने उसे पीछे धकेला पर उसका जानवर सा रूप देख मेरे हाथ पैर डर के मारे कापने लगे और मैं कुछ न कर सकी। 

मेरा कुछ न करना मेरे बेटे को और बढ़ावा देने लगा और मेरे बेटे ने मेरे स्तनों पर झापड़ मारना शुरू कर दिया। 

उसकी इन हरकतों से साफ पता लग रहा था की अंग्रजो की गन्दी चुदाई वाली फिल्मे देखता है। वो कभी मेरे स्तन जोरदार मसलता तो कभी प्यार से चुस्त। 

क्यों की मैं खुद काफी असंतुष्ट थी मेने भी उसकी जबरदस्ती का आनंद लेना शुरू कर दिया। जब मेने अपने बेटे को ध्यान से देखा तो मुझे पता लगा की मेरे बेटे में वो सारे हुनर है जो एक अकेली औरत को चुदाई की संतुष्टि दे सकता है। 

मेने अपनी जीन्स का बटन खोला और अपने बेटे को इशारा कर के अपनी चुत चाटने को कहा। बेटे ने झट से मेरी जीन्स और पैंटी उतार फेंकी और मेरे पैर खोल के लंड घुसाने लगा।

मेने कहा – रुको !! बेटा पहले मुझे तैयार तो कर दो। 

बेटा – क्या हुआ माँ ? आपका कहने का मतलब क्या है। 

मेने कहा – अपना मुँह मेरी योनी पर रखो और अपनी जीभ से चाटो। 

बेटा – पर क्यों ?

मेने कहा – मुझे दर्द पहुंचना चाहते हो क्या ? सुखी चुदाई करने से दर्द होता है। 

बेटा – छी मैं नही चाटने वाला। 

बेटे ने मेरी चुत पर थूका और अपने लंड को तेजी से मेरे अंदर घुसा दिया। बेटे की बेरहमी और नासमझी से मेरे मुंह से तेज चीख निकलने लगी।

माँ (तेज सासे लेते हुए) – अह्ह्ह्ह नहीं !!! अहह उह्ह !!!

बेटा – माँ अहह चीखो नहीं पड़ोसी लोगो को पता लग जाएगा।  

माँ – तेरे जैसा बेटा हो तो माँ तो दर्द से ही चीखेगी बीटा। 

उसने अपने लंड से मेरी चुत को पीटना शुरू क्या किया वो और जंगली हो गया। मेने अपनी पड़ोसन के मुँह से सुना था की मेरे बेटे ने पहले अपने दोस्त की मम्मी के साथ अश्लील क्रिया करम भी किया था। 

मेरे बेटे ने अपनी maa ko jabardasti choda और इस बात की उसे जरा भी शर्म नहीं आ रही थी। उसने अपने होंठ मेरी तरफ बढ़ाये और मेरी जीभ को चूसने लगा। 

वो अंग्रेजो की तरह मेरी जीभ चूसते हुए मुझे चुम रहा था। उसका ये अंदाज मुझे भा गया और हम एक दूसरे की जीभ चूसते हुए चुदाई करने लगे। मेरे बेटे ने मेरी अन्तर्वासना शांत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

उसने मेरी चुत का माल निकालने के लिए मेरी खूब गांड पिटाई की। और मेरी चुत को संतुष्ट करने में उसने अपनी पूरी जान लगा दी। 

फिर मैं खुद उठी और बेटे के सामने झुक कर टेबल का सहारा ले कर कड़ी हो गई। मेरे मोठे स्तन लटक कर छलने लगे और मेरा बेटा मेरी गांड से टपकता रास चाटने लगा। 

चाटने के बाद उसने अपना लिंग फिर से मेरी चुत पर देमारा और मैं दर्द के आनंद से चीखने लगी। मेरी काली चुत से टपकता पानी उसके लिंग को और चिकना बना दिया जिसकी वजह से मेरा बेटा मेरी गहराइयों में उतरने लगा। 

उसके कड़क लिंग का ऊपरी लाल भाग मेरे अंदर तेजी से रगड़ खा रहा था। बेटे की तेजी से हिलती कमर मुझे चरम सुख के करीब पहुंचा दी।

बेटे ने झटके से अपना लिंग मेरी चुत से निकला और फिरसे मेरी गांड में मुँह देकर चुत चाटने लगा। उसकी ये हरकत मैं सहन नही कर पाई और मेरी चुत से सफ़ेद माल की धार निकल पड़ी। 

मेरा बेटा मजे से मेरा रास पिने लगा और मेरी चुत को चाट कर साफ करने लगा। मैं तो संतुष्ट हो गई थी पर मेरा बेटा नहीं। वो फिर खड़ा हुआ और मेरी थकी हारी चुत को अपने हथोड़े समान लिंग से पीटने लगा। 

जब मेरी चुत का बाहरी हिंसा और मेरी पूरी गांड लाल हो गई तब मेरे बेटे का माल निकला। और मुझे दो पर आराम करने का मौका मिला। 

बेटे का चुदाई करने का हुनर मुझे भा गया। पर उस वक्त तो शाम थी और अभी पूरी रत बची थी। मैं ये सोच सोच कर डरने लगी की पूरी रात मेरी जंगली बेटा मेरे साथ क्या करेगा। 

मुझे दर्द तो काफी हुआ पर इसी दर्द की तो मैं तलाश में थी। हमने उस रत काफी चुदाई की और हर तरह की गन्दी अश्लील हरकत की जो हम कर सकते थे। 

ये थी मेरी कहानी माँ को जबरदस्ती चोदा। अब हम दोनों के रिश्ते बदल चुके है। बाहर वालो और पति के सामने हम दोनों माँ बेटे है पर अकेले में हम प्रेमी है। ये थी मेरी माँ बेटे की चुदाई कहानी अगर मैं आपको अपनी कहनी के जरिये यौन संतुष्टि दे पाई तो कमेंट में जरूर बताना। 

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