जिगरी यार के साथ की कॉल गर्ल की चुदाई

मेरा नाम शुभम मिश्रा है और यहाँ मैं आप लोगों के साथ अपनी ग्रुप सेक्स स्टोरी शेयर करने जा रहा हूँ। जिसमे मैं बताऊ गा कैसे मेने की जिगरी यार के साथ की कॉल गर्ल की चुदाई। मैं दिल्ली में रहता हूँ और दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ता हूँ।

मेरा एक दोस्त है जिसका नाम अंशुल है। जब हम दोनों स्कूल में थे तब से हम सबसे अच्छे दोस्त बन गए। हम दोनों ने जीवन में बुरे काम किए और यह Group Sex Story उनमें से एक है।

कॉलेज के दिनों में अपने लिए गर्लफ्रेंड ढूंढ रहा था। मेरी हवस और ठरक की वजह से जो भी लड़की मुझ से सेट होती मैं उसे सेक्स के लिए बोलता। लड़कीअ इंकार कर देती और कुछ टाइम बाद मुझे छोड़ भी देती थी। 

क्यों की अंशुल भोत गोरा और चिकना लड़का था लड़कीअ उसको कुछ सेटिंग के लिए पूछा करती थी। मुझे अच्छा नही  लगता था की लड़कीअ मुझे अनदेखा कर अंशुल से बाते करती। ये New Hindi Sex Story तब की है जब मेने अंशुल से साथ मिल कर एक कॉल गर्ल की गांड चुदाई की।

अंशुल को पता था की में अपनी हवस को काबू में नही कर पा रहा था। 

इसलिए उसने मुझे से कहा ” शुभम लगता है लोडा हिला हिला कर तुम्हारी हाथो की लकीरे भी फीकी हो गई है। मेरे पास तेरे लिए एक मस्त चुदाई करने का जुगाड़ है। “

मेने कहा : मतलब ? केसा जुगाड़ ?

अंशुल : भाई देख मुझे पता है तू चुदाई करना चाहता है जल्द से जल्द। मेरा एक दोस्त है जो लड़की का जुगाड़ करवा सकता है सेक्स के लिए।  

मैंने कहा : भाई मुझे गर्लफ्रेंड चाहिए कोई रंडी नहीं !

अंशुल : भाई गर्लफ्रेंड भी तोह चुदाई का सामान होती है उसको भी तो ठोकने के लिए सेट करते है तोह रंडी क्यों नही। जी भर चुदाई कर पैसे दे और काम खलास साला कोई दिकत ही नही। 

मेने कहा : बात तो तू सही बोल रा है पर पैसे कितने लगे गे?

अंशुल : भाई पैसे तो करीब पांच हजार लग जाये गे एक रत के। 

मेरे पास इतने पैसे नही थे तो मेने सोचा अंशुल को साथ चुदाई करने को बोलू। अंशुल मान गया पर काफी दिनों की मेहनत के बाद। उसने सेक्स तो किआ था पर कभी ग्रुप सेक्स नही।

अंशुल को मनाने के बाद हमने लड़की का जुगाड़ कर लिया और रात को एक दोस्त का रूम पांसों में किराये पर ले लिया।  

उस कॉल गर्ल का नाम मुस्कान था। हम दोनों उसका इंतजार क्र  वो ए गई और हम उसकी जी भर चुत चुदाई करे गे। मेरी New Antarvasna मुझसे चैन बैठने नही दे रही थी। और मेरा लड़की के आने से पहले ही  खड़ा हो गया। जब मुस्कान आ गई तो हम दोनों उसको देख कामवासना से भर गए। 

मुस्कान : ओह तो तुम दोनों हो जिनको आज मुझे खुश करना है। 

अंशुल (मुस्कुराते हुए) : जी नही आपको कुछ नही करना बस हमारा साथ सदना है। 

मुस्कान को देख में थोड़ा घबरा गया क्यों की  मेरे लिए नया सा था। पर मेने हिमत जुटाई और वह खड़ा खड़ा  मुस्कान के शरीर को गन्दी नज़रो से देखने लगा। 

मुस्कान (हस्ते हुए): लगता है तुम्हारा दोस्त पहले बार ये सब कर रहा है और या तो मैं आज कुछ ज्यादा सेक्सी लग रही हु।   

अंशुल : तुम्हे उन सब बातों से कोई लेना देना नही है। जिसके लिए आयी हो वो करो। 

मुस्कान ने टाइट जीन्स पेहन राखी थी जिसमे उसकी मोठी गांड साफ दिख रही थी। ऊपर उन एक काले रंग की कमीज़ पहने थी। उसके शर्ट के बटन में से उसके रसीले स्तन झाक रहे थे। और उसने भूरी रंग की जैकेट भी पहनी थी। देखने में ही वो हरामी और कामवासना से भरी लड़की लग रही थी। 

