अपनी माँ को पूरी रात बारिश में चोदता रहा

हेलो दोस्तो कैसे हो आप लोग मैं महेंद्र मेरा दूसरा नाम मनीष है पर सब मुझे महेंद्र ही बोलते है । आज मैं आप लोगो को अपनी सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैने अपनी सगी मा को चोदा ।  मेरा निवेदन है प्लीज कहानी पूरा पढ़ना । मेरी माँ को बरसात में चोदा कहानी पढ़ते हुए आप दो बार मुठ मार लोगे मेरी गारंटी है दोस्तो मैं उत्तर भारत से हूँ मेरे गांव का नाम ******** है यहाँ हम खेती करते है और हमारे परिवार में कुल 5 लोग है ये कहानी तब की है जब में 18 साल का था मैंने 12वी पास कर ली है अब मैं कॉलेज में हूँ मैं शरीर से लगभग 5.5 फुट का हूँ और मैं जिम करता हूँ जिससे मेरा शरीर मोस्क्युलर है मेरी दो बहने है एक छोटी और एक बड़ी बड़ी  दीदी की शादी फिलहाल में ही हुई थी  और वो दिल्ली में रहती है अपने पति के साथ  उनकी शादी के 3 महीने बीत चुके थे अब घर पर बरसात का दिन था तो पापा बाहर जाने वाले थे पैसे कमाने के लिए और छोटी बहन मामा के यहां जाना चाहती थी तो एक दिन मैं पाप को स्टेशन छोड़ के आया और बहन को पहले ही मामा के यह गयी थी । जिस दिन पाप गए शाम को बहोत तेज बारिश होने लगी मेरे घर मे मैं और ममी दोनो अलग कमरे मे सोते थे । उस दिन भी ऐसा ही हुआ । दोस्तो मैं 18 साल का था, जवानी अंग अंग में बसी थी मैं नंगा होकर सोता था। उस दिन ममी के कमरे में पानी आने लगा बारिश का तो ममी मेरे कमरे मे आकर सो गई  उन्होंने ध्यान नही दिया कि मैं नंगा हूँ
दोस्तो मेरी ममी का की गांड 42 की थी और चुचिया 38 की वो अब भी जवान जैसी लगती थी मेरे और मेरी ममी का रूम बगल में ही था और रोज रात को मेरा बाप ममी को चोदता था और इनकी आवाजे मुझे रोज सुनाई देती थी और मैं मुठ मारके सो जाता था और कार भी क्या सकता था  ।
हा तो कहानि में आगे बढ़ते है मेरी माँ मेरे बगल में सो गई और कम्बल ओढ़ लिया  कुछ देर बाद मेरी नींद खुली तो मैंने अपनी माँ को देखा मेरा मा सिरफ ब्लाउज और साया (एक वस्त्र जो साड़ी के नीचे पहनते हौ )में थी और साया कम्बल के कारण एक जगह समेत गया  था मा की चुचिया साफ साफ़ दिखाई दे रही थी मैं उन्हें पूरी तरह से देख आ चाहता था तो मैंने एक बटन खोल दिया अब केवल एक बटन था जैसे ही मैन छूने की कोशिश की माँ काशमशै तो मैंने छोड़ दिया कि कही जग ना जाये ।
अब उनके चुचिया बाहर निकलना चाहती थी उनके  ब्लाउज फिर मा ने करवट बदली और अपनी एक टांग मेरे पेट पर डाल दिया और मुझे अपनी बाहों में भर लिया ये सब मेरी माँ नींद में कर रही थी उनको लगा मैं पापा हूँ क्योंकि पिछले 3-4 दिन से मेरे बाप ने मा को पूरी रात चोदा था आज भी मा शायद गर्म हो गयी थी मेरे जवान जिस्म का स्पर्श पाकर अब मेरी माँ लगभग मेरे ऊपर लेती थी उसकी चुचिया मेरे मुह पर आ गयी था मैं उन्हें किश कर रहा था क्या जिसम था मेरी माँ का तभी ब्लाउज का आखिरी बटन भी टूट गया और मेरी माँ के दोनों चिचिया मेरे मुंह पे थे ।
