लॉकडाउन में भाभी की चुत पर चॉकलेट लगाकर चाटी

सागर ने अपनी ही भाभी के शरीर को चुदाई का सामान बना डाला। अब लॉकडाउन में ऐसा क्या हुआ ये जाने के लिए आपको सागर की कहानी लॉकडाउन में भाभी की चुत पर चॉकलेट लगाकर चाटी अच्छे से पड़नी होगी। सागर का कहना है की भाभी को खुश करने के लिए उन्हें चॉकलेट का इस्तेमाल करना पड़ा। 

मैं अपने नाम के अलावा कुछ नहीं बताना चाहता इसलिए मेरे हवसी दोस्तों मुझे माफ़ करना। अब हुआ क्या मेरे जो बड़े भाई है उनकी शादी हो चुकी थी। उनकी बीवी मतलब मेरी भाभी काफी हॉट थी। 

मैंने जब उन्हें पहली बार देखा तो उनकी हिलती गांड देख मेरे मुँह से पानी टपकने लगा। बस उसी दिन से मैं उसके साथ सेक्स करने के सपने खुली आँखों से देखने लगा। 

देखते देखते 4 साल निकल गए और अब भाई ने भाभी की चुदाई कर के एक बच्चा भी कर लिए।

अब जब लॉकडाउन शुरू हुआ तो मेरा बड़ा भाई दिल्ली के बाहर फस गया। वो करीब 4 महीनो से घर नही आ सका जिस वजह से मैंने लॉकडाउन में सेक्स किया और भाभी के भोसड़े को और बड़ा कर दिया।   

भाभी को छोटे और टाइट कपडे पहना काफी पसंद है वो बच्चा होने के बाद भी जीन्स और टॉप पहनकर मेरा लंड खड़ा कर देती है। मेरी माँ और बाप घर के अलग फ्लोर पर रहते थे और मैं भी अगल फ्लोर पर रहता था। 

हमारे परिवार की खास बात ये है की हम सब खाना एक साथ खाते थे। जिस वजह से मैं भाभी के करीब आ पाया। 

जब मेरा भाई दिल्ली से बाहर फसा था तो उसके तीन दिन बाद मैंने भाभी को सनी लियॉन की रोमांटिक फिल्म देखते हुए पकड़ लिया। 

हुआ क्या भाभी फिल्म का हॉट सीन देख कामुक होने लगी और उन्होंने अपनी योनी सहलाना शुरू कर दिया। 

उस वक्त शाम हो रही थी तो माँ ने मुझसे कहा जा जाकर बहू से पूछ कर आ रात में आज क्या बना रही है। 

मैं ऊपर गया और बिना दरवाजा बजाए कमरे के अंदर चला गया जहा भाभी फिल्म देख रही थी। उनका एक हाथ उनकी पजामी के ऊपर था जहा से वो अपनी योनी को मजा दे रही थी। 

मुझे देख भाभी हड़बड़ा गई और वो कपटी आवाज में बोली क्या हुआ सागर ?

माँ ने जो कहा मैंने उन्हें बता दिया और भाभी जल्दी जल्दी खाना बनाने के लिए चली गई। बस यही से मेरी परिवार में चुदाई की कहानी शुरू हो गई और मैंने भाभी को गर्म कर दिया। 

भाभी ने संजी और दाल बनाई और मैं पीछे से उन्हें घूरता रहा। जब वो रोटी बनाने के लिए उसे बेलने लगी तो उसका नरम और दूधिया शरीर हिलने लगा। 

अब सीन क्या था भाभी को सही से खाना बनाना आता नहीं था क्यों की वो पड़ी लिखी काम काज वाली औरत थी। घर का खाना रोज माँ बनाया करती थी और उस दिन उनकी हालत कुछ खराब थी। 

जब भाभी से रोटी गोल नहीं बनी तो वो मुझे मदद के लिए बुलाने लगी। 

मैंने बोला भाभी चलो आज मैं आपको सीखा ही देता हूँ कैसे बनाते है। 

हालांकि बनानी तो मुझे भी सही से नहीं आती थी पर फिर भी मैं भाभी को सीखने लगा। 

मैं भाभी के पीछे चिपक कर खड़ा हुआ और उनके हाथ पकड़ कर उनसे रोटी बिलवाने लगा। 

मेरी सासो की गर्म हवा जब भाभी की गर्दन पर पड़ी तो वो गर्म होने लगी। मैं प्यार से उनका हाथ सहलाने लगा जब मुझे लगा की अब काम बन रहा है। 

भाभी ने मीठी आवाज मैं आहे भरना शुरू कर दिया और मैंने मौका देख उनकी गर्दन पर चूमना शुरू कर दिया। मैंने अपने हाथ आगे बढ़ए और भाभी के दूध पकड़ लिए और उनके दबाने लगा। 

जब भाभी को लगा की ये सब ठीक नहीं है उन्होंने मुझे धका दिया और कहा देवर जी मुझे छोड़ दो। 

अब भाभी तमाशा ने खड़ा कर दे इसलिए में उस वक्त वहा से चला गया। पर जैसे ही रात हुई मई भाभी के पमरे ने चला गया। उनका बेटा छोटा था तो उसे दिन दुनिया का कुछ नहीं पता था। 

