गांव की चुदाई भाग-3

गाँव की औरत के साथ बार बार सेक्स करने के बाद अब वर्मा जी की गन्दी नजर उनकी बेटी सोनू पर गई। दोस्तों वर्मा इस निराली मजेदार कहानी को पढ़ने से पहले आपको उनकी कहानी के पहले भाग पढ़ने चाहिए जो है गांव की चुदाई भाग-1 और गांव की चुदाई भाग-2 है ताकि आप इस चुदाई कथा को आराम से समझ सके। क्यों की वर्मा जी काफी उछाल कूद कर के चुदाई करते इसलिए उनकी कहानियाँ हमारी वेबसाइट पर सबसे ज्यादा पढ़ी जाती है। अगर आप यहाँ नए है तो आपको एक नजर इनकी कहानियो पर जरूर डालनी चाहिए।

मेरे सभी दोस्तों, भाइयों ओर भाभीजी को राजेन्द्र का रामराम। मुझे राहुल का मेल मिला जो सोनू की कहानी जानना चाहते है। इसलिए मीना कि कहानी के साथ मे पहले आपको मीना कि बड़ी बेटी सोनू की कहानी आज आपको बताना चाहता हूं। जैसा मेने अपनी पिछली गांव की चुदाई कहानी मे बताया कि मीना कि मां सोनू को मेरा खाना लेकर भेजने लगी थी।

ऐसे ही सोनू रोजाना खाना लाती और में उसे घूरते हुए खाना खाता रहता फिर वो वापस चली जाती। मगर इस बीच मे किसी भी नजर से उसे देखू सोनू हमेशा मुझे प्यार से ही देखती जैसे उसकी। आंख मे कोई बात है। रविवार को मेने सोचा क्यू ना अगले गांव का निरीक्षण कर लिया जाए। जब सोनू 

आई तो मेने कहा मुझे अगले गांव में जाना है तुम मेरे साथ रहोगी तो कोई परेशानी नहीं होगी सोनू ने कहा बाबूजी आज तो नहीं कल सुबह ही मे आपके साथ चलूंगी। अगले दिन सुबह कैंप मे मीना ओर सोनू दोनों आई मीना बोली बाबु सोनू कह रही थी आप अगले गांव जाओगे वो गांव इसकी मोसी का है आपको वहां कोई परेशानी नहीं होगी।

आप सोनू के साथ मेरी बहन के वहां चले जाना। ये कहकर मीना तो अपने खेत को चली गई ओर सोनू अपने बच्चे को गोद में लिए मेरे आगे चलने लगी जो पगडंडी हमे बस स्टैंड पर ले जाती जहां से बस मिलनी थी अगले गांव की। हम बस स्टैंड आ गए मेने सोनू से कहा सोनू यहां भीड़ क्यों क्यों है इतनी सोनू  बोली आज सोमवार है ना हाट् बाजार लगता है आज।

मेने सोनू से कहा जब तक बस नहीं आती वहां हो आए। सोनू बिना बोले मुझसे आगे जाने लगी तो मैने कहा मे भी आ रहा हूं कहा चली। सोनू की गंदी चोली ओर पुरानी चूंदड़ी देखकर में बोला कुछ कपड़े ले लो उसने मना किया में बोला ले लो मेरी तरफ से। सोनू बोली मां क्या कहेगी मे बोला में समझा दुगा तुम मां के लिए भी ले लो। सोनू ने अपने लिए पीली चूंदड़ी ओर काली चोली ली ओर मां के लिए मां के लिए लाल चूंदड़ी ओर  चोली। 

साथ ही काजल बिंदी सब कुछ लिया ओर हम वापस बस स्टैंड a गए जहां एक बस खड़ी थी जो भर चुकी थी। पिछे की सीट खाली थी सो पहले सीमा फिर में पास मे बैठे। सोनू मुझे देख रही थी मे बोला तुम ऐसे खुश क्यू नहीं रहती है। सोनू बोली क्या करू  बाबू  मेरे वो दारू पीते है में क्या करू। मां पंचायत मे फ़ैसला करवाएगी पर अभी पैसे नहीं है इतने। 

मेने बोला पैसा क्यों सोनू बोली बाबू गांव में सब काम सरपंच करता है वो पैसा लेकर मुझे शराबी पति से तलाक करवा कर दूसरी जगह नाते भेजेगा। इतनी देर मे बस चल पड़ी। कितना लगेगा मेंबोला। । बस बहुत धीरे चल रही थी क्यों की सड़क बहुत खराब थी। सोनू के बड़े बड़े चूचे हिल रहे थे जिन्हे में हिलता देख रहा था।  मेरी निगाहों को उसकी छाती देखते देख कर उसने नजर झुका ली ओर  शरमाने सी लगी उसकी गोद मे बच्चा होने से वो उन्हें ढक भी नही पा रही थी।

