भैया हो तो गांड मारोगे क्या ?

उत्तर प्रदेश की दिव्या जब ऑफिस से घर वापस आई तो उसके बड़े भाई ने मारी उसकी गांड। दिव्या ने अपनी कहानी भैया हो तो गांड मारोगे क्या ? में बताया की जब उसने अपने भाई को गन्दी नजर से देखा वो जान गई की उसका भाई ही वो इंसान है जो उसकी अन्तर्वासना मिटा सकता है। दिव्या की कहानी हम सभी को ये सिखाती है की जिंदगी में आपको हर वक्त चुदाई के लिए तैयार रहना चाहिए। क्यों की होने वाली चुदाई को न रोका जा सकता है और न ही चुदाई करने वाले को। 

मैं उस दिन ऑफिस के काम से थक कर वापस घर जा रही थी। घर पर बड़ा भाई और माँ मेरा खाने पर इंतजार कर रहे था। मेरा बड़ा भाई बेरोजगार था और बस मैं ही पुरे घर का खर्चा उठा रही थी। 

घर जाते ही हम साथ बेथ कर खाना कहने लगे। खाते हुए भाई मुझे ध्यान से देखने लगा। मेरी शर्ट पसीने से गीली थी और मेरी पूरा ब्रा दिख रही थी। 

मेरे पसीने से गीले स्तन भाई के लिंग में जान डालने लगे। वो अपना खाना धीरे धीरे कहते हुए मेरी नरम छाती देखते रहे। 

माँ की नजर भाई पर पड़की तो उन्होंने उसके कंधे पर हाथ रख कर कहा क्या सोच रहे हो बेटा ?

भाई ने कहा – कुछ नहीं माँ बस आज रत सोच रहा हूँ ऑनलाइन कोई काम ढूंढ लू। 

खाना खाने के बाद माँ सोने चली गई और मैं नहाने के बाद अपने कमरे के ऑफिस का काम करने लगी। इतने में भाई मेरे कमरे में घुस आया और पीछे से मुझे गले लगा लिया। 

मैं डर गई और कहा भइया क्या कर रहे हो छोड़ो मुझे !!

भाई – अरे छोटी क्या इतना काम मत किया कर। 

ये बोल कर वो मुझे कामुक तरीके से छूने लगा। 

मैंने कहा – भइया मुझे इस तरह मत छुओ !!

भाई – अरे छोटी क्या हुआ तुझे ? मैं तो मेरा बड़ा भाई हूँ !

ये सुन कर मुझे गुसा गया और मैं चीला कर बोली भैया हो तो गांड मारोगे क्या ? 

पर भाई ने एक नहीं सुनी वो कुर्सी के पीछे खड़ा हो कर मेरे स्तन दबाता हुआ मेरी गर्दन पर चूमने लगा। 

भाई के गर्दन पर चूमते ही मैं भी कामुक हो गई और मेरा गन्दी शरारत का मन बन गया। 

मुझे पता है की एक बार मेरे भाई ने अपने एक दोस्त की बहन को गर्म करके चोदा था। उस लड़की का पिछवाड़ा पूरा लाल कर दिया था भाई ने और आज मेरा नंबर है। 

मेरी कामुक सासो से भइया को पता लगा गया की मेरी चुत गीली हो चुकी है। उन्होंने मेरी nighty उठाई और उसमे हाथ डाल कर मेरी चुत में ऊँगली करने लगे। 

भइया ने अपने मुँह में ऊँगली डाली और उसे गीला कर के मेरी चुत में देने लगे। 

अब मैं भी वासना से भर गई और भइया से उनके लंड की मांग करने लगी। 

भाई ने मेरा लैपटॉप बंद किया मेरे मेरे सामने अपना पजामा उतार कर बेशर्मो की तरह खड़ा हो गया। 

भाई का खड़ा लंड देख मेरी आंखे शर्म से झुक गई पर भाई को तो बस अपने गोटो का माल निकालना था। 

उनहोने मेरा मुँह खोला और उसमे थूक दिया। मुँह में थूक डालने के बाद मैं उनका लिंग मुँह में लेने लगी। 

भाई का कड़क लोडा मुँह में काफी स्वाद लग रहा था। लाल और गर्म टोपा और वो मोटी नसे मुझे अपने मुँह में महसूस हो रही थी।  

भाई धीरे और प्यार से मेरी आँखों से देखते हुए अपनी कमर हिला रहे थे और मैं भी उनकी आँखों में बढ़ती हवस से और कामुक हो रही थी। 

थोड़ी देर तक भाई ने मेरा मुँह चोदा और मैं अपनी चुत में ऊँगली करती रही। साथ ही मैं भाई की बालो से भरी मर्दाना छाती भी छूती रही। 

कुछ देर बाद मैंने मुँह से लंड निकाला और कहा भाई बहन की चुदाई कब होगी ?

भाई ने कहा नहीं हम बस ओरल सेक्स कर सकते है। छोटी मैं तेरी चुत नहीं चोद सकता !

उनके ऐसा बोलने के बाद ही मैं उठी और अपनी nighty उतार कर बिस्तर पर गांड फैला कर झुक गई।

भाई मेरी तरफ देखा और आंखे बंद कर लिया। उसको बुलाने के लिए मैं अपनी मोटी गांड ऊपर नीचे उछालने लगी। 

गांड उछालने से मेरी चुत से रस की लार टपकने लगी। ये देख मेरा भाई रुक न सका। वो भाग कर आया और मेरी गांड में अपना मुँह दे कर चुत का रस चाटने लगा। 

चुत अच्छे से चाटने के बाद उन्होंने अपना लंड बिना बताये मेरी चुत में घुसा डाला। 

अब चुत की मजबूरी थी इसलिए मैं भी ख़ुशी ख़ुशी अपनी गांड मरवाने लगी। मैं बेड पर आधी लेटी थी और आधा शरीर नीचे था। 

बस भइया को मेरे छेद क्या दिखे वो मेरी गांड जबरदस्त तरीके से मारने लगे। पहले तो उन्होंने मेरे कंधो पर हाथ रखा और फिर मेरी चुत में लंड दे कर जोर से धके मारने लगे। 

लंड की मार से मुझे अपनी चुत पर करंट लगने लगे। भाई का गर्म लिंग मेरी चुत की दीवारों को अच्छे से रगड़ रहा था। 

भाई मुझे जितनी तेजी से चोद रहे थे उस से मुझे ये लग रहा था की वो अपनी नहीं मेरी अन्तर्वासना मिटाना चाहते है। 

भाई ने मेरी दोनों कलाई पकड़ी और उन्हें पीछे खींच कर मुझे खड़ा कर दिया। 

मैं अपने पेरो पर झुक कर कड़ी थी और वो मेरे हाथ पकड़ कर मेरी चुदाई कर रहे थे। 

मेरी भारी स्तन आगे पीछे ब्रा में उछाल रही थे। अगर मैंने ब्रा नहीं पहनी होती तो मुझे छाती पर दर्द होने लगता क्यों की मेरे स्तन ही इतने मोटे थे। 

पर कुछ धको के बाद भाई ने ब्रा ही फाड़ दी और मेरे स्तन जानबूझ कर धके मार कर उछालने लगे।  

अब मैं क्या करती भाई के ऊपर मेरी चुत का पानी निकालने का भुत सवार था। 

कभी वो मेरे स्तन दबाते तो कभी उनपर चाटे मार कर टमाटर की तरह लाल करते। 

मेरा शरीर पसीना पसीना हो गया और दोनों जांघो से चुत का सफ़ेद पानी रिस रिस कर जमीं पर गिरलने लगा। 

पर भाई तो मशीन की तरह मेरी चुदाई कर रही थे। गांड चुत के इस खेल की वजह से मैं भी के लिए चुदाई का सामान बन गई। 

उस रत भाई मुझे अलग अलग तरीके से चोदते रही और मैं अपनी चुत की माँ चुदवाती रही। 

भाई बहन के इस चुदाई के नशे से हमने जी भर कर एक दूसरे के शरीर को चाटा और चूमा। रक दूसरे के लिंग को थूक से गीला कर के अपनी सारी कामुक इच्छाओं को पूरा किया। 

रात के करीब 2 बजे भाई ने अपना साला वीर्य मेरी गांड के ऊपर झाड़ दिया।  

उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के चिपचिपे शरीर को चूमते हुआ सो गए। अगली सुबह मुझे खुद पर काफी शर्म आई पर भाई तो कल रात की तरह ही मुझे कामुक हो कर देखने लगे। 

मुझे चुदाई में तो काफी  मजा आया पर मैं भाई के साथ ऐसा रिश्ता नहीं रखना चाहती थी इसलिए मैं उनसे दूर रही और उन्हें भी अपने पास नहीं आने दिया। ये थी मेरी भाई बहन की चुदाई कहानी अगर आपको अच्छी लगी तो कमेंट जरूर करना।