मैं दूध पीता तो किसके में से पिता दोनो बड़े बड़े थे मैं बारी बारी से दोनों को चूसता रहा फिर मेरा ध्यान मेरी माँ की टांगो की तरफ गया वो नीचे से पूरी नागी थी मैने अपना हाथ उनकी जांघो पे रखा क्या बताऊँ दोस्तो उतने मुलायम जांघ अब मेरा लुंड पूरा खड़ा हो चुका था फिर मैनी मा की गांड पे हाथ डाला क्या बताऊँ कितनी मुलायम थे मा के चुत्तर मैं उन्हें मसलन चाहता था मगर डर रहा था कही वो जग ना जाये। अब मैं उनके पूरे जिस्म को छू रहा था होठ से लेकर गांड तक मैन जीवन मे पहली बार किसी स्त्री को छुआ था मैं मजे लेते रहने चाहता था मैंने मा की चुचियो को चाट चाट के गिला कर दिया था अब मैं मा को चोदना चाहता था मैंने अपने लंड का टोपा हटाया तो वो भी गिला हो चुका था मा के स्पर्श से अब मैं उसे मा की चूत में डालना चाहता था लेकिन वो मा की चूत तक पहुच तो रहा था मगर मा बगल में थी तो घुसा नही पा रहा था ।
अब अगर मैं मा को अगर नजदीक लाने की कोशिश करता तो वो जाग जाती और शायद दांट देती तो मैंने नही जगाया और सिर्फ चूत में उंगली का उसके अंदर रास ही रस था मैंने उसे लन्ड पे लगाया और थोड़ा थूक लगाया और माँ की चूत से लगाकर मुठ मारने लगा मैं पिछले आधे  घंटे से मा को चोदने की कोशिश कर रहा था तो मैं जल्दी ही झाड़ गया अब मेरा सारा वीर्य मा की चूत पे  गिर गया वो बहोत ज्यादा था  ।
पूरी छूट और जांघ गिला हो क्या अब मुझे नींद आ रही थी मैं वैसे ही आलस के कारण वैसे ही सो गया सुबह मैं 8 बजे जगा मैं वैसे ही नंगा था अब मैं समझ गया था कि माँ से सब देख लिया ह मैं डर रहा था ,सामने जाने से  मैं सोच रहा था क्या कारु । मैं चुपके से डरके गया और  ब्रश  नहाना वगैरा सब करके आया तो माँ ने देख लिया मगर मा ने कुछ कहा नही वो वैसे ही बोली आ गए नहाकर आओ खालो मैन ध्यान दिया उनका ब्लाउज के सिर्फ एक बटन बन्द था जिस्से उनके चुचिया दिखाई दे रही थी मैं आंगन में जाकर बैठ गया     और अब मैं मा को घर रहा था । उनका बदन आज अलग ही लग रहा था
उन्होंने मुझे खाना दिया और खाने को कहा जब मैं खा रहा था तो वो नल पर चली गयी और कपड़े खोलने लगी मैं चकित रह गया ये क्या कर रही ह ममी अब वो सिर्फ साये और ब्लाउज में थी उनका बदन साफ साफ दिखाई दे रहा था वो अब पूरा पानी डालने लागू अपने बदन पर उनका पूरा कपड़ा भीग गया मम्मी के शरीर को रात को महसूस किया ही था अब द्वख भी रहा था मम्मी की चूत का नाप उनके भीगे हुए साये से नजर आ रहा था और चुचिया तो पहले ही बाहर आ गई थी जो लटक रही थी मेरी मा उन्हें साबुन लगा कर मालिश करने लगी मेरा लन्ड खड़ा होने साफ मैं बस मम्मी के बदन को घूरे जा रहा था उनकी 38 की चुचिया मानो आपस मे झगड़ रही हो वो अपने होठों को दांतों से काट रही थी मेरा मन कर रहा था अभी जाकर उनके बूब्स को हाथों में लालू मगर मैं दर रहा था कहि वो गुस्सा न हो जाये  मैं बस चुप चाप देखता रहा अब उन्होंने बदन का साबुन साफ किया ।
