दिन रात लॉकडाउन में सासु माँ को चोदा

लॉकडाउन से पहले रामु की नई नई शादी हुई थी। लॉकडाउन से पहले उसकी सास रामु की बीवी से मिलने आई थी बस उसी दिन से लॉकडाउन शुरू हो गया। बस तभी से रामु के साथ उसकी बीवी और सास रहने लगी। अब बीवी नई थी इसलिए सेक्स के लिए राजी नहीं हो रही थी ऊपर से सासु माँ भी घर में थी तो रामु को सेक्स का आनंद शादी के बाद भी नहीं मिल पा रहा था। अब रामु ने अपनी कहानी दिन रात लॉकडाउन में सासु माँ को चोदा में सेक्स का आनंद कैसे और किसके साथ लिए ये तो कहानी में ही पता चलेगा।

शादी के बाद से ही मैं अपनी बीवी को लेकर परिवार से अलग रहने लगा। अब नई बीवी थी इसलिए सेक्स के लिए मान नहीं रही थी ऊपर से लॉकडाउन की वजह से मेरी सासु माँ भी हमारे साथ रहने लगी। 

इतनी कामुक बीवी होने के बाद भी मेरे हाथ में उसके स्तन नहीं बल्कि मेरा खुद का लोडा था। हर वक्त हमारे अस पास सासु माँ ही घूमती रहती जिस वजह से मैं अपनी बीवी से खुल कर बात भी नहीं कर पा रहा था। 

अंत में मेरे हाथ निराशा और मेरा ही लंड लगा। मैं अकेला कभी बाथरूम में तो कभी कमरे में अपना ही लंड हिला कर मुठ मारने लगा। 

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एक दिन मैं अपने लंड पर नारियाल का तेल लगा हिला रहा था तभी सासु माँ मुझे खिड़की से देखने लगी। मैंने उन्ही देख लिया था पर फिर भी अनजान बन कर अपने लिंग के साथ गन्दी हरकते करता रहा। 

सासु माँ को पता नहीं क्या हुआ वो मुझे देख कामुक हो गई और कमरे के अंदर आ गई। मैंने जल्दी से अपना कच्छ पहना और अपने ऊपर चादर ले ली। 

सासु माँ – ये क्या कर रहे थे दामाद जी ??

मैंने कहा – क्या मतलब ?? मैं तो कुछ भी नहीं कर रहा ?

सासु माँ ने चादर उठाई और उन्ही मेरा मोटा लंड कच्छे से उभरा हुआ दिख गया। वो उम्र में चाहे कितनी भी बड़ी हो पर उन्हें चुदाई का बड़ा शोक था। 

मैंने कहा – अरे आप ये क्या कर रही हो ?

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सासु माँ में मेरी आँखों में देखते हुए मेरा कच्छा उतार दिया। बस जैसे ही उन्होंने मेरा लंड दिखा वो तो उसे हिलने लगी। उन्होंने खुद अपने हाथ पर और तेल लिया और मेरे गोटो को मसलने लगी। 

सासु माँ – मर्दो को अपने गोटो की मालिश रोज करनी चाहिए इस से सेहत अच्छी रहती है। 

मैंने कहा – देखिए आपको ये सब करने की कोई अह्ह्ह !!!!

सासु माँ अपने बुजुर हाथो से मेरा जवान लिंग मसलने लगी। उन्होने अपने जीवन के तजरुबे से जैसा और जो सीखा था वो वैसे ही मेरा लिंग हिलाने लगी। 

सासु माँ को सब पता था की मर्दो का लंड कैसे और कहा छूना है। उनके साथ लगते ही मैं कामुक आनंद में डूबने लगा। अब बस सासु माँ चुदाई के लिए राजी थी पर उनकी बेटी नहीं। 

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मैंने सासु माँ को उठाया और उनके ब्लाउज को खोल कर मजे से उनके लटके स्तनों को दबाने चूसने लगा। उस वक्त मेरी बीवी नीचे टीवी देख रही थी और उसे हमारी लॉकडाउन में चुदाई के बारे में कुछ नहीं पता था।   

