कम्बल में दोस्त की माँ को चोदा

मध्य प्रदेश इन्दौर का रहने वाला 22 साल का विकी अपनी दोस्त की माँ के साथ करता है गन्दी और आपत्तिजनक हरकते। विकी की जवानी और पहलवान जैसा ताक़तवर शरीर देख आंटी का दिल मचलने लगा। आंटी के राजी हो जाने पर विकी ने अच्छा मौका देख कम्बल में दोस्त की माँ को चोदा और यौन संतुष्टि प्राप्त की।

मैं कॉलेज में था जहां मेरी कई सारी दोस्त थी। उनमे से एक लड़की का नाम अंजलि था। वो मुझे सिर्फ दोस्त मानती थी पैर मैं उसे पूरा चुदाई का माल समझता था। मेरे मोटे गोटे उसकी चुत में अपना झाड़ना चाहते थे।

अंजलि कभी कभी मुझे कामुक नजरो से भी देखा करती थी क्यों की मैं हटा कटा पहलवान जैसा हूँ। पर हमारी बात कभी चुदाई तक नहीं पहुंची।

जब परीक्षा पास आ गई थी तो मैंने अंजलि से पढ़ाई में मदद मांगी और इसने हाँ कह दिया। मैं सोच रहा था की अगर हम साथ में पढ़ाई करेंगे तो हमारी बात आगे बढ़ेगी और क्या पता मुझे थोड़ा चुम्बा चाटी का मौका भी मिल जायेगा।

रविवार को मैं उसके घर गया और हम साथ बेथ कर पढ़ने लगे। तभी मेने उसकी माँ को देखा और मेरा लिंग खड़ा हो गया। अंजलि की माँ उसे भी ज्यादा कमाल की थी। अंजलि की माँ ब्यूटी पार्लर चलाती थी और उन्होंने अपने आप को जवान बनाने के लिए क्या कुछ नही किया। 

आंटी का बदन काफी गोरा था और उनकी त्वचा काफी कोमल। ये देख मैं उसके स्तन देखने लगा। उन्होंने नेट वाली साड़ी पहनी थी जहा से मुझे उनका पेट, स्तन और कमर साफ दिकने लगे। 

आंटी कमरे में आते ही मुझे देखने लगी और मेने उन्हें नमस्ते कहा। आंटी ने भी मुस्कुरा कर जवाब दिया। 

आंटी -अंजू बेटा जाओ अपने भाई को टूशन छोड़ने जाओ फिर कर लेना पढाई और विकी बेटा कुछ ठंडा पियोगे ?

मेने मना करने के बाद भी आंटी मेरे लिए कैम्पा का गिलास ले कर मेरे सामने रख दिया। जब वो झुकी तो मेरी निगाहे उनके स्तनों की बीच की दरार पर टिक गई। 

आंटी भी मेरी आँखों में आँखे डाल कर मेरी हवसी निगाहों को देखने लगी। उस वक्त अंजलि अपनी स्कूटी से भाई को छोड़ने गई थी। 

मेरा दिल अंजलि से हट कर उसकी माँ पर आगया और मेरे गोटे उछलने लगे। 

उसके बाद आंटी नहाने चली गई। आंटी का हवस मिटा देने वाला शरीर देख मैं वही कामुक हो गया और अपना लिंग हल्का हल्का सहलाने लगा। 

फिर मेरी नजर बाथरूम पर पड़ी जिसका दरवाजा लकड़ी का था और वो किनारे से होला सा टुटा हुआ था। 

मैं वही से आंटी को नहाते देखने लगा और बाहर अपना लिंग हिलने लगा। कुछ देर बाद आंटी ने कामुक हरकते शुरू कर दी। 

साबुन से अपना शरीर मसलते मसलते वो अपने स्तनों को गंदे तरीके से छूने लगी। मैं वही खड़ा आंटी के रसीले स्तनों को देखता रहा। 

उसके बाद आंटी ने शैम्पू की बोतल निकाली और अपनी योनी में डाल कर अपनी अन्तर्वासना सेक्स को बुझाने लगी। उन्हें ऐसा करता देख मेने अपने लिंग जो लगातार हिलना शुरू कर दिया और मेरी सांसें तेज हो गई।

नाहते हुए आंटी ने मेरी तेज सांसो की आज सुन ली और मुझे देख लिया। मैं तभी दरवाज़े से पीछे हट गया और डर गया की अब क्या होगा।  

आंटी जल्दी से तौलिया बांध कर बाहर निकली और उन्होंने मेरी पैंट की जीप से निकला लिंग देख लिया। मेरा लंड खड़ा था और आंटी की चुत फूली हुई थी। मेरा लिंग देख आंटी चुप हो गई और मेरा लिंग देख कर भी अनदेखा कर के वापस नहाने चली गई। 

उन्होंने बैडरूम का दरवाजा बंद करने से पहले मुझे देखा और अपना तौलिया गिरा दिया। साथ ही उन्होंने अपने स्तन दांए बाएँ हिलाये और दरवाजा बंद कर दिया। 

मुझे समझ नही आया की मुझे उस वक्त करना क्या चाहिए। पर डर के मारे मेने कुछ नही किया। मेने अंजलि को फ़ोन किया तो उसने बताया की वो ट्रैफिक में फांसी है और उसे टाइम लग जाये जाएगा। 

उसके बाद मैं अकेला ही पढ़ने लगा। तभी आंटी नाहा कर निकली और उन्होंने सुंदर ब्रा पेंटी पहनी थी जिसे देख मेरा लिंग फिर जग उठा। आंटी नंगी मेरे पास आई और मेरे कान में कहा तुम अंदर क्यों नहीं आये ?

ये कह कर आंटी निचे बैठी और मेरी पैंट उतारने लगी और मेरी खुशी का कोई ठिकाना नही रहा। आंटी ने मेरी चड्डी उतारी और मेरा लिंग उनके मुँह पर जा लगा।

मेरा पहवान सा देसी शरीर और बड़े डोले देख आंटी की चुत मचलने लगी और उन्होंने मेरा लिंग चाटना शुरू कर दिया। इसे पहले मेरा माल निकले मेने आंटी को उठया और बिस्तर पर लेटा कर उनकी योनी पर मुँह मारने लगा। 

नहाने के बाद आंटी के शरीर से अच्छी मेहक आने लगी थी। मैं चुत की चटाई करते हुए उनकी दोनों चूची मसलने लगा और वो कामुक आनंद लेने लगी। 

आंटी – अहह विकी थोड़ा और जोर से मेरी चूचियां मसलो। 

मेने जल्दी से उनके ऊपर चढ़ा और उनके दोनों स्तनों पर कुछ चूसे मार कर उनकी चुत में लिंग डालने लगा। 

सर्दी का महीना था आंटी में मुझे कम्बल में आने को कह। आंटी को गर्म करके मैं उन्हें गर्म कंबल में चोदने लगा। 

मैं भी आंटी के स्तनों के बीच अपना मुँह दे कर कम्बल के अंदर अपनी कमर हिलाता रहा और उनकी चुत का छेद बड़ा करने में जुटा रहा। 

इससे पहले अंजलि वापस आ जाये मुझे आंटी के साथ पूरे मजे लेने थे। आंटी की गुलाबी और गोरी चूचिया मैं चूस चूस कर उनकी चुदाई कर रहा था। और आंटी भी हल्की और कोमल आवाज कर रही थी। 

उनका मादा शरीर चोदते चोदते मेरा उनसे शादी करने का मन करने लगा। आंटी ने मेरी कमर को अपनी जांघो में दबोचा हुआ था और मेरी कमर को अपने पैरो से धका दे कर अपनी चुत को मेरे लंड से चुदवा रही थी। 

फिर मेने उनके पैर पड़े और आंटी की गर्दन पर चुनते हुए उनकी चुदाई करता रहा। 

सेक्सी आंटी और मेरी सांसे एक दूसरे में समाने लगी और हम एक दूसरे की बाहो में खोने लगे। 

आंटी – अहह अहह अहह अहह अहह अहह और और अहह !

विकी – अहह आंटी अहह केसा लग रहा है अहह अहह। 

मेरे लंड की रगड़ से आंटी की चुत गर्म हो गई और मेरे चूसने से उनके स्तन लाल होने लगे। 

आंटी की आँखों की पुतलियां उलटी हो गई और वो किसी और दुनिया में जा पहुंची। 

उसी वक्त उसकी चुत से चिपचिपा सफ़ेद पानी निकला और वो शांत हो गई। शांत होने के बाद आंटी खुद कंबल में घुसी और मेरा गंदा लिंग मुँह से चाटने और चूसने लगी। 

मेरा पूरा लिंग और दोनों गोटे उनकी चुत के पानी से गीले थे पर फिर भी आंटी मेरा लिंग मजे से चूस रही थी और गोटो की मालिश भी कर रही थी। 

आंटी की आँखों में मेरे माल की भूख साफ दिख रही थी और वो अपनी पूरी जान से मेरा लिंग चूसने में लगी थी। 

आंटी के सामने मेरा लिंग झुक गया और मेरे गोटो ने अपना सारा पानी आंटी के हवाले कर दिया। आंटी ने मेरा माल गटक लिया और मेरे लिंग से अपना मुँह चिपका कर वही सोने लगी।   

मेने कम्बल में दोस्त की माँ को चोदा और अगर उसका पति और अंजलि घर आकर मुझे देख लेती तो पता नही क्या हो जाता। मेने आंटी के शरीर को थोड़ा और कामुक तरीके से छुआ और उनको उनकी ब्रा और पेंटी पहना कर वह से भाग गया। 

पर बिस्तर पर मेरे माल का दाग और बदबू से अंजलि समझ जाएगी की मेने उसकी माँ की चुदाई की है। 

उस दिन के बाद अंजलि ने मुझ से बात नहीं की और मैं समझ गया की उसे सब पता लग गया है। मेरी और अंजलि की दोस्ती तो पूरी खत्म हो गई है पर उसके माँ के साथ मेरा नया रिश्ता नही। 

अंजलि से दोस्ती टूट जाने के बाद मैं उसके घर उसकी माँ से मिलने कभी नही जा स्का। पर मैं उसके घर के आसपास घूमता रहता हूँ इस उम्मीद में की उसकी माँ मुझे देख लेगी और चुदाई करने के लिए अंदर बुला लेगी। ये थे मेरी कहानी dost ki maa ko choda अगर पसंद आई तो कमेंट जरूर करना। 

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