साया थोड़ा ऊपर उठाया फिर उन्होंने अपनी चिकनी चिकनी टांगो पे सवून लगाया देखते ही देखते उन्होंने साया को कमर में लपेट लिया अब उनकी चूत नजर आने लगी क्या बताऊ दोस्तो उनकी छूट बिल्कुल गुलाबी थी चारो तरफ हल्के काले बाल थे  अपन उन्होंने चूत पर भी साबुन लगा दिया और रगड़ने लगी और अचानक से आह कर मनमोहक आवाज निकल ये सुनकर मेरे लन्ड से पानी निकाल गया मम्मी ने देख लिया और वो मुस्करा गयी दोस्तो मुझे उनके सौन्दर्य का दर्शन आज हुआ था ऐसा लग रहा था वो अभी भी 25 की हो ऐसा कर उन्होंने मुझे दिन भर लुभाया मुझे डर भी लग रहा था कि कैसे बात करूं।
अब रात होने लगी थी मैं घरपे बैठ के कहने लगा अभी भी वो ब्लाउज का एक बटन खोले हुई थी मैन सोच लिया आज तो चोद कर ही रहूंगा मा को मैं अपने बिस्तर पे जाके लेट गया और सोचने लगा कैसे चोदू मा को तभी मा मेरे पास आई और कहा कि उनका बिस्तर बारिश के कारण भीग हुआ ह तो वो आज भी यही सोएंगी अब मेरे खुशियों का ठिकाना न रह मैन है कर दिया हम लेट के बाते करने लगे  फिर मम्मी ने कहा कि उनका शरीर दर्द कर रहा ह बहन होती तो मालिश कर देती तो मैन कहा कोई बात नही मैं मालिश कर दूंगा मम्मी मुस्कराते हुए है बोली अब मुझे मम्मी को छूने का मौका मिला मैं गया और सरसों का तेल लाया और उनके पैरों  से सारी ऊपर किया और पैरों में तेल लगाया फिर उन्होंने हाथो की तरफ इशारा किया मैं गया हाथो पे भी लगा दिया  दोस्तो मैं तो मम्मी के जिस्म के मजे ले रहा था और बहाना बना रहा था कि मलिश कर रहा हूँ फिर मम्मी ने कंधो पे कहा तो मैंने जान बूझकर थोड़ा सा तेल सारी पर लगा दिया तो मम्मी ने कहा साड़ी हटा तो नही तो गंदी हो जाएगी मैन हटा दिया फिरसे थोड़ा सा तेल उनके ब्लाउज पे गिराया और कहा मम्मी आपका ब्लाउज गंदा हो गया हटा दू तो ममी न है बोलै मैन जैसे ही ब्लाउज हटा ममी पीछे मुड़ गयी और कहा पीठ पे भी लगा दो मैने ब्लाउज पूरा हटा दिया और सारी साइड में कर दी अब मम्मी ऊपर से बिल्कुल नंगी थी मैन पूरा पीठ पे हाथ रगड़ा फिर मुझे महसूस हुआ कि मम्मी सो गई मैनी थोड़ा तेल हाथो में लेकर बूब्स (चुचिया )पे लगाया मम्मी ने लंबी सांस ली और छाती फुला दिया अब मैं उनकी चुत्तर पे बाथ गया क्या गदगद चुत्तर था और मेरे हाथ उनके दोनों बूब्स पे थे मैं उन्हें पूरे जोर से मसल रहा था  उसमें मुझे बहोत आनंद आ रहा था तभी मम्मी जाग गयी वास्तव में वो बस सोने का नाटक कर रही थी और बोली तू अभी भी कंधा ही मालिश कर रहा ह थोड़ा कमर भी कर करदे तभी उनकी नजर मेरे पेंट पे गयी और देखा कि थोड़ा सा तेल लगा हुआ है और मेरा लन्ड पूरा साफ दिखाई दे रहा ह की वो खड़ा है वो बोली अरे तेरे पैनट गंदा हो गया खोल दी मैं भी बेचैन था मैंने उत्तर दिया फिर से मम्मी सोने का नाटक करने लगी अभी मम्मी करवट बदल कर सीधा हो चुकी थी मैंने साड़ी की गांठ खोली और सारी और साया दोनो हटा दिया धीरे से अब मम्मी मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी उनकी मस्त चुत्तर के दर्शन हुए ।
बाहर बारिश भी हो रही थी जो अब तेज हो गयी मैन पूरे शरीर पे तेल लगाया और पूरा शरीर का मालिश किया और फिर मैं भी नंगा हो गया और मम्मी के ऊपर लेट गया और कसमसाने लगी सिसकिया लेने लगी उह आन्ह उम्म आन्ह  अब मुझसे सबर नही हूँ मैन अपने लन्ड का टोपा खोला और उसपर तेल लगाया मम्मी की टंगे फैलाई और मम्मी के चूत पे रखा उन्होंने जोर से सांस ली मैं समझ गया वो भी इसी का इंतज़ार कर रही थी मैने थोड़ा सा तेल  उनकी चूत पे लगाया उनको होठो एप हल्का किश करके अपने लंड को पूरे जोर से चूत में दे मारा मेरा 7 इंच का लंड एक बार मे ही अंदर घुस गया अब सोने का नाटक कर रही मम्मी ने जोर से चीख मारी और बोली मादरचोद ये क्या कर रहा है मैन सबसे पहले तो उनके होठो को चूम और एक जोरदार लंबी किश किया अभी मेरा पूरा लंड उनकी चुत में था मुझे थोड़ा दर्द हो रहा था क्योंकि मैंने जीवन मे पहली बार किसी की चूत में लंड दिया था ।
दोस्तो थोड़ा कल्पना कीजिये आप पहली बार किसी खूबसूरत औरत को चोद रहे हो आपका पूरा लंड उसकी चुत में आपके होंठ उसके हाथ को जकड़े हुए हो आप अपने हाथों से उसके बूब्स मसल रहे हूँ कैसा अनुभव होगा आपको मुझे भी स्वर्ग जैसा अनुभव हो रहा था मम्मी की वो मुलायम रसदार चुत  । अब मैने मम्मी के होठो को छोड़ा तो मम्मी बोली छि अपनी माँ को चोद रहा है तो मैने बोला कि अब तुम मुझसे चुदने को बेताब थी तो। मुझे बरदास नही हुआ मेरे सामने चुत में उंगली कर रही थी तब शर्म नही आई । मम्मी मुस्कराते हुए बोली अब तेरा लन्ड इतना मोटा और बड़ा है कि मुझे दर्द ही रह है आराम से चोद । मैं बोला पापा आपको चोदते नही क्या जो आपको दर्द हो रहा है। वो बोली तेरा बाप मुझे रोज चोदता है पर मुझे उससे मजा नही आता क्योंकि उसका लन्ड बहुत छोटा है और तेरा लन्ड बहुत बड़ा है पहली बार इतना बड़ा लन्ड चुत में लिया है तो दर्द हो रहा ह लेकिन तू करता राह पहली बार मजा भी आ रहा है।
अब मैंने मम्मी के दोनों हाथों को फैला के अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया कि वो हिले न और उनके चुचियो (बूब्स) को अपने मुह में लेके काटने लगा और मैं बहुत जोर जोर से चुत में लन्ड पेलने लगा मम्मी बहोत चीला रही तक मगर बाहर बारिश हो रही थी तो किसी को कुछ पता नही चल रहा था।
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लगभग 10मिनट बाद मम्मी जोर जोर से कराहने लगी मैं समझ गया उनका वीर्य बाहर निकलने वाला है मैन और जोर लगाया जैसे ही मुझे अंदर गर्म पानी जैसा महसूस हुआ मैं अंदर लन्ड थोड़ी देर रोक दिया अब मम्मी संतुष्ट दिख रही थी मगर मेरा वीर्य अभी बाहर नही आया था । मम्मी मना करने लगा कि अब नही मगर मैं नजी रुका । मम्मी की चूत अब उनके रास से गीली होकर लसलसा रही थी जिससे मेरा लंड बहुत आसानी से अंदर बाहर हो रहा था । अब मुझे पहले सर भी ज्यादा मजा आ रहा था क्योंकि अब रसदार चुत में लंड था मेरा मम्मी ने मुझे धक्का दिया और रुकने को कहा मगर अब मैं पूरी तरह से आपना विर्य उनके चुत में डालना चाहता था क्योंकि मैं अब चारम सिमा पे था अब मैं ने जबरदस्ती उनके दोनों टैंगो को अपने कंधे पे रखा और बहो से जकड़ लिया ताकि वो मुझसे छूट न पाए ।
मम्मी को बरदास न होने के कारण वो छटपटा रही थी और आह आन्ह आन्ह आन्ह उँह उँह अंह उँह कर रही थी हाथ पैर मार रही थी मगर उनका हाथ मुझ तक नही पहुच पा रहा था लगभग 10मिनट तक मम्मी छटपटा रही थी फर मेरा वीर्य बाहर आने को हुआ मैन एक जोर का धक्का दिया मम्मी की चूत में और विर्य गिरने लगा चुत में ,अब मम्मी से रह नही किया उन्होंने बहोत जोर लगाया औए मेरे हाथों से उनका पैर छूट गया तभी मैन टांगे फैला दी मम्मी की और उनके ऊपर लेट गया फिर जोर का धक्का दिया लंड कोऔर विर्य की एक और धारा चुत में डाला उन्होंने मेरे बाल पकड़ के मुझे हटाना चाहा मगर मैन उनके हाथ पकड़ के फैला दिया अब मम्मी कुछ नही कर सकती थी बस चिलाने को मजबूर थी दर्द के कारण मैनी लगभग 5-10 बार ऐसा किया और हर बार विर्य चुत में डालता और मम्मी की चीखें मेरे मरदानगी का बड़ा सबूत थी अब मैं भी पूरी तरह थक गया था तो लंड अंदर ही रखके सोने लगा । मम्मी ने कहा तू कितना चोदेगा मुझे अब तो मेरी चुत भी फट गई है अब तो बाहर निकल ले लंड ।
आज तक तेरा इतना विर्य कभी नही निकला जितना आज निकाला । तभी मैंने कहा मेरा विर्य आज इतना ज्यादा निकल आपको कैसे लाता मैं तो आपको पहली बार चोद रहा हूँ । तभी मम्मी ने बताया कि कैसे वो मुझे मुठ मारते देखा करती थी छुप छुप कर । यह जानकर मैं हैरान रह गया । फिर मम्मी ने बताया कि जब वो मेरे पैरों की मालिश करने आती थी जब मैं थक रहता था तो मालिश करवाते करवाते मैं सो जाता था और मम्मी मलिश करती रहती थी मेरे जांघो तक चूंकि मैं जवान था तो मेरे लंड का खयाल भी रखती थी वो लन्ड की भी मालिश करती थी जिससे मेरा लंड खड़ा हो जाता था और वो कभी उसपर मुठ मारती तो कभी उससे मुह में ले लेती और चाटती और जीभ से मालिश करती मतलब वो ब्लोजॉब देती और मेरा सारा विर्य पी जाती और कह रही थी कि बहुत मीठा लगता था तभी  ।
अव मैं सोच रहा था मैं अपनी माँ को मुह में पेल चुका हूँ और मुझे ज्ञात भी नही । तभी मैन महसूस किया कि मेरा लंड अभी भी खड़ा है जिससे मेरी माँ को तकलीफ हो रही मैं मैं सोच रहा था ये खड़ा कैसे है इससे तो वीर्य गिरने के बाद शांत हो जाना चाहिए था तभी मम्मी ने बताया कि उन्होने मुझे वायग्रा दिया है जिससे मेरा लन्ड बहुत देर तक खड़ा रहेगा  । अब मैं मम्मी को फिर से  चोदना चाहता यह मगर वो चोदने नही दे रही थी क्योंकि वो ठंडी हो चुकी थी मैन पटाने की कोशिश की ओर कहा आप पूछ रही थी न इतना ज्यादा विर्य कैसे निकला असल मे आपकी चुत इतनी रसदार और मुलायम है कि मैं करता है बस चोदते ही रहूं मम्मी समझ गयी कि पता रहा है और मुस्कराते हुए बोली चल झूठा मैं बोलै सच्ची और मैंने लंड पेलने को कोशिश की तो मन करने लगी ।
अब मैं सोच रहा था कैसे चोदू फिर एक आईडिया आया क्यों न ब्लू फिल्म दिखाऊ मम्मी को इससे वो गर्म हो जाएंगी अब मैने लंडा बाहर निकलने के बाद मोबाइल लाया और उनको पोर्न दिखाना लगा अबकी बार बांये करवट लेके सोई थी बांये  पैर को पीछे करके और दाये पैर को आगे करके जिससे उनकी चुत और गांड का छेद साफ साफ दिखाई दे रहा था उनका गांड का छेद बहुत छोटा था और चुत का छेद जो पहले गुलाबी था अब विर्य के कारण सफेद नजर आ रहा था । उनके चुत्तर तो बड़े बड़े थे और गुब्बारे को तरह बाहर निकले थे जैसे मानो लैंड का इन्जार कर रहे हो । मैं ने भी अपना बाया हाथ तकिये के निचे लगाया और उनके बाये हाथ को पकड़ लिया मम्मी मन करने लगी बोली आज अब नही काल मुझे फिर से चोदना मैंने कहा आपने लिये कुछ लाया हूं और अपना दाया हाथ  किये उनके हाथ मे मोबाइल लेके उनके हाथों का स्पर्श लिया और उन्ही के हाथों से पोर्न दिखाया अब मम्मी धीरे धीरे गर्म होने लगी मैंने भी इसका फायदा उठाया और उनके बूब्स को हाथों में लिया और 5 मिनट तक मसलता रहा अब मैन अपना एक पैर उनकेबांये पैरके पास छोड़ा और दांया पैर उनके दांये पैर पे रख दिया जिससे उनका गांड का छेद सीधे मेरे लण्ड के सामने था मैं उसमे डालने की कोशिस की तो मम्मी ने मन कर दिया और कहा आज नही कल गांड मारना मैं मांन गया क्योंकि मम्मी को मैं उदास नही करना चाहता था क्योंकि अभी मुझे चोदना था फिर मैंने अपना हाथ बूब्स से हटाकर उनके चुत पे रखा वो पानी पानि हो गयी थी मैं समझ गया मम्मी पूरी तरह गर्म हो गयी फिर से । अब मैन अपने हाथों से अपना लण्ड पकड़ा और पीछे से ही उनकी चुत में जोर लगाकर डाला फिर वो चिलाय लेकिन मुस्कराई भी और सिसकिया लेने लगी उँह आन्ह उँह आन्ह । मुझे भी बाहूत मजा आ रहा था फिर अहसास हुआ लन्ड ठीक से चोद नही ले रहा मम्मी समझ गई मैने लंड निकाला और उनकी मुलायम चुत चाटने लगा अब वो और भी जोश में आ गयी और मेरा शिर पकड़ के अपने चुत में डालना चाहती थी मैन अपनी पूरी जिभ उनकी चुत में डालकर रगड़ने लगा तो कुछ देर बाद उनकी चुत से रास गिरने लगा मैं सब पिता गया बहोत मजा आ रहा था अब मम्मी  उठी और मेरा पूरा लैंड अपने मुह में ले लिया और चूसने लगी जब उनका जीभ मेरे लंड के ऊपर वाले हिस्से पे होता क्या बताऊँ कितना मजा आता वो मुझे इस तरह हम 69 के पोज़ में मजे ले रहे थे 20मिनट बाद हैम उठे मैने मम्मी को धक्का दिया और उलटा लेता दिया और दोनों हाथों को बिस्तर में दबा दिया  ।
फिर दोनों तकियों को मम्मी के पेट के नीचे लगा दिया जिससे मम्मी की गांड ऊपर की तरफ उठ गई उनकी गांड और चुत का छेद सीधा नजर आ रहा था जो लन्ड लेने को बेचैन थाऔर अपना लंड चुत ले रखकर जोर से अंदर मारा उनकी रसदार चुत में मेरा लंड और उनकी मुलायम गोल चुत्तर पे मेरा जांघ जब मैं जोर लगा रहा था चुत से लन्ड को मजा तो मिल ही रह था साथ साथ मम्मी के चुत्तर का भज मजा मिल रहा था जो मुझे उछाल दे रहे थे इस तरह मुझे मजे का पूरा अनुभव हो रहा था मैं चाहता था कि वक़्त ऐसे ही रुक जाए और मैं मम्मी को चोदता रहू ऐसे ही मेरे लन्ड के जोरदार लरहर से मम्मी रोने लगी इर मैनी पूछा कि मम्मी आपको पापा चोदते नही क्या जो रो रही हो तो मम्मी ने बताया कि पापा का लंड बहुत छोटा है और बहुत कमजोर भी जो अंदर नही जा पाता और उन्हें ठंडा नही कर पाता तो मम्मी को अपनी उंगली प्रयोग करना पड़ता है मगर उससे भी मजा नही आता फिर अहसास हुआ कि वो खुसी के कारण रो रही है तो मैं लगा रहा और कूद कूद में मम्मी कक चोदता रहा अब मैन थोड़ा तेल लिया और मम्मी के चुत्तर पे लगाया अब जब लंड चुत्तर  कूदकर लण्ड चुत में जाता तो बहुत मजा आता मेरे दोनो हाथो में मम्मी को दोनों बड़े बड़े बूब्स थे
जिन्हें मैं लगातार दबा और मसल रहा था और मम्मी मजे में उँह आह आन्ह उँह आन्ह कराह रही थी अब मम्मी का वीर्य फिर  गिर गया अब चुत लशलश कर रही थी लंड को भी बहुत मजा आ रहा था मम्मी ने कहा अब मत चोदो मगर मेरा विर्य अभी नही गिरा था तो मैं लगा रहा अब मम्मी मजे में छटपता रही थी मैं पेलता रहा वो चिलाती रही बारिश होती रही मैं पेलता रहा वो चिलाती रही कुछ देर बाद अब मेरी बारी थी विर्य गिरने की मैंने मम्मी को बता दिया कि विर्य उनकी चुत में ही गिरूंगा वो मान गयी अब मेरा विर्य आने को था मैन जोर दे दिया मम्मी इस दर्द से चिलाने लगी और छुड़ाने की कोशिश की मगर मैन उनके दोनो पैर तो जकड़े हुए था ही फिर मैंने उनके दोनों हाथों को भी जकड़ लिया  मगर मम्मी ने कहा बूब्स पकड़ लो वो हाथो से विरोध नही करेंगी औए हुआ भी ऐसा ही वो हाथो को बिस्तर पर मरती जब मैं जोर देकर लंड चुत में डालता और विर्य छोड़ता और मैं अपने पजरे जोर शोर से करता इतना जोर लगता था कि मम्मी की गांड जो तकिये के कार्य बहुत ऊपर तक उठी थी पूरी पिचक जा रही थी । 5-6 बार जोरदार धक्के में मैन अपना सारा विर्य मम्मी की चुत में ही निकल दिया और शांत होकर मैं मम्मी के ऊपर ही लेता रहा और लन्ड अंदर ही रखी तो मम्मी ने पूछा फिर से तेरा इतना ज्यादा विर्य मैन बोल दिया तुम्हरी सहूत इतना मज़ा दे एहि है कि सब निकल जा रहा है मम्मी मुस्करा कर बोली अब नही चोदेगा मैने कहा अब हिम्मत नही गई काल फिर चोद दूंगा ।
मम्मी ने कहा इतना मजा मुझे आज तक नही आया  इतना बड़ा लन्ड जिंदिगी में पहली बार लिया है और पहली बार सेक्स से भी संतुस्त हूँ । इसी तरह बात करते करते हम दोनों सो गए ।
सुबह जब नींद खुली तो मैं वैसे के वैसे ही था मम्मी के ऊपर लेता था , तांग मम्मी के ऊपर और एक निचे लैंड अब फिर से खड़ा था विर्य के कारण मेरा लन्ड और मम्मी की गाण्डऔए चुत सब सफेद हो गए थे मेरा एक हाथ अब भी तकिये के नीचे था और दूसरे ने बूब्स को थामा हुआ था हैम पूरी तरह नंगे थे  इससे आगे की कहानी दूसरे पार्ट में दूंगा ये कहानी बहुत लंबी हो गयी है धन्यवाद अखिरी तक पढ़ने के लिए

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