चुदासी सास 👩‍🦳

मैं जितनी बार भी अपने मायके जाता था उतनी बार सासू मां की चूत को नमस्कार जरूर करता था। हेलो दोस्तों! मेरा नाम है अविनाश है और यह मेरी चुदासी सास की अंतर्वासना कहानी है जो मैं आप लोगों को सुनाने जा रहा हूं।

तो चलिए पढ़ते है इस सासु माँ बेटा सेक्स स्टोरी को और मुठ मारते है।

लॉकडाउन लगा हुआ था तो इतने दिन से हम घर पर ही पड़े हुए थे। तो मेरी बीवी ने कहा – चलिए मां से मिलने चलते हैं बहुत समय हो गया है।

मैंने भी मन में सोचा – हां यार सासू मां से मिल लेना चाहिए मेरे लंड ने उनकी चूत को काफी समय से नमस्कार नहीं किया। असल में बात यह है कि सासु मां और मेरा चक्कर चल रहा था और सासू मां मुझ से चुदवाया करती थी।

क्योंकि ससुर जी बूढ़े हो चुके थे और उनके लंड में इतना दम नहीं जो सासू मां की प्यासी चूत की प्यास बुझा सके। उनकी व्यक्त चूत को मेरे जैसा जवान लंड ही शांत कर सकता है।

तो मैंने कहा – ठीक है बेबी जैसा तुम को हम चलते हैं तुम्हारी मम्मी से मिलने। और अगले ही दिन हम अपने मायके जाने के लिए तैयार हो गए।

घर पर पहुंचते ही मेरी बीवी सासू मां के गले लग गई और मैं सासू मां के पैर छूने लगा तो सासु मां ने मुझे रोक लिया और कहा – तुम्हारी जगह तो मेरे दिल में है और मुझे गले लगा लिया!!!

दूसरी तरफ ससुर जी और मेरी बीवी के देख कर बहुत ही खुश हो रहे थे और यह कह रहे थे – दमाद और सांस में कितना ज्यादा प्यार है!!

मैंने सोचा – हां कुछ ज्यादा ही प्यार है इतना प्यार है कि हम दोनों एक दूसरे की शारीरिक संतुष्टि शांत करते हैं।

और  जैसे ही रात हुई!!

मेरी बीवी सो गई और वहां ससुर जी घोड़े बेच कर सो गए। और मैं और मेरी प्यासी सासू मां हम दोनों लिविंग कमरे में आ गए।

सासू मां बोली – तुम्हें इतना समय क्यों लग गया यहां पर आने में अब जब मुझ से मन भर गया है।

मैंने कहा – नहीं सासु मां मेरा मन आप से नहीं भरा है अरे आपकी चूत में वह मजा है कि क्या बताऊं

सासु मां बोली – रहने दो… तुम झूठ मत बोलो… तुम्हें मेरी बेटी की जवान चूत ज्यादा पसंद है

मैंने कहा – मुझे आपकी बेटी के जवान चूत पसंद है लेकिन आप की चूत का काम और आनंद मेरे लंड को सबसे ज्यादा खुश करता है

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और इससे पहले मैं कुछ और क्या था सासू मां ने मुझे गले लगा लिया और मेरे होठों को चूमना चालू कर दिया। वह मेरे होठों को ऐसे पूछ रही थी जैसे मानो गन्ना चूस रही हो

और हम दोनों की जबान एक दूसरे से मिल रही थी और हम दोनों का होठों से होठों का मिलन हो रहा था।

फिर मैंने सासू मां को सोफे के ऊपर लेटा दिया और उन्हें पूरा नंगा कर दिया। सासू मां बिल्कुल सही सही जगह से मोटी है और जिन्हें देखकर स्लट की याद आ जाती है। इतनी ज्यादा सेक्सी है और  कामुक और है कि मेरा लंड तो पानी मांगने लग जाता है।

मैंने सासू मां के बड़े-बड़े दूधों को पीना चालू कर दिया और उन्हें खूब जोर-जोर से मजे ले ले कर दबाने लगा।

सासू मां – हां बेटा ऐसे ही दबाओ… मेरे बूब्स दबने को तड़प रहे थे तुम्हारे हाथों से।।

फिर मैं धीरे-धीरे सासु मां की चूत तक पहुंच गया और उनकी झांत से भरी चूत को चाटने लगा

सासु मां ने मेरे मुंह को पकड़ कर अपनी चूत में और ज्यादा घुसा दिया और कहने लगी – हां यह तो तुम्हारी ही होठों को मांग रही थी चाटो… अपनी सासू मां की चाटो…!!!

फिर मैंने अपना 6 इंच का लोड़ा निकाला और सासू मां की चूत में पूरा का पूरा घुसा दिया और दामाद सास की चुदाई चालू हो गई।।

सासु – आ आ आ अहह आह अम्म ओह येह आ

मै – आ आ सासुमा… आज भी आपकी चूत इतनी कसी कोसे है आ आ??!!

सासु मां बोली – तुम्हारा ससुर मुझे छोटा ही नहीं तुझे उसके लंड में दम है ही नहीं।

मैंने कहा – कोई बात नहीं सासु मां मैं तुम्हारी चूत की प्यास बुझा दूंगा और मैं फिर सासू मां के अंदर पूरा लंड घुसा कर घचाघच उनको चोदने लगा।

सासु – आ आ ओह आ ओह येह

मै – यस यस सासु माँ आ आ

मैंने उनके दोनों टांगों को अपने कंधों के ऊपर रख रखा था और दोनों हाथों से उनके दोनों दूध पकड़ रखे थे। सासु मां के दोनों स्थान को पकड़कर सहारा बनाकर मैं उनकी चूत की जबरदस्त पिटाई कर रहा था।

मैं घर जाकर सासू मां की चूत पर अपने लंड से प्रहार कर रहा था और उनको खूब चोद रहा था।

फिर मैंने सासू मां को घोड़ी बना दिया और उनकी मोटी गांड पर थप्पड़ मार मार कर उनको चोदने लगा।

सासू मां – अरे धीरे करो… वरना सब जाग जाएंगे

मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुका था और मैंने कहा – अरे सब की मां की चूत… आज तो सासु मां चुदेगी!!!!

और मैं सासू मां के ऊपर पूरा का पूरा चढ़ गया और उनकी कांड की अपने मजबूत और लंड से चुदाई करने लगा। नमकीन गांड में अंदर बहार अपने लंड को बहुत ही तेजी से कर रहा था और उनकी गांड भी खूब गड्ढे की तरह हिल रही थी।

सासू मां – हां ऐसे ही चोदो मुझे… दमाद जी ऐसे ही!!!

मैंने कहा – अरे चोद तो रहा हूं… और कितना चोदूं??!!

सासू मां – मुझे खूब चोदो इतना चोदो कि मेरा मूट निकल जाए!!!

यह सुनते ही मैं सासु मां को और चोदने लगा मैंने अपनी रफ्तार इतनी ज्यादा बढ़ा दी कि मैं सासु मां को घचाघच थप्पड़ थप्पड़ चोद रहा था।

सासु – आ आ अहह आ ऍम आ

सासु की चूत – फच फच फच पच पच

सासू मां को मेरी दमदार चुदाई ना बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और कुछ ही देर में उनका मुंह निकलने वाला था और मेरा झड़ने वाला था।

और फिर कुछ ही देर में मेरा झड़ने वाला था जैसे ही मेरा झड़ने वाला था मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और सासू मां के मुंह में घुसा दिया।

सासू मां को कामुक आनंद मिल चुका था और अब मुझे मिल रहा था मैंने अपना सारा माल सांसों मां के मुह में झाड़ दिया।

और मेरी प्यारी कामुक वासना से भरी चुदासी सासू मां मेरे सारे माल को दी गई उसकी एक-एक बूंद की गई।

और फिर मैं कुछ दिनों तक वहीं पर ही रुक आ रहा और बाकी आप तो समझदार हैं ही!!!

तो कैसी लगी आप लोगो को मेरी देसी चुदाई की कहानी उम्मीद करता हु हिलाया जरूर होगा। अगर मज़ा आया तो अपनी भी कहानी इस वेबसाइट को भेजो में पढ़ लूंगा।

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