मैं अंदर जाकर भाभी को फिर चूमने लगा तो भाभी उठी और मेरा हाथ पकड़ क्र दूसरे कमरे में लेकर चली गई। 

दूसरे कमरे में जाते ही हम दोनों एक दूसरे को प्यार से चूमने लगे और चुदाई के लिए अपना सामान गिला करने लगे।  

मैंने भाभी के पकड़े उतारे और मजे से उसके स्तनों से दूध चूसने लगा। भाभी भी मुझे प्यार से देखने लगी। 

अब उनको शर्म तो काफी आ रही थी पर चुदाई का उन्हें ऐसा बहुत चढ़ा था की पूछो न।  

उसके बाद मैंने अपने जेब से एक बड़ी सी चॉकलेट निकली और भाभी इसे देख खुश हो गई। पर मैंने वो चॉकलेट उन्हें दी नहीं बल्कि उन्हें रुकने को कहा। 

कुछ देर चुम्बा चाटी के मैंने उनकी पजामी उतरी और उनकी चुत देखने लगा। 

भाभी की काली चुत गर्म और मीठे रस से भरी थी। मैंने चॉकलेट आधी तोड़ी और उसे भाभी की चुत के अंदर तक घुसा दिया। 

ये देख भाभी मेरे चुदाई के अंदाज से खुश हो गई। चॉकलेट चुत के अंदर तक जा कर पिघलने लगी और पूरी योनी को मीठा और चिकना बनाने लगी। 

अब उसके बाद मैं आगे बड़ा और भाभी की चुत चाटने लगा। चुत का मीठा स्वाद चाट कर मेरी रगो में लंड का गंदा पानी दौड़ने लगा। 

मैने चुत चाटते हुए अपना लंड निकाला और उसे हिला कर और ज्यादा कड़क करने लगा। जब भाभी की नजर मेरे लिंग पर गई तो उन्होंने मेरे हाथ से बची चॉकलेट ली और उसे अपने हाथो में मलने लगी। 

हाथो में चॉकलेट पिघलने के बाद भाभी मेरा लंड हिलाने लगी। इसके बाद मेरा भी लिंग लसलसे चॉकलेट से सन गया और भाभी उसे मुँह में लेने लगी। 

कुछ देर बाद हम दोनों 69 पोजीशन ने सेक्स करने लगे। मैं उसकी चुत में अपनी जबान घुसाता रहा और वो मेरा लंड मुँह में लेती रही। 

जब मुझे जोड़ चढ़ा और मैंने अपनी कमर हिलाना शुरू कर दिया और उसके मुँह को चोदने लगा। अपने कई सारी क्सक्सक्स चुदाई की कहानिया पड़ी होगी और मुझे पता है ऐसी चुदाई किसी ने नहीं की होगी। 

अब मुँह छोड़ने के बाद मैं अपना लंड भाभी की लाल चुत में देना चाहता था। मैंने भाभी को उठाया और उनके भोसड़े में अपना लंड देने लगा। 

जब मैंने लंड अंदर दिया और चुत के अंदर की चॉकलेट धीरे धीरे बाहर निकलने लगी। भाभी का मीठा रस और ऊपर से मीठी चॉकलेट देख कभी मैं उनकी योनी चोदता तो कभी उसे चुस्त और चाटता।

अब भाभी मेरी हिमत देख मेरी मर्दानगी की दीवानी हो गई। मुझे और मजा देने के लिए वो अपने स्तन ऊपर नीचे हिला हिला कर मुझे दिखाने लगी।  

मैं जोर जोर से भाभी की चुत में अपना लिंग दाल कर धके देने लगा। अब चुदाई कर कर के मेरा लंड लाल हो गया और भाभी की चुत का छेद बड़ा सा हो गया।

अंदर की गर्म और गीली गीली चॉकलेट से फच फच की तेज आवाजे आने लगी पर मैं नहीं रुका।

देखते देखते भाभी अपनी दोनों चूचिया मसलने लगी और मैं थोड़ी थोड़ी देर बाद आगे झुक कर उन्हें चुस्त रहा।

जबरदस्त चुदाई के कारण धीरे धीरे मेरे लिंग की खाल पर दर्द होने लगा क्यों की वो ज्यादा ही पीछे तक खींच रही थी।

पर भाभी के भारी दूध और गांड के बड़े गोले देख मेरी हवस और बदजाती। मैं अपने लंड के दर्द को अनदेखा कर भाभी की चुत अपने लंड से और जोर से रगड़ने लगता।

जब दर्द की हद पार हो गई तो मेरे लंड ने तड़प तड़प कर अपना गंदा पानी बाहर निकाल दिया।

और इसी के साथ साथ भाभी मेरी वजह से गर्भवती हो गई।

अब आगे मेरी जिंदगी में क्या होगा पता नहीं लेकिन अब तक जो हुआ मैं आपको इस चुदाई कहानी में बता चूका हूँ। तो दोस्त ये थी मेरी कहानी और मेरे लंड का गंदा पानी।

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