सासु माँ का शरीर कामुक तो था ही साथ ही साथ काफी भरा हुआ भी था। लटके स्तन दिखने में काफी रसीले थे और गांड किसी जवान लड़की जैसी थी। फिर क्या मैंने अपनी सासु माँ को चोदा और उनकी जवानी के दिन उन्हें याद दिला दिया। 

मैं बिस्तर पर लेता था और सासु माँ अपनी साड़ी उठा और मेरे लंड और बैठी थी। लंड पर गांड टिका कर और अपने आप को चुदवाने लगी और मैं उनके उछलते स्तनों को अपने हाथो में लेकर उन्हें सहारा देता रहा। 

सासु माँ – बेटा ऐसे ही पकडे रहो मेरी छाती पर ज्यादा वजन है ना तो उछलते हुए दर्द होता है सीने में। 

मैं सासु माँ की चुदाई करता रहा और उनके स्तन तरह तरह से दबाता और मरोड़ता रहा। जल्द ही सासु माँ की चुत से चिकना माल निकलने लगा और मेरा लंड सफ़ेद तरल से सन गया। 

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अब लॉकडाउन में सासु माँ की चुदाई करनी है तो अच्छे से ही करुगा। मैंने उनकी कमर पकड़ी और ऊपर उठ कर उन्हें गले लगा लिया। सासु माँ भी मेरा साथ दे रही थी। उन्होंने मुझे अपने मुलायम स्तनों के बीच दबा लिया और मैं उनकी गांड पकड़ कर अपने लंड पर उछालने लगा। 

सासु माँ की कमर और गांड और हाथ फेर कर मैं अपने आप को चुदाई का सुख देने लगा। उस वक्त मैं ये भूल गया की मैं अपनी बूढी सासु माँ की गांड चुदाई कर रहा हूँ जब की मेरी शादी उनकी जवान बेटी से हुई है। 

सासु माँ की छाती में मुँह दे कर मैंने उन्हें मधुमक्खी की तरह चूसना शुरू कर दिया। एक मुरझाये हुए फूल की मैं जबरदस्त चुदाई करने में लगा था। 

कुछ देर में ही सासु माँ की छाती पर मेरे होठों की चुसाई के निशान बन गए। 

कुछ देर में  भी शुरू हो गई और बाहर से ठंडी हवा आने लगी। ठंड से बचने के लिए मैं सासु माँ के गर्म शरीर से चिपका रहा। बारिश से मुझे वो दिन याद आने लगा जिस दिन मैंने बरसात में दोस्त की बीवी को चोदा था। 

हम दोनों के बीच जो अन्तर्वासना सालो से दबी थी वो फुट फुट कर बाहर आ रही थी। अंत में मैंने सासु माँ के होठो पर बेशर्मो की तरह चूमना शुरू कर दिया। 

फिर क्या मैंने अपने लिंग से निकला तरल उनकी योनी में ही डाल दिया। मैं उस वक्त करता भी तो क्या करता। मुझे इतना सुख कभी नहीं मुला था जो सासु माँ की फटी चुत से मिला। 

जब मैंने सासु माँ को चोदा उसके बाद से ही हम दोनों के रिश्ते अच्छी हो गए। सासु माँ मुझ से हस खेल कर बाते करती है और ये देख मेरी बीवी हैरान रहती है। बीवी के जाने के बाद हम अपनी ओकात पर वापस आ जाते है और लॉकडाउन में चुदाई चालू कर देते है। 

अब जब तक लॉकडाउन चलेगा सासु माँ मेरे साथ चुदाई करती रहेगी। मैंने दिन रात लॉकडाउन में सासु माँ को चोदा और अपनी कामवासना को पूरी संतुष्टि दी। तो मेरे मुठार दोस्तों ये थी मेरी सासु माँ की चुदाई कहानी अगर अच्छी लगी तो जरूर बताना। अब मेरी बीवी यही सोचती रहती है की मैं उसे अब पहले की तरह गन्दी तरह क्यों नहीं छू रहा और मेरी माँ यानी सासु माँ घस्ती क्यों दिखने लगी है ?

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