बस के हिलने से मेरी कोंहनी उसकी कमर को छू रही थी कभी कोहनी कमर को लगती तो कभी साइड मै।  मै बोला तुम चिंता मत करो में पैसा दूंगा। आप मेरे लिए क्यों करेंगे आप तो मां को…… वो कुछ कहते हुए रुक गई। मैने उसकी निगाह को पकड़ा जो मेरी पैंट के उभार को देख रही थी। जहां से लिंग महाराज सोनू का स्पर्श पाकर अपनी ओकात दिखा रहे थे।

इसी बातो मे कब अगले गांव में आ गई पता नहीं चला। सोनू उठी और में भी उसके पिछे पिछे बस से उतर गया। मैने कहा मुझे पंचायत ने जाना है जब तक तुम क्या करोगी। सोनू बोली मेरी मौसी के यहां चलो भाई को ले जाना वो सब से मिला देगा जब तक मे दिन का खाने का काम कर लूंगी आपके आने तक। हम रोड से गांव की और वाली पगडंडी पर आ गए।

आसपास बंबुल की झाड़ियां ओर ऊंचे टीले थे। चलते चलते हम गांव में आ  गए एक कच्चे से घर मे आ गए। सोनू कि मौसी भी मां की तरह रूपवती भरे शरीर की महिला थी जो काफी मोटी थी। सोनू ने एक लड़के से कहा मोजिया बाबु को पंचायत ले जा ओर खाने के समय लेते आना ओर है इनके साथ ही रहना। मै पंचायत चला गया और अपने काम मे लग गया।

दोपहर वो लड़का मुझे लेने पंचायत आया बोला  आपने जीजी बुलाई है। हम वापस सोनू की मोसी के घर आ गए। लड़के ने मुझे एक कमरे के बाहर कुर्सी पर बैठा दिया जहां पास मे चारपाई पर सोनू का बच्चा सो रहा था। सोनू आकर मुझे चाय दे गई बोली आपका खाना लगा देती हूं जब तक चाय पी लो।

मै चाय पीने लगा जब मे चाय पी रहा था सोनू ओर मोसी की आवाज मेरे कान मे पड़ी। मौसी बोली क्यों री बाबू तो जवान है फसा लिया क्या। सोनू क्या मौसी तुम भी क्या बोलती हो, मौसीक्यों जवानी खराब कर रही है थोड़ा मजा ले ले कुछ नहीं होता। सोनूउस दिन जब तुम्हारे घर आई थी जब मां के साथ था येमौसीवाह री वो बिल्ली झपट ले गई ओर तू। तू तो जवान है क्या ऐसे ही काटेगी शराबी की याद मे। छोड़ सब अपनी गान्ड मत सूखा मां से ही सीख मर्दों को हमारी जरूरत है हमे नहीं उनकी।

आराम से जी कुछ नहीं होता बाबू अच्छा लगता है फसा ले जवानी बर्बाद मत कर क्या मां की रास लीला देख कर है जिएगी। देखती हूं मौसी। सोनू अब मेरे लिए एक थाल ले आई। मेने खाना चालु ही किया था कि सोनू का लड़का जग गया। मेरे पास से उठकर वो पलंग पर लेट गई ओर एक अपना चोली में से एक दूध निकाल कर बच्चे को पिलाने लगी। मेरा हाथ जैसे वही थम गया ।

सोनू के गोरे गोरे दूध जिन पर काली निपल जिनसे बच्चा मुंह लगाए हुए था। सोनू की नजर मुझपे पड़ी तो मुझे देखता देख कर वो शर्मा गई ओर उसने निगाह झुका ली। वो सीधी होकर बैठ गई बोली क्या हुआ आपको मैने बोला कुछ नहीं। बच्चे को भूख लगी थी आप तो अपने ही है आपसे क्या शर्म। मेने खाना खत्म किया ओर अब हूं वापस अपने को निकल पड़े। मेने गांव से बाहर आते ही सोनू से कहा तुम बहुत खूबसूरत हो सोनू बोली क्या फायदा आप तो मां को चाहते हो।

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मुझे जैसे झटका लगा कि मौसी से भी ये यही कह रही थी ऐसा क्या देख लिया इसने। जब ने चुप रहा तो सोनू बोली मुझे कोई ऐतराज नहीं मां भी क्या करे हमारे घर में कोई मर्द जो नहीं। हा उस दिन जब आप रात को घर आए थे में मुन्ना के कपड़े भूल गई थी सो मे वापस आई थी मगर जब मेने आपको ओर मां को साथ देखा तो मैने सब कुछ देखा था। जो मां ओर आप मेंहुआ।

मै भी आपको पसंद करती हूं पर बोल नहीं पाई आज मौसी ने कहा सो बता रही हूं। अब मे क्या बोली मुझे कुछ समझ नहीं आया। अब हम रोड पर आ गए, सोनू बोलिंक्या मुझे भी मा की तरह सुख दोगे आप। मेरे मुंह से निकला कैसे सोनू बोली ये मूझपे छोड़ दो बस आप दोगे या नही। मै बोला तुम बहुत खबसूरत हो  मगर तुम्हारी मां। सोनू मे सब कर लुगी।

रोड दूर तक पूरी खाली थी। सोनू ने मेरा हाथ पकड़ा और बोली अभी बस मे टाइम है दूसरे हाथ से अपने मुन्ना को पकड़े हुए मुझे सड़क के पार ले चली ओर मे उसके पीछे खिचता चला गया। सड़क के बाद कच्चे रास्ते से होते हुए बबुल के पीछे टीले के साइड मे हम आ गए जहां बड़ी बड़ी झाडिया थी कोई पास से जाने पर भी हमे ना देख सके। सोनू बोली यह कोई नहीं देखेगा हमे ओर वो नीचे बैठ गई मगर मे डर रहा था क्यों की ऐसे खुले  मे मेने किसी के साथ कुछ नहीं किया ओर वो भी अंजान गांव मे। 

मेने कहा यह कहा ले आई सोनू बोली कुछ नहीं होगा ओर अपनी चोली खोल कर मुन्ना को दूध पिलाने लगी। उसके भरे हुए दूध देखकर लिंग महाराज को तो मजा आ गया ओर वो खड़ा हो गया पर मुझे तो डर लगा था। सोनू ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे नीचे खेचा ओर मुझे भी नीचे बैठा लिया। अब मे पास से उसके दूध देख रहा था। 

अब बच्चे को साइड मे पत्थर पे सुला कर मेरी छाती पर हाथ रख लिया। सोनू ने एक हाथ उठा कर अपने दूध पर रखवा दिया। ओर घाघरा घुटनों तक लेकर बोली आज जल्दी करलो कभी आराम से करेंगे मुझे बहुत टाइम हो गया करे। आपका मुला दिखलाओ मेने देखा सोनू ने चड्डी नहीं पहनी ओर उसकी चुत जो बाहर झांक रही थी।

छोटी सी चुत के पास घने बाल थे ओर आसपास गुलाबी रंगत थी क्यों की सोनू गोरी थी उसकी जांघ एक दम गोरी थी जिन्हे देख कर मेरा लिंग ओर तन गया। सोनू ने देर ना करते हुए पैंट की बेल्ट कोंखोल कर चैन चोल दी ओर चड्डी मे हाथ भी डाल दिया। झटके से लिंग महाराज जो बाहर निकाल कर हिलाने लगी बोली बहुत दिन हो गए जल्दी करो।

घाघरा पूरा उचा कर अपनी दोनो टांगे चौड़ी कर पीछे लेट गई मे अब नीचे झुक कर उसकी चुत के मुंह पे अपना लिंग रखा ओर धक्का लगाने लगा। मगर काफी टाइम से चुदाई नहीं होने के कारण उसकी चुत टाइट थी। सोनू ने हाथ बड़ा कर मेरा लिंग पकड़ा ओर वापस उठकर सीधा लिंग को मुंह में लिया ओर दो तीन बार सूपसूप कर लार से गीला कर वापस लेट गई।

अब मेने भी दो उंगली उसकी चुत पर लगा दी ओर आगे पीछे की तो उसका पानी से मेरी उंगली गीली हो गई। मेरे अब अपना लिंग उसकी चुत पर रखा और एक बार मे ही धक्का दिया तो लिंग आधा अन्दर चला गया। सोनू जोर से चीखी मेने आसपास देखा ओर थोड़ा रुक गया सोनू की आंख ने आंसू थे।

फिर से मेने एक धक्का दिया ओर पूरा लिंग उसकी चुत में उतार कर फिर से रुक गया। अब मेने धीरे से लिंग आगे पीछे किया अभी तक सोनू चटपटा रही थी मगर अब वो नॉर्मल होने लगी। अब लगातार मे धक्का देता रहा ओर सोनू मेरे सीने से लग गई मुझे कस के पकड़ लिया। कुछ 15 मिनट की चुदाई के बाद लिंग बाहर खेंच लिया। मेने अपना वीर्य बाहर निकाल दिया।

फिर से एक दो धक्के चुत में देकर हम दोनों चिपक गए अब सोनू ओर मे कुछ देर ऐसे रहे ओर मेने अपनी पैंट पहनी ओर उसने चोली सही की। थोड़ा सरक कर मेरी तरफ पीठ कर मूतने बैठ गई सिटी की आवाज के साथ मूतने लगी।

उसकी गोरी गान्ड मुझे बहुत भा रही थी। मगर अभी कुछ करने का मोका नहीं था फिर हम मुन्ना को गोद में ले कर रोड पर आ गए। सोनू बोली मे सब सही कर दूंगी आप मुझे ऐसे चोदते रहना। ओर मेरे हाथ है हाथ डाल दिया। थोड़ी देर मे बस आ गई सोनू मुझसे चिपक कर बैठी थी।

फिर हम वापस अपने गांव आ गए ओर मे सोनू को उसके घर के बाहर छोड़ कर पंचायत ऑफिस आ गया। ये थी मेरी ओर सोनू की हॉट कहानी अब सोनू ने अगला क्या मोका खोजा ओर कैसे ये अगली कहानी मे। क्यों कि अब तो मां बेटी दोनों ही बेताब थी मुझसे मिलने को। मुझे आपके मेल का इंतेज़ार रहेगा।

मेरा मेल एड्रेस है – [email protected]

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