बड़ा भाई बॉडी बिल्डर अंकल का लंड चूसते थे !!

बॉडी बनाना तो हर लड़के को पसंद होता है। पर जब करिश्मा का बड़ा भाई 5 महीनो तक GYM जाने के बाद भी अपना वजन नहीं बड़ा सकता तो करिश्मा को कुछ गलत लगा। अब करिश्मा को अपने बड़े भाई के बारे में क्या पता लगा ये तो कहानी पढ़ कर ही पता चलेगा। 

मेरा नाम करिश्मा है और मैं दिल्ली की हूँ। मैं अपनी अपनी हॉट सेक्स कहानी इसलिए आप सभी को सुनाने जा रही हूँ जब मुझे पता लगा की मेरा बड़ा भाई बॉडी बिल्डर अंकल का लंड चूसते थे। मेरी भाई 24 साल का था और मैं 20 की।

मेरे भाई का वजन बढ़ता ही नहीं था इसलिए उसके दोस्त उसका दिन रात मजाक उड़ाते थे। मुझे ये बिलकुल पसंद नहीं था। आखिर हर कोई लड़की चाहती है की उसका भाई समझदार और ताकतवर हो। मैं भी अपने भाई का अच्छा ही चाहती थी इसलिए मैंने उसे gym जाने के लिए कहा। बस वही से मेरी desi kahani की शुरुआत हुई और मेरे भाई ने तो हद ही कर दी। 

हमारे पड़ोस में ही एक अंकल रहते थे जो अच्छे खासे पहलवान जैसे थे उनका खुद का gym भी था। तो मैंने अपने भइया को उनके gym जाने को कहा। 

भाई ने बात मानी और अंकल के gym चले गए। 

वो हर दिन थके हारे घर वापस आते। उनका शरीर पसीने में लतपत होता और उनके मुँह की हालत कुछ ठीक नहीं होती थी। 

मैंने कहा – क्या हुआ भइया अंकल ज्यादा मेहनत करवा रहे है क्या ?

भाई – नहीं वो बस gym में AC नहीं है  इसलिए बस थोड़ा। 

देखते ही देखते 5 महीने निकल गए पर भाई की न तो बॉडी बनी न तो वजन बड़ा। मैं परेशां होने लगी ऊपर से घर वाले भी भाई को बोलने लगे की तू फालतू के gym में पैसे दे रहा है। 

मैंने एक दिन सोचा की क्यों न मैं देख कर अउ की भाई आखिर करता क्या है gym में। 

तो मैं सुबह सुबह gym चली गई। अंदर gym में सुबह सुबह कुछ लड़के और लड़किया कसरत कर रहे थे। मैंने आगे पीछे हर जगह देखा पर भाई नहीं मिला। तब मैंने अंदर एक लड़के से gym वाले अंकल के बारे में पूछा। 

तो लड़के ने बताया की gym वाले अंकल इस वक्त ऊपर छत पर होते है। मैं धीरे धीरे ऊपर गई और देखा छत पर एक कमरे बना हुआ था। 

मैंने सोचा की एक बार कमरा भी देख लेती हूँ। मैं आगे बड़ी तो देखा मेरा भाई अंकल का लंड चूस रहे थे। 

कमरे का दरवाजा हकला सा खुला था जहा से मैं अंदर देखने लगी। 

मुझे अंकल की गांड दिख रही थी जिसे वो धीरे धीरे आगे पीछे कर मेरे भाई का मुँह चोदने में लगे थे।

वो कमरा स्टोर रूम था जहा gym का पुराना और बेकार सामान भरा था। उस धूल से भरे कमरे में मेरे भाई की जबरदस्त मोटे लंड से चुदाई हो रही थी। मुझे नहीं पता था की भाई गे थे। मैंने सेक्सी mastram ki kahaniyan तो पढ़ी थी जिसमे लड़के लड़के आपस में चुदाई करते है पर जब आँखों से देखा तो मेरी चुत झट से नम होने लगी। 

मुझे वहा खड़े अपनी भाई को ऐसा करते देख शर्म आने लगी। मुझे लगा था की मेरी भाई भी दूसरे लड़को की तरह भाभियो को चोदने के सपने देखता होगा और गन्दी गन्दी hot bhabhi sex फिल्म देखता होगा पर ऐसा नहीं था।

अंकल ने पहले मेरे भाई के मुँह को चोदा और फिर उसके होठों को चूमने लगे। मेरा मन तो अंदर जाकर अंकल के दो चाटे लगाने का था पर अपने भाई को ऐसा करता देख मैं डर गई। मैं पूरी लगन से अंकल के लंड को चूस रहे थे। 

ऊपर से अंकल का सेक्सी और ताकतवर शरीर देख मेरा बाहर खड़ी कामुक होने लगी और अपनी जांघो को आपस में रगड़ कर अंदर देखती रही। 

अंकल मेरे भाई को दबोच कर कभी उसके होठो को चूमते तो कभी उसके शरीर को। मैंने कभी ऐसा नजारा नहीं देखा था। दो मर्दो को आपस में ऐसा गंदा काम करता देख मेरा दुनिया पर से विश्वास उठ गया और मेरी चुत गीली हो गई। 

मैंने यहाँ वहा देखा और अपने पजामे में हाथ डाल कर चुत को सहलाने लगी। आकर का मोटा लंड खड़ा था और वो उसे  हिला हिला कर मेरे भाई को चूमे जा रहे थे। 

ऊपर से भाई भी कुछ कम नहीं था वो पहलवान अंकल की कभी बड़ी और सख्त छाती को चूमते तो कभी उनके लंड को। दोनों ही एक दूसरे से ऐसे सेक्स कर रहे थे जैसे उनकी शादी हो गई हो। 

कुछ देर बाद अंकल ने मेरे भाई का पजामा उतारा और उसके पतले लंड को मुँह में लेने लगे। 

भाई अंकल को लंड चुसवाते हुए तेज और सेक्सी आवाजे करने लगे और ऊपर कमरे की छत को देखने लगे। 

अंकल अपना मुँह हिला हिला कर भाई का लंड अपने मुँह में ले रहे थी और कुछ देर में ही भाई माँ लंड झड़ने लगा और अंकल का मुँह गंदे पानी से भर गया। 

अंकल ने अब तो माल पानी थूका या गले से नीचे उतरा वो तो मुझे नहीं पता लगा पर वो वापस खड़े हुए और मेरे को चूमने लगे। 

मैं कड़ी कामुक होती रही और अपनी गीली चुत को हल्के हाथ से सहलाती रही। 

मुँह की चुदाई के बाद अंकल ने मेरे भाई को हल्का सा झुकाया और उसकी गांड पर थूक कर अंदर उनलगी करने लगे। 

मुझे उस वक्त गिन आने लगी पर वो पल कामुक भी काफी थी। 

आकर ने गांड के छेद के मुहली करना शुरू कर दिया और भाई की गांड लंड के लिए तैयार करने लगे। 

अंदर कमरे में न तो पंखा था और न तो हवा आने जाने की हवा जिस वजह से दोनों पसीने से बेहाल हो चुके थे। 

उस वक्त मुझे समज आया की मेरा भाई gym में डंबल नहीं लंड उठा रहा था। 

इस तरह तो मेरा भाई और पतला हो जाएगा। 

अंकल ने भाई की गांड उनलगी से चोदी और उसके बाद अपने बड़े से टोपे को भाई की गांड ने घुसाने लगे। 

भाई चुपचाप झुक कर खड़ा रहा और अपनी गांड खोल कर अंकल का खड़ा लंड लेने लगा। 

अंकल ने धीरे से लंड अंदर डाला और उसकी गांड में चुदाई करने लगा। वो अपनी पहलवान सी गांड हिला हिला कर मेरे कमजोर भाई को किसी घस्ती रंडी की तरह चोदने लगा। 

भाई चुप चाप खड़े खड़े गहरी सासे लेते रहे और ऐसा लग रहा था जैसे उन्हें दर्द हो रहा हो। वो किसी तरह खड़े लंड को अपनी गांड में सहन करते रहे। 

अंकल – अहह अहह अहह उफ़ !! अहह अगली बार तेल लगाकर करेंगे ऐसे सूखे में दर्द होता है !!

भाई – हम्म्म !

बस अंकल ने भाई को दबा के चोदा और उनकी गांड को लाल कर दिया। अंकल ने मेरे भाई की कमर को अपने बड़े बड़े हाथो से जकड़ राखी थी। 

अंकल का मर्दाना शरीर देख मैं उनका लंड लेने का दिल करने लगा। 

अंकल ने भाई की गांड चोदते हुए भाई की गर्दन पकड़ी और आगे जाकर उसके होठो को चूमने लगे। 

तभी मेरी भाई की नजर मुझे पर पड़ गई। 

मुझे देखते ही भाई चिलाने लगे पर अंकल को पूरा जोश चढ़ा था और वो लगातार चुदाई करे जा रहे थे। 

उन्होंने भाई की गांड कस कर जकड़ राखी थी इसलिए भाई का कोई चांस ही नहीं था की वो पहलवान अंकल को हटा सके। 

मैं वही खड़ी रही और अपने भाई को बेशर्मो की तरह ऐसी हालत में देखती रही। 

तभी अंकल ने आखिर में एक जोर दार धका लगाया और अपना माल भाई की गांड में छोड़ दिया। 

उसके बाद भाई चुप हो गए और जैसे ही अंकल ने भाई की गांड से लंड निकाला भाई बेजान होकर जमीं पर गीर पड़े। 

तो दोस्तों ये थी मेरी गे सेक्स हिंदी कहानी आगे अच्छी लगी तो बताना और कहानी के अंत में मैं वहा से चली गई और अपने भाई से कभी आंखे नहीं मिलाई। 

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