उसको देखते हे मेरे लंड और मुँह दोनों से पानी टपकने लगा। जब मुस्कान ने मेरा फुला लंड देखा तो वो मेरी तरफ बढ़ी और मुझे चुंबने लगी। मुझे होठो पर चुंबते चुंबते उसने ऊँगली से अंशुल को इशारा किआ और अपने पास बुला लिया। 

फिर अंशुल भी वासना से भर गया और मुस्कान की गर्दन पर चुंबने लगा। मुस्कान कभी मेरे मुँह में अपनी जीभ डालती तोह कभी मैं उसके मुँह में अपनी। 

कुछ देर बाद 

मुस्कान : तुम दोनों अपने कपडे उतार दो। 

हम दोनों ने कपड़े उतार दिए और देखा की मुस्कान की आंखे हमरे लंड से हैट हे नही रही है। मुस्कान ने हमारा लंड पकड़ा और एक साथ हिलना शुरू कर दिया। हमारा हिलाते हुए मुस्कान ने एक भी बार पलक भी नही झपकाई। वो हमारे फुले हुए लंड को भोत गन्दी नज़र से घूर रही थी। 

हिलाते हिलाते उसने मुँह में लेना भी शुरू कर दिया और भोत जोर जोर से चूसने लगी। मुझे दर्द हो रहा था पर अंशुल को देख ऐसा लग रहा था की उसको मज़ा आ रहा है। 

कुछ देर बाद मैं बिस्तर पे लेट गया और और मुस्कान मेरे ऊपर आ गई। मेने उसकी शर्ट उतारी और उसकी ब्रा भी खोल दी। ऐसा लग रहा था की मुस्कान एक इन्सानी गाये है जिसके भोत बड़े स्तन है। 

मुस्कान सावली लड़की थी तभी उसके निप्पल भी भूरे रंग के थे। मेने उसके दोनों निप्पल्स को धीरे से चूसना शुरू कर  दिए। और पीछे से अंशुल उसकी जीन्स उतारने लगा। मुस्कान की काली चुत देख अंशुल से रहा नही गया और वो उसकी गांड और चुत दोनों चाटने लगा।  

एक ही वक्त पर मैं उसके दोनों स्तन दबा और चूस रहा था। साथ ही साथ अंशुल भी उसकी काली चुत चाट रहा था और मुस्का चुदाई के लिए गिला कर रहा था। मुस्कान मानो नशे में चली गई हो। वो भी धीरे धीरे आवाज़ निकाल रही थी।   

अचानक अंशुल खड़ा हुआ और उसने मुस्कान के अंदर अपना पानी से भरा लंड डाल दिया। तभी मेने भी मुस्कान की चुत में अपना भी डाल दिया। एक साथ गांड चुत की चुदाई शुरू होने पर मुस्कान चीला पड़ी। 

मुस्कान : अरे बाबा धीरे करो तुम दोनों मुझे दर्द हो रहा है। 

पर हमें मुस्कान की चुदाई में इतना मज़ा आ रहा था की हमें मुस्कान की बात नही सुनी और उसके दोनों छेदो से हम अपना लंड तेज़ी से अंदर बाहर करते रहे। 

कुछ देर ज़ोर दार चुदाई के बाद मुस्कान की काली चुत ने पानी छोड़ दिए। उस वक्त भी मेरा लंड उसके अंदर था। मानो मुस्कान की चुत के पानी से मेरा लंड नाहा लिया हो। तभी अंशुल ने भी अपना पानी उसकी कमर पे डाल दिया। 

मेरा अभी भी खड़ा था ये देख मुस्कान वापस निचे गई और उसको अपने मुँह में ले लिया। वो तब तक चुस्ती रही जब तक मेरा पानी उसके मुँह में ना चला जाये। एक मिनट की जोर दार लंड चुसाई के बाद मुस्कान के मुँह में अपना साला मॉल डाल दिया।

उस दिन के बाद मैं और ज्यादा अच्छा महसूस करने लगा और अंशुल मुझे साथ चुदाई करना अच्छा लगने लगा। 

हमारे पास इतने पैसे नही होते थे पर किसी तरह हम पैसे इकठे कर महीने में एक पर मुस्कान की चुदाई एक साथ जरूर करते थे। इतनी गांड चुदाई के बाद मुस्कान को भी हमारे साथ की आदत सी लग गई और कभी कभी हमें फ्री के चुदाई करने देती थी।