कॉलेज के लड़के ने चोदा अपनी मौसी को भाग-2

मौसी को पकड़ा और सोफे पर लिटा दिया। और उनके ऊपर चढ़ गया फिर उन्हें चूमने लगा। उनके बड़े-बड़े स्तन को अपने हाथों से मसलने लगा, और उनके पूरे बदन को महसूस करने लगा। वो उनके पूरे शरीर पर अपने हाथ फेर रहा था, और हर जगह चूमे जा रहा था। इस आनंदमय एहसास से मौसी की अन्तर्वासना और ज्यादा जाग गई। और जोर-जोर से बोलने लगी। 

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कॉलेज के लड़के ने चोदा अपनी मौसी को भाग-1

सुरेश – अब बस करो, बस जल्दी से, “उसे मेरे अंदर डाल लो”। 

सुरेश समझ गया और उसने फटाक से अपने पेंट की चेन खोली। और अपने लंड को बाहर निकाला। उसके लंड को देखकर मौसी बोली – अरे, सुरेश तुम्हारा लंड कितना बड़ा और कठोर है। 

मौसी, सुरेश के लंड पर अपना हाथ आगे-पीछे करने लगी, और फिर धीरे से उसके लंड को चूसने लगी। यह एहसास बहुत ही कामुकता भरा था सुरेश के लिए। 

सुरेश को बहुत मजा आ रहा था उसकी खुशी का कोई ठिकाना ही ना था। क्युकी मौसी बहुत ही क्यूट और सुंदर होने के साथ-साथ बहुत ही आकर्षक थी। 

श्री सुरेश ने मौसी को दुबारा सोफे पर लिटा दिया और उनकी दोनों टांगों को पीछे कर दिया। उसने अपना लंड उनकी चूत में घुसा दिया और जोश में आकर जोर-जोर से आगे पीछे करने लगा। 

मौसी बोली – सूरज धीरे, तुम बहुत ही आक्रामक हो रहे हो। लेकिन सुरेश ने बोला, मौसी जी मैं आक्रामक नहीं हो रहा हूं। बल्कि Antarvasna की इच्छाओं में बह रहा हूं। और वह लगातार जोर-जोर से आगे-पीछे होता रहा। उसके हर एक बल से। 

मौसी के बड़े-बड़े स्तन जोर-जोर से उझल रहे थे। जो कि एक बहुत ही आनंदमय दृश्य रहा होगा। श्री सुरेश ने मौसी की पैर बिल्कुल ही पीछे कर दी। और अपने लंड को पूरा घुसा कर उनके ऊपर, कूद कूद कर चोदने लगा।

मौसी जी बोली – बस सुरेश रुकना नहीं बहुत ही मजा आ रहा है और जोर से मारो सुरेश और जोर से। उनका सुरेश और ज्यादा उत्सुकता से भर गया और वह मौसी जी के दोनों चुंचो को अपने हाथों में पकड़ कर।

उनको जोर-जोर से चोदने लगा। और ऐसी आवाज आ रही थी कि जैसे मानो कोई पिट-पिटके के ताली बजा रहा हो, पट-पट। सुरेश का झड़ने ही वाला था कि उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और अपने आप को कंट्रोल किया। 

सुरेश ने मौसी जी को डॉगी पोजिशन में आने के लिए कहा। क्योकि, वह मौसी जी की बड़ी और गोल-मटोल गांड को पीछे से चोदना चाहता था। मौसी जी ने ऐसा ही किया और उनकी मोटी नरम-नरम गांड को देखते ही सुरेश ने अपना लंड झट से घुसा दिया। 

मौसी जी झटके से आगे को गिर गई और सुरेश उन्हें पीछे से ठोकने लगा। वह अपने पैरों को इतनी जोर से हिल रहा था, और मौसी जी को इतनी जोर से चोद रहा था। 

कि हर बार जोर-जोर से आवाज आ रही थी। उसके बाद सुरेश उनको चोदते-चोदते, उनके चूतड़ पर थप्पड़ भी मार रहा था। 

मौसी जी ने बोला – और जोर से सुरेश, और जोर से अपनी मौसी को झाड़ने में मदद करो। सुरेश ने अपना अंगूठा मौसी की गांड के छेद में घुसा दिया! और मौसी एकदम से चीख पड़ी। 

लेकिन सुरेश ना रुका और मौसी को पीछे से चोदता ही रहा। जैसे ही सुरेश का झड़ने वाला था उसने अपना लंड बाहर निकाल कर उनकी गांड पर अपना वीर्य निकाल दिया। सुरेश और मौसी जी दोनों ही सासे भर रहे थे, और बहुत ही थक गए थे। 

मौसी जी ने बोला – पता नहीं क्यों, अभी तक तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। अगर तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड होती तो, वह बहुत किस्मत वाली होती। सुरेश ने बोला – मौसी जी गर्लफ्रेंड नहीं है लेकिन आप तो हो ना मेरी मौसी फ्रेंड। 

 इस बात पर दोनों जोर-जोर से हंसने लगे और कहने लगे यह बहुत ही मजेदार एहसास था। 

 इस एहसास ने हम दोनों की अन्तर्वासना को संतुष्ट कर दिया। इस अनुभव के बाद अब सुरेश के पास भी सुनाने के लिए कहानी है जो कि बहुत ही बढ़िया और मजेदार है। 

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