माँ बेटे की सेक्सी चुदाई

जयपुर का आरव अपनी माँ के साथ करता है जबरदस्त चुदाई। जब पिता जी किसी काम से दो दिन घर से दूर चले गए तो आरव को मिला अपनी सगी माँ की चुदाई करने का अच्छा मौका। अपनी कहानी माँ बेटे की सेक्सी चुदाई से आरव ये बताना चाहता है की घर के माल में जो मजा है वो बाहर के माल में नहीं। 

मैं 20 साल का था जब मैं फ़ोन में गन्दी फिल्म देखा करता था। अंग्रेज उन पोर्न फिल्मो में अपनी माँ को चोदा करते थे। जब बड़ी उम्र की औरतें अपनी बड़ी योनी में लंड डलवाती तो मुझे काफी सेक्सी लगता। माँ बेटे की चुदाई वाली वीडियो देख मैं अपनी माँ की तरफ भी उसी नजर से देखने लगा। 

जब किसी लड़के को उसका मन पसंद चुदाई का माल नही मिलता तो वो बस आँखे बंद कर हस्तमैथुन करता है उसी करहा मैं भी करने लगा। माँ को छुप छुप  कर वासना भरी नजरो देखा करता था।  जब वो सो रही होती थी तो मैं उनका शरीर कामुक तरीके से छूता था। 

पर ये सब चीजें मेरी चुदाई की भूख शांत नहीं बल्कि और बढ़ा रही था। पर मैने अपनी माँ की चुदाई तब की जब वो अकेली थी। मेरा कोई भाई बहन नहीं था इसलिए जब उस रात पापा काम से बाहर गए तो मुझे मौका मिल गया। 

घर पर मैं और मेरी माँ थी। खाना खाने के बाद हम सोने चले गए। जब आधी रात को मेरा लंड उछाल कूद करने लगा तो मैं माँ के कमरे में चला गया। 

माँ को सोती अवस्था में देख मेने उनके स्तनों को सहलाना शुरू कर दिया। मेने धीरे से माँ की आँखों पर पटी बंधी क्युकी अगर वो  जाग गई तो मुझे वह से भागने का वक्त मिल जाये।  

मेने माँ के सूट में हाथ डाला और आराम से उनकी मस्त चूची मसलने लगा। मोटे नरम स्तन पकड़ कर मुझे काफी नन्द आने लगा। मेरा लिंग चुदाई के लिए मोटा हो गया और मैं उसे हिलने लगा। 

तभी माँ बोली – ओह अच्छा तो ये बात है ! काफी जल्दी नही आगये आप ?

माँ जाग चुकी थी और उन्हें लग रहा था की उसके स्तनों को पिता जी सेहला रहे है। उन्होंने पटी नहीं उतारी क्युकी उनका मूड वैसे ही चुदने का था। उन्होंने अपने पैर खोले और अपनी सलवार उतार दी। 

मैं वही खड़ा डर के मारे कांपने लगा और माँ मुझे अपनी चुत चाटने के लिए कहने लगी। 

माँ – क्या हुआ जी ? गिला करते हो तो सुखना भी आपको ही है। 

माँ का दिल पूरा मजे लेने का था तो मुझे उनकी बात मानी पड़ी। मैं उसके पास गया और उनकी बालो वाली चुत का स्वाद लेने लगा। 

माँ की चुत को पापा ने चोद चोद कर भोसड़ा बना रखा था। माँ की चुत देख मैं समझ गया की मेरी माँ किसी रंडी से कम नहीं है। पर चुत जैसी भी हो उसमे रस काफी भरा था जो सिर्फ मेरा लंड निकाल सकता था। 

माँ – क्या हुआ जी ? काफी चुप चुप हो ?

मैने कुछ नहीं कहा और उनकी चुत गांड का छेद अपनी जीभ से चाटता रहा। मैं अपनी माँ को तो चोदना चाहता ही था पर मैं अपने पड़ोस की छोटी लड़की की चूत की चुदाई भी करना चाहता था।   

माँ – बस अब चाटते ही रहो गए क्या ? अब अपना निकालो !

मेरा लिंग मुँह में और हाथ ही लेते ही माँ समझ जाती की पापा यहाँ नहीं है। इसलिए मैने झट से उनको धकेला और जोर से उनके पैर खोल दिए। 

माँ – अहह क्या हुआ जी ?

पैर खोल कर मैने माँ की चुत पर थूका और उनकी चुत में लंड घुसा दिया। माँ बेटे की सेक्सी चुदाई शुरू हो गई और माँ मजे से आनंद लेने लगी। 

माँ – अहह अहह अहह….. शिलाजीत अहह शिलाजीत खा …. खा रहे हो क्या आज कल ?

मेरे जोर दाल धको से और कड़े लंड से माँ की चुत रस भरे पानी से नम होने लगी। ऐसा लग रहा था की जैसे माँ को जवान लंड की सख्त जरूरत थी। 

मैने माँ की जांघो को अपने हाथो में लपेटा और उन्हें ऊपर खींच कर चुत को फिर चाटने लगा। 

माँ – अहह हाहाहा ! अहह आराम से जी। 

उसके बाद मैने उनको घोडा बनाया और उनके पुर चढ़ कर गांड चुदाई शुरू कर दी। मैने पीछे से माँ की गांड उठाई और आगे से उन्हें पूरा लेटा दिए। 

उसके बाद मैं उनके ऊपर खड़ा हुआ और गांड के छेद में लंड अटका कर उनके ऊपर जोर जोर से उछलने लगा। माँ की जबरदस्त चुदाई से उनकेअंदर की अन्तर्वासना बाहर निकलने लगी।  

जोर दार गांड पिलाई से उनकी गांड लाल हो गई और चुत से पानी रिसने लगा। फिर मेने माँ को अपने ऊपर लेटाया और उनके मुँह में लंड दे दिया। 

हम एक साथ एक दूसरे के शरीर को चरम सुख देने लगे। माँ मेने लंड को रंडी की तरह चाटने चूसने लगी और मैं उनकी चुत को हर जगह से चाटने लगा। 

कुश देर बाद मेरी माँ को पता लग गया की उन्हें पापा नहीं कोई और चोद रहा है। लंड का बड़ा और कड़क होने के कारण माँ को पता लगा और उन्होने अपनी पटी उतार दी। 

उन्होंने पीछे पूड कर देखा तो वो भयभीत हो गई। उस वक्त देर हो चुकी थी मेने उनकी चुत से पानी निकालना शुरू कर दिया था। चुत के एहसास ने माँ को घोड़ी बने रहने पर मजबूर कर दिया था। 

तभी मेने अपने पेर उनकी गर्दन पर रखे और उनका सर दबोचा कर अपना लंड जबरदस्ती चुसवाने लगा। मैं माँ का सर जोर से अपने लंड पर मारने लगा और खुद को चुदाई का सुख देने लगा। 

कुछ देर बाद माँ की काली बालो वाली चुत से पानी निकल पड़ा और मेरे लंड से पिचकारी। हम दोनों से एक दूसरे का मुँह गन्दा किया और मजे से एक दूसरे का  रस चख लिया। 

पर माँ की मोटी रसीली गांड और चुत से टपकते पानी ने मुझे थोड़ी देर और कामुक रखा और मैं उनकी गन्दी गांड को फिर चूसने चाटने लगा। ये थी मेरी माँ बेटे की सेक्सी चुदाई कहानी अगर आपको अच्छी लगी तो कमेंट जरूर करना। उस दिन के बाद आज तक मुझे अपनी माँ बेटे की सेक्सी चुदाई याद अति है। माँ चुदाई के लिए उस दिन के बाद से कभी राजी नहीं हुई। 

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