मम्मी चली गई काम से बाहर, तो पापा ने चोद दिया बेटी को

यह कहानी एक परिवार की है जो दिल्ली में रहता है। यह एक Family sex story है, जोकि बहुत मज़ेदार और रोमांचक है, की कैसे एक सौतेला बाप, अपनी सौतेली बेटी के साथ कामवासना करता है। और जब मम्मी बाहेर चली गई काम से, तो उसने कैसे लड़की को मनाया। सब कुछ जाने इस अन्तर्वासना कहानी को पढ़कर।

यह कहानी दिल्ली शहर की है जहां पर एक सुखी परिवार रहता था। परिवार को रंजीत संभालता था, जिसने दूसरी शादी की थी। रंजीत में दूसरी शादी इसलिए की क्योंकि उसका पहली पत्नी से तलाक हो गया था। 

फिर रंजीत ने एक हाई प्रो-फाइल औरत से शादी करी जिसकी एक लड़की भी थी। वह लड़की कॉलेज के फर्स्ट ईयर में थी, और पढ़ने में बहुत ही होशियार थी। उस लड़की का नाम खुशी था जो कि एक शरारती स्वभाव वाली लड़की थी। मेरी कहानी “मम्मी चली गई काम से बाहर, तो पापा ने चोद दिया बेटी को” पढ़ कर कमेंट में जरूर बातये अपने विचार।  

रंजीत ने सोनिया, जोकि उसकी बीवी थी, उससे शादी इसलिए कि। क्योंकि वह बहुत ही सुंदर और हाई मिडिल क्लास से बिलॉन्ग करती थी। और साथ ही उसकी बेटी भी बहुत ही सुंदर और आकर्षक थी। रंजीत एक अच्छा व्यक्ति था परंतु वो अंतर्वासना से घिरा हुआ था। 

उसके अंदर कामवासना के विचार बहुत आते थे, और खासकर अपनी सौतेली बेटी को लेकर। रंजीत हमेशा यही सोचता रहता था, कि जिस तरह, वह अपनी बीवी की ले पाता है उसी तरह अपनी बेटी की भी ले पाता। और यह सोच सोच कर रंजीत गंदे गंदे ख्याल अपने मन में सोचता था। कि किसी तरह उसे अपनी सौतेली बेटी के साथ कामवासना करने को मिल जाए।

रंजीत यह दिखावा करता था, कि उसे अपनी बेटी से बहुत ही प्यार है। इस प्यार को दिखाने के बहाने वह खुशी के गले लगता था, और इधर-उधर उसे हाथ मारता था।

रंजीत कोई भी ऐसा मौका नहीं छोड़ता था जिसे उसे अपनी बेटी को छूने का मौका मिले। खुशी भी बहुत ही बोली थी और उसका चरित्र भी कुछ अच्छा नहीं था। 

खुशी के दो से ज्यादा बॉयफ्रेंड यानी पुरुष मित्र रह चुके थे। रंजीत को यह बात पता थी परंतु वह छुपा के रखता था। और खुशी का दूसरा ब्रेकअप तो रंजीत नहीं करवाया था उस लड़के को धमकाकर। एक दिन की बात है जब खुशी अपने घर आई कॉलेज से। 

तो वह तुरंत ही नहाने के लिए चली गई। रंजीत उस दिन घर पर ही था। 

खुशी नहाने के लिए गई तब रंजीत उसे छुपकर नहाते हुए देखता था। और खुशी के आकर्षक बदन को देख देख कर अपने लंड को मसलता था। खुशी ने उस दिन रंजीत को देख लिया कि पापा मुझे नहाते हुए देख रहे हैं। 

परंतु खुशी ने कुछ ना बोला और उसने यह बात दबा दी क्योंकि वह एक भोली लड़की थी। एक बार की बात है जब रात को खुशी अपने कमरे में पोर्न वीडियोस देख रही थी। क्योंकि उसे भी कामवासना में बहुत ही दिलचस्पी थी। 

रंजीत की बीवी ने उसे कहा – जा कर देख लो, खुशी सोए कि नहीं सोई। कहीं वह अभी तक तो फेसबुक और व्हाट्सएप नहीं चला रही है, और अपने दोस्तों से बात कर रही है। 

रंजीत ने कहा – ठीक है जा कर देख लेता हूं। और वह देखने के लिए खुशी के कमरे में चला गया। 

परंतु उसने यह देखा कि खुशी पोर्न वीडियोस देख रही है और उसे वासना चढ़ी हुई है। 

रंजीत ने एकदम से बोला – खुशी है क्या देख रही हो?

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खुशी बहुत ही घबरा गई और बोली पापा कुछ नहीं बस गेम खेल रही थी।

लेकिन रंजीत ने उसका फोन फट से उसके हाथों से छीन लिया। और यह पाया कि खुशी पोर्न वीडियो यानी अश्लील पिक्चरें देख रही थी।

रंजीत ने गुस्से से बोला – खुशी यह सब क्या है?

खुशी ने कहा – पापा कुछ नहीं, मैं अब बड़ी हो गई हूं, तो मेरा मन कर रहा था यह सब देखने का। पर प्लीज मम्मी को कुछ मत बताना वरना वह बहुत ही गुस्सा करेंगे।

जैसे रंजीत को इसी बात का इंतजार हो।

और उसने बोला – ठीक है। मैं कुछ नहीं बोलूंगा मम्मी से, लेकिन मेरा फायदा क्या होगा?

खुशी ने कहा – आपका फायदा मतलब?

रंजीत ने कहा – अब इतनी भी भोली मत बनो तुम्हें पता है, कि मैं तुम्हें नहाते हुए देखता हूं और मेरे अंदर तुम्हारे लिए अंतर्वासना की इच्छाएं हैं।

खुशी ने कहा – नहीं यह गलत है, और मैं आपके साथ यह सब नहीं कर सकती।

रंजीत ने उसे बोला – अगर तुम मेरी बात नहीं मानोगे तो मैं तुम्हारी मम्मी को सब बता दूंगा। और शायद मैं तुम्हारी मम्मी को छोड़ भी दूं।

यह सुनकर, खुशी दोबारा गई और बोला मम्मी काफी टाइम बाद तो खुश रहना शुरू हुई है जब से आप उनकी जिंदगी में आए हो।

क्योंकि खुशी के पिता का एक्सीडेंट हो गया था जिसके कारण वह स्वर्गवासी हो गए।

और खुशी ने कहा – मैं इसके बारे में सोच कर बताऊंगी।

रंजीत बोला – ठीक है, ध्यान से सोच लेना और अपना फैसला सोच समझ कर ही लेना।

यह रविवार की बात है, जब रंजीत की पत्नी किसी काम से बाहर चली गई। रंजीत और खुशी दोनों घर पर ही थे। यह रंजीत के लिए सुनहरा मौका था, और वह इसे बिल्कुल भी बेकार नहीं होने देता।

जैसे ही खुशी की मम्मी चली गई और रंजीत को भरोसा हो गया कि वह वापस नहीं आएगी। तब रंजीत जल्दी से खुशी के कमरे में गया।

और बोला – बेटा खुशी, तुमने क्या सोचा?

खुशी बोली – पता नहीं, लेकिन मुझे फिर भी यह सब गलत लग रहा है और मैं यह करना नहीं चाहती।

रंजीत बोला – अरे! इसमें गलत ही क्या है? मैं तुम्हारा सोतेला बाप हूं। और मुझे तुम बहुत अच्छी लगती हो। 

अगर तुम मेरी बात मान लोगी तो सब अच्छा-अच्छा हो जाएगा। तुम्हारी मम्मी भी खुश रहेंगी मुझसे और मैं तुम्हें भी, जो बोलोगी वह दिला दूंगा।

खुशी ने बोला – आप मुझे मेरी मन की चीज दिला दोगे।

रंजीत ने कहा – जो तुम बोलोगी, वह मैं दिला दूंगा चाहे वह कार हो, मोबाइल फोन हो, या फिर कुछ भी हो।

खुशी मान गई।

और रंजीत के मन में लड्डू फूटा ही जा रहे थे, और यह सोच-सोच कर उसके मुंह से लार टपक रही थी।

खुशी ने बोला – बताओ पापा कैसे शुरू करना है?

रंजीत ने कहा – जब तुम स्कूल की ड्रेस में थी तब बहुत ही प्यारी लगती थी। जाओ जाकर अपनी पुरानी स्कूल की ड्रेस पहन लो।

खुशी बोली – अब तो मुझे वह आएगी भी नहीं छोटी पड़ेगी।

परंतु,

रंजीत बोला – इसमें ही तो और ज्यादा मजा आएगा।

खुशी ने अपनी पुरानी स्कूल की ड्रेस पहन ली जो कि उसे छोटी पड़ रही थी। उसकी स्कर्ट इतनी छोटी पड़ रही थी कि खुशी के आधे चूतड़ दिख रहे थे।

और उसके ऊपर की शॉर्ट भी काफी छोटी हो गई थी, जिसमें उसके स्तन एकदम कस गए थे। खुशी के बड़े-बड़े स्तन छोटी शर्ट से, जैसे बाहर ही निकल आएंगे।

यह देखकर रनजीत का लंड खड़ा हो गया, और उसके लंड और मुंह दोनों से लार टपकने लगी।

उसने खुशी को गले लगा लिया और उसे चूमने लगा। और साथ ही वह खुशी की गांड पर अपना हाथ फेरने लगा। वह उसकी गांड भी बहुत जोर-जोर से दबा रहा था। फिर उसने खुशी के बड़े-बड़े चुँचो को दबाना शुरू कर दिया।

खुशी ने बोला – पापा धीरे से आप बहुत जोर से दबा रहे हो, दर्द हो रहा है।

रंजीत बोला – सॉरी बेटा, लेकिन क्या करूं? आप हो ही इतनी हॉट और सेक्सी।

फिर, रंजीत ने खुशी को बिस्तर पर लेटा दिया और उसके दोनों हाथों को ऊपर करके। उसके दोनों स्तनों के बीच में अपना लंड डालकर रगड़ने लगा।

खुशी के नरम-नरम स्तन इतने आनंदमय थे, कि रनजीत अपना लंड बहुत जोर-जोर से घीस रहा था। खुशी के चेहरे को यह देखकर लग रहा था, कि उसे भी बहुत खुशी हो रही हैं।

इसके बाद उसने खुशी की कच्छी उतार भी। और उसकी चूत को चाटने लगा कुत्ते की तरह।

खुशी बोली – पापा धीरे, आप मुझे बहुत ही जोर से चाट रहे हो।

रंजीत बोला – बेटा इसका स्वाद बहुत ही अच्छा है, मुझे बहुत मजा आ रहा है।

रंजीत बोला – उफ़! तुम्हारी खुशबू कितनी अच्छी है, यह मुझे और उत्साहित कर रही है।

इसके बाद रंजीत धीरे-धीरे अपना लंड खुशी की चूत में घुसाना शुरू कर दिया। और एक पल ऐसा आया कि, उसने अपना लंड अपने टट्टो तक पूरा उसकी चूत में घुसा दिया था।

खुशी एकदम से चीख पड़ी,

और बोली – पापा बहुत दर्द हो रहा है।

लेकिन रंजीत बोला – कोई बात नहीं, अभी मजा भी आने लग जाएगा।

और जब रंजीत ने अपनी कमर हिलाना शुरू करि। वैसे खुशी शांत हो गई और धीरे-धीरे आवाजें निकालने लगी। इसका मतलब यह था कि खुशी को बहुत ही मजा आ रहा था।

रंजीत ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और मैं अपनी कमर को जल्दी-जल्दी हिलाने लगा। जिस तरह वह अपनी बेटी खुशी को ठोक रहा था वैसे ही खुशी के स्थन जोर-जोर से हिल रहे थे, ऊपर-नीचे।

इसके बाद रंजीत और ज्यादा आक्रामक हो गया। और वो खुशी को जोर-जोर से चोदने लगा।

खुशी बोली – पापा धीरे! आप बहुत जोर-जोर से कर रहे हो।

परंतु रंजीत ना रुका।

उसके बाद खुशी बोली – “पापा आप तो बहुत ही मादरचोद हो, मुझे कितनी जोर-जोर से चोद रहे हो”।

यह सुनकर, रंजीत हैरान और उत्साहित दोनों हो गया। और फिर रंजीत और खुशी दोनों ने एक साथ चरम सुख की प्राप्ति कर रहे थे। जैसे ही रंजीत का झड़ने वाला था उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया। और खुशी बहुत जोर-जोर से सांसे ले रही थी क्योंकि उसने पहली बार चरम सुख की प्राप्ति की थी।

और यह Hindi sex story यहीं पर समाप्त होती है, आशा करते हैं आपको हमारी कहानी पसंद आई होगी। आप हमें अपनी भी अंतरवासना कहानी भेज सकते हैं। जिसे हम अपनी वेबसाइट पर साझा करेंगे, आपकी पूरी गोपनीयता के